MP : प्रदेश के 6 मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टर 31 मई को करेंगे इमरजेंसी ड्यूटी बंद, आश्वासन के 23 दिन बाद भी मांगे पूरी नहीं की

प्रदेश के 6 मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टरों ने 31 मई से फिर हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है। उनका आरोप है कि मांगों को मानने के आश्वासन के 23 दिन बाद भी कोई आदेश नहीं जारी किए गए है। ऐसे में उनको हड़ताल पर जाने के लिए विवस होना पड़ रहा है। जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अरविंद मीणा ने बताया कि 6 मई को जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन ने 6 सूत्री मांगी रखी थी। उनको न मानने पर विश्वास होकर हड़ताल करनी पड़ी। 

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इन चीजों पर ध्यान देते हुए चिकित्सा शिक्षा मंत्री, एसीएस हेल्थ, मेडिकल एजुकेशान कमिश्नर और सभी अधिष्ठाना ने सर्वसम्मति से हमारी मांगो को पूरा करने का आश्वासन दिया था। इसके बावजूद 23 दिन बाद भी सरकार ने इन मांगों को पूरा करने संबंधी कोई कार्रवाई नहीं की। अब सरकार 30 मई तक लिखित में हमारी मांगों का आदेश नहीं निकालती है तो जूनियर डॉक्टर्स को 31 मई को विवश होकर हड़ताल पर जाना पड़ेगा। इस दिन डॉक्टर इमरजेंसी में अपनी सेवाएं नहीं देंगे। इसके बाद सरकार 31 मई को भी मांगों के संबंध में कोई कार्रवाई नहीं करती है तो फिर जूनियर डॉक्टर 1 जून से कोविड में भी सेवा देना बंद कर दें। साथ ही यदि सरकार इन वादों में से किसी भी वादे से मुकरती है तो हमारा पिछला समझौता निरस्त माना जाएगा।


यह है मांगे

जूनियर डॉक्टरों की स्टाइपेंड में 24 प्रतिशत करके 55000 से बढ़ाकर 68,200 एवं 57,000 से बढ़ाकर 70680 एवं 59,000 से बढ़ाकर 73,160 किया जाए।

हर साल वार्षिक 6 प्रतिशत की बढ़ोतरी बेसिक स्टाइपेंड पर दी जाएं।

पीजी करने के बाद 1 साल के ग्रामीण बांड को कोविड की ड्यूटी के बदले हटाने के लिए एक कमेटी बनाई जाएं, जिसमें जूडा के प्रतिनिधि भी शामिल हो

कोविड ड्यूटी में कार्यरत जूनियर डॉक्टर को 10 नंबर का एक गजेड सर्टिफिकेट दिया जाए, जो उसको सरकारी नोकरी में प्राथमिकता दें

कोविड में काम करने वाले जूनियर डॉक्टर और उनके परिवार के लिए अस्पताल में एक एरिया और बेड रिजर्व किया जाए। साथ ही नि:शुल्क इलाज उपलब्ध कराया जाए

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