अक्षय तृतीया : पुराणों में उल्लेख/ सभी पापों का नाश करने वाली एवं सभी सुखों को प्रदान करने वाली तिथि : शादी करने जा रहे है तो जरूर पढ़े ये खबर

Akshaya Tritiya 2021वैशाख मास की शुक्ल पक्ष की तृतीया को इस बार कई शुभ योग बन रहे हैं जिससे अच्छे स्वास्थ्य के साथ ही शुभ फल की प्राप्ति होगी। हालांकि इस साल भी अक्षय तृतीया के मुहूर्त में कोरोना का ग्रहण लगा है लेकिन ज्योतिष शास्त्र के अनुसार अगर व्यक्ति घर पर ही दान पुण्य और जप-तप करे तो उसे शुभ फल की प्राप्ति होगी। पुराणों में उल्लेख है कि अक्षय तृतीया सभी पापों का नाश करने वाली एवं सभी सुखों को प्रदान करने वाली तिथि है। इस दिन किया गया दान-पुण्य एवं सत्कर्म अक्षय रहता है अर्थात कभी नष्ट नहीं होता। वैसे तो इस दिन कोई भी व्यक्ति अपनी भावना और श्रृद्धा के अनुसार कुछ भी दान करके पुण्य लाभ कमा सकता है, परन्तु ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यदि आप अपनी राशि के अनुसार अक्षय तृतीया पर दान पुण्य और पूजा पाठ करें तो आपकी सभी मनोकामनाएं शीघ्र पूरी होंगी।

सुकर्मा के बाद शुरू होगा धृति योग : इस वर्ष अक्षय तृतीया पर रोहिणी नक्षत्र में सुकर्मा और धृति योग बन रहा है। ज्योतिष में ये दोनों ही योग बहुत शुभ माने गए हैं। 14 मई रात्रि 12 बजकर 25 मिनट से 01 बजकर 56 मिनट तक सुकर्मा योग रहेगा और इसके बाद धृति योग शुरू हो जाएगा। ज्योतिष गणना के अनुसार अक्षय तृतीया की तिथि 13 मई को रात 3 बजकर 36 मिनट से 14 मई 2021 को रात 5 बजकर 17 बजे तक रहेगी। अक्षय तृतीया की तिथि पर सर्वार्थ सिद्धि योग और मानस योग का निर्माण हो रहा है, जो इस दिन के महत्व में वृद्धि करते हैं। विशेष बात ये है कि रोहिणी नक्षत्र और मृगशिरा नक्षत्र अक्षय तृतीया की तिथि में ही रहेंगे। इस स्थिति को भी शुभ माना जा रहा है। अक्षय तृतीया पर स्वयं सिद्धि मुहूर्त का निर्माण होने से शुभ कार्य और मांगलिक कार्य किए जा सकते हैं।

सुकर्मा योग में मिलता है मांगलिक फल

ज्योतिष के अनुसार, सुकर्मा योग में कोई भी नया काम जैसे नौकरी या फिर धर्म से जुड़ा कोई काम करने पर मांगलिक फल की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही बाधाएं भी नष्ट हो जाती हैं। सुकर्मा योग में जातकों को भगवान की पूजा अर्चना और दया, करुणा और ममता जैसे अच्छे काम करने पर शुभ फल मिलता है।

धृति योग देता है धैर्य का संकेत: ज्योतिष के अनुसार, धृति योग मकान-जमीन आदि का नींव पूजा, शिलान्यास, भूमिपूजन करने पर मांगलिक फल मिलता है। इस योग में किए गए कार्यों में धैर्य रखना होता है।

अक्षय तृतीया पर इस बार विशेष योग बन रहा है जिसमें राशि के अनुसार पूजन करने से अभीष्ट फल की प्राप्ति होती है। - पंडित सौरभ दुबे, ज्योतिषाचार्य

सुकर्मा योग और धृति योग में किए गए कार्य हमेशा फलदायी और संतोषजनक होते हैं हमें मुहूर्त का ध्यान रखना चाहिए। - पंडित प्रवीण मोहन शर्मा, ज्योतिषाचार्य

राशि के अनुसार ऐसे करें पूजन

मेष- इस राशि के जातकों को भगवान शंकर का रुद्राभिषेक करना लाभकारक रहेगा दूध का दान करना भी सुखद रहेगा।

वृष- इस राशि के जातकों को महालक्ष्मी का पूजन, श्री सूक्त का पाठ करना, बेलपत्र से हवन करना कोरोनाकाल एवं अक्षय तृतीया में पुण्य फलदायी रहेगा।

मिथुन- इस राशि के जातकों को भगवान गणेश का पूजन करना चाहिए। 21 दूर्वा भगवान गणेश को अक्षय तृतीया पर अर्पित करना श्रेयस्कर रहेगा।

कर्क- इस राशि के जातकों को भगवान शिव का अभिषेक करना चाहिए। पंचाक्षरी मंत्र का जाप करना लाभदायक रहेगा।

सिंह- इस राशि के जातकों को हनुमान जी का पूजन करना चाहिए सिंदूर अर्पण करना चाहिए तथा लड्डुओं का भोग लगाना लाभकारक रहेगा।

कन्या- इस राशि के जातकों को लक्ष्मी जी का पूजन करना चाहिए। दूध एवं खीर का भोग लगाना फलदायी रहेगा।

तुला- इस राशि के जातकों को अक्षय तृतीया पर श्री यंत्र का पूजन करना चाहिए। श्री सूक्त एवं कनकधारा स्तोत्र का पाठ, हवन पुण्य फलदयी रहेगा।

वृश्चिक- इस राशि के जातकों को हनुमान जी की कृपा प्राप्त करने हेतु पूजन करना एवं सुंदरकांड का पाठ करना लाभकारक रहेगा।

धनु- इस राशि के जातकों को भगवान विष्णु का पूजन करना चाहिए। विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करना लाभप्रद रहेगा।

मकर- इस राशि के जातकों को हनुमान चालीसा के 11 पाठ करना श्रेयस्कर रहेगा।

कुंभ- इस राशि के जातकों को भगवान कुबेर एवं लक्ष्मी का दूध से अभिषेक करना चाहिए। श्रीयंत्र पूजन एवं कनकधारा का पाठ करना उत्तम फलदायी रहेगा।

मीन- इस राशि के जातकों को भगवान विष्णु का एवं माता लक्ष्मी का पूजन करना चाहिए पुरुष सूक्त से अभिषेक करना लाभप्रद रहेगा।

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