REWA : सीएम पर दर्ज हो गैर इरादतन हत्या का मामला : कांग्रेसी बोले- रीवा में हुई 1 हजार मौतें, सरकार छिपा रही आंकड़ा

रीवा। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के खिलाफ भोपाल के क्राइम ब्रांच थाने में दर्ज हुई FIR के बाद प्रदेशभर में ​सियासत शुरू हो गई है। एफआईआर के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी रीवा द्वारा एसपी राकेश कुमार सिंह को ज्ञापन दिया गया है। साथ ही कांग्रेस पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग उठाई है। शिवराज सरकार पर निशाना साधते हुए कांग्रेसियों ने कहा कि अकेले रीवा जिले में 1000 के करीब मौतें हुई हैं।

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वहीं प्रदेशभर में 1 लाख से ऊपर लोगों ने कोरोना के कारण जान गवांई है। हेल्थ बुलेटिन में सरकार के आंकड़े कुछ और हैं। आपदा के समय झूठे आंकड़े जनता के सामने रखने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। कांग्रेसियों ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि यदि पुलिस और प्रशासन सीएम शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं करती तो अब याचना नहीं रण होगा। जिसकी जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की ही होगी।

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रीवा: सीएम पर दर्ज हो गैर इरादतन हत्या का मामला

एसपी कार्यालय में ज्ञापन देने के बाद कांग्रेस जिला अध्यक्ष त्रियुगी नारायण शुक्ला ने कहा कि कोरोना काल में शिवराज सरकार और उनकी मशीनरी झूठ फैलाई है। सरकारी रिकॉर्ड में अभी भी रीवा में मौत का आंकड़ा 100 भी नहीं पहुंचा। जबकि एक हजार से ज्यादा मौतें हो चुकी है। ऐसे में प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज करने की मांग कांग्रेस करती है। शहर अध्यक्ष गुरमीत सिंह मंकू ने कहा की कोरोना काल में हो रही मौतों के आंकड़ों को छिपा कर मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता के साथ जघन्य अपराध किया है। इनको अब जनता माफ नहीं करेगी।

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सतना: गांधी प्रतिमा के सामने एनएसयूआई ने दिया धरना

शहर में एनएसयूआई कार्यकर्ताओ ने सिविल लाइन चौराहा स्थित गांधी प्रतिमा के सामने धरना दिया। एनएसयूआई ने कहा कि एमपी में भाजपा व शिवराज सरकार कोरोना से मौत के आंकड़े छिपा रही है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने विरोध किया तो FIR दर्ज करा दी। जबकि एफआईआर तो शिवराज सिंह चौहान पर दर्ज होना चाहिए। क्योंकि सतना जिले में पिछले 44 दिनों में 800 से ज्यादा लोगों की कोरोना से मौतें हुई हैं। जबकि सरकारी रिकॉर्ड में एक सैकड़ा भी नहीं पहुंची। वहीं बीते तीन दिन पहले कांग्रेस ने ब्लॉक वार आंकड़े जुटाए थे। कांग्रेस ने दावा किया था कि जिनके घरों में मौतें हुई हैं। उनके परिजनों के मोबाइल नम्बर हमारे पास मौजूद हैं। सरकारी हेल्थ बुलेटिन को बताया सब झूठ है।

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