MP : बड़ा फैसला : प्रिंट, इलेक्ट्रानिक व डिजिटल मीडिया कर्मियों व उनके परिवार का काेराेना के इलाज का खर्च उठाएगी सरकार

मध्यप्रदेश में मीडियाकर्मियों और उनके परिवार का कोरोना के इलाज का खर्च सरकर उठाएगी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल मीडिया के सभी अधिमान्य और गैर अधिमान्य पत्रकारों का कोरोना के इलाज की चिंता सरकार करेगी। इसमें डेस्क में कार्यरत पत्रकार, कैमरामैन व फोटोग्राफर सभी को कवर किया जाएगा।

ब्लैक फंगस से जंग की तैयारी शुरु : अब रीवा, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, इंदौर में बनेगा विशेष वार्ड : CM ने दिए निर्देश

मध्यप्रदेश में कई मीडियाकर्मी कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं। इनके इलाज को लेकर पत्रकार संगठनों ने पिछले दिनों मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी। इसके अलावा जिला स्तर पर पत्रकार संगठनों ने कलेक्टरों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन भी सौंपे थे।

बसों पर प्रतिबंध बढ़ा : अब 23 मई तक आने जाने वाली सभी बसें पूर्ण रूप से बंद : आदेश जारी

मुख्यमंत्री ने कहा, कोरोना के इस संक्रमण काल में मीडिया कर्मी पत्रकारिता के धर्म का और अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहे हैं। इस दौरान कई पत्रकार कोरोना की चपेट में आ चुके हैं। इनमें से कई पत्रकारों का निधन भी हो चुका है। ऐसे हालातों में जरूरी है कि उनका इलाज ठीक तरीके से हो जाए। ऐसे में सरकार ने फैसला लिया है कि प्रिंट, इलेट्रानिक और डिजिटल मीडिया के संपादकीय विभाग में कार्यरत सभी कर्मचारियों व उनके परिवार का इलाज सरकार कराएगी।

यात्री कृपया ध्यान दें : इंदौर-जबलपुर OVER NIGHT के बाद अब इंदौर-भिंड और इंदौर ग्वालियर ट्रेन भी कैंसिल

बता दें कि मध्यप्रदेश में अधिमान्य और गैर अधिमान्य पत्रकारों को पहले से ही पत्रकार बीमा योजना अंतर्गत इलाज की व्यवस्था की गई है। पत्रकार कल्याण योजना द्वारा सहायता दी जा रही है।

केंद्र सरकार पत्रकारों की मदद के लिए पत्रकार कल्याण योजना संचालित कर रही है...

पत्रकार की मृत्यु होने पर आश्रितों को 5 लाख की आर्थिक सहायता देने का प्रावधान है, स्थाई दिव्यांगता पर पांच लाख गंभीर बीमारी की दशा में 3 लाख रुपये तथा किसी गंभीर दुर्घटना के कारण उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती होने पर दो लाख रुपये देने का प्रावधान है .

बड़ा हादसा : अनियंत्रित ट्रक बाइक सवार तीन लोगों को रौंदते हुए पलटा, किशोरी, महिला और एक पुरुष जिंदा जले

केंद्र सरकार पत्रकारों की मदद के लिए पत्रकार कल्याण योजना संचालित कर रही है, योजना की पात्रता के लिए भारत सरकार या किसी राज्य व केंद्र शासित प्रदेश की सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त होना चाहिए, यदि मान्यता प्राप्त नहीं है तथा वे प्रिंट, इलेक्ट्रानिक अथवा वेब आधारित सेवाओं से पिछले कम से कम पांच वर्षों से जुड़े हैं तो भी वे इस योजना के दायरे में आएंगे. 

​सिंगरौली : क्राइसिस मैनेजमेंट की बैठक फैसला : 24 मई की सुबह 6 बजे तक रहेगा टोटल लॉकडाउन, 31 मई तक शादी की अनुमति नहीं

अपर मुख्य सचिव सूचना नवनीत सहगल ने बताया कि पत्रकार की मृत्यु होने पर उनके आश्रितों को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिए जाने का प्रावधान है .

शिवराज बोले जल्‍दी ही कोरोना संकट होगा खत्‍म, फिलहाल लॉकडाउन बढ़ना तय : 5% से कम संक्रमण दर वाले जिलों का भेजें प्रस्ताव

स्थाई दिव्यांगता के मामले में पत्रकार को पांच लाख रुपये, कैंसर, रीनल फेल्योर, बाई पास, ओपेन हार्ट सर्जरी, एंजियोप्लास्टी, ब्रेन हैमरेज और लकवाग्रस्त होने जैसी गंभीर बीमारी की दशा में 3 लाख रुपये तथा किसी गंभीर दुर्घटना के कारण उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती होने पर 2 लाख रुपये देने का प्रावधान है।

Powered by Blogger.