सिंगरौली : लॉकडाउन में भारी संख्या पर ग्रामीणों ने लगा रखी थी सब्जियों की दुकान, पैट्रोलिंग कर रही पुलिस पर ग्रामीणों ने की जमकर पत्थरबाजी : SDM, CSP समेत कई अफसर भागे



सिंगरौली जिले में बाजार बंद कराने गई पुलिस-प्रशासन की टीम को महिलाओं और बच्चों के समूह ने पथराव कर भगा दिया। बड़ी संख्या में बाजार में एकत्र हुई भीड़ ने जमकर पत्थरबाजी की है। हालांकि सभी अधिकारी सुरक्षित हैं, लेकिन कुछ वाहनों में तोड़फोड़ की प्राथमिक जानकारी सामने आ रही है। इस वारदात में एसडीएम, तहसीलदार, सीएसपी, थाना प्रभारी और नगर निगम के वाहन भी प्रभावित हुए हैं। वहीं पुलिस और प्रशासनकि अधिकारियों की टीम ने दौड़कर अपने अपने वाहनों में बैठकर विवादित स्थान से भाग गए हैं। इस संबंध में एसपी और एएसपी का कहना है कि पूरे मामले की जांच कराएंगे। अगर बाजार के लोग दोषी पाए गए तो सब पर महामारी ​अधिनियम के तहम मामला दर्ज होगा।

ये है मामला

सोमवार सुबह करीब 10 बजे नगर निगम की टीम द्वारा पुलिस और राजस्व विभाग को सूचना दी गई। निगम अधिकारियों ने बताया कि बैढ़न कोतवाली थाना क्षेत्र के परसौना से पहले हिर्वाह बस्ती में रिलायंस कन्वेयर बेल्ट के नीचे कोरोना कर्फ्यू का उल्लंघन हो रहा है। ऐसे में 10.30 बजे पूरे अधिकारी पहुंच गए। जैसे ही बस्ती के लोगों को बाजार बंद कराने के लिए सख्ती दिखाई तो वे आक्रोशित होकर भड़क गए। पुलिस ने डंडा दिखाया तो वे लोग पत्थर लेकर खड़े हो गए। ऐसे में पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया तो वे शोर मचा दिया, जिससे देखते ही देखते बस्ती के सैकड़ों लोग एकत्र हो गए। भीड़ देखते ही बाजार में दुकान लगाकर निमयों को तोड़ने वालों ने नगर निगम के अधिकारियों सहित पुलिस और प्रशासन के जिम्मेदारों का दौड़ा लिया। कोई शोर मचा रहा था तो कई लोग पत्थर से हमला कर रहे थे।

जान बचाकर भागे अधिकारी

जिस समय वारदात हुई उस समय पुलिस प्रशासन और नगर निगम को मिलाकर आधा दर्जन वाहन थे, जिससे अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक पत्थरबाजी के बाद भागने के लिए मजबूर हो गए। सब अधिकारी भागकर बैढ़न कोतवाली पहुंचे। जहां कुछ देर बाद एसपी और एएसपी सहित जिलेभर के आला अधिकारी आगे की रणनीति बना रहे हैं। वहीं एएसपी का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। अगर बाजार के लोग दोषी मिले तो सब पर महामारी अधिनियिम के तहत प्रकरण दर्ज होगा।

सब्जी बेच रहे ग्रामीणों ने किया पथराव

नगर निगम के अधिकारियों का कहना है​ कि पत्थर बाजों में सबसे ज्यादा सब्जी की दुकान लगाने वाले लोग थे। बाकी अन्य किसी को प्रशासन के दखलंदाजी के दिक्कत नहीं थी। वहीं सब्जी व्यापारियों का कहना है कि जब जिला प्रशासन द्वारा ही हिर्वाह में स्थायी रूप से सब्जी मंडी तय की थी तो यहां नहीं आना चाहिए था। वहीं कुछ लोगों ने प्रशासन की कार्रवाई की अफवाह भी फैलाई थी जिससे भारी संख्या में ग्रामीण भी एकत्र होकर प्रशासन की कार्रवाई का विरोध करने लगे।

एएसपी ने की शांति बनाए रखने की अपील

नगर निगम की टीम व पुलिस प्रशासन के उपर पत्थरबाजी का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनकर ने शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि लायन आर्डर जैसी कोई बात नहीं है। सब कंट्रोल में है। सिर्फ सोशल मीडिया ने अफवाह का रूप दिया है। पूरे मामले की जांच की जा रही है। अगर सब्जी व्यापारियों की गलती मिलेगी तो सब पर मामला दर्ज होगा।

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