डिलीवरी के बाद कब सेफ है सेक्स करना, जानें

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प्रेगनेंसी में कुछ महिलाओं की डिलीवरी नॉर्मल होती है, तो कुछ की सीजेरियन करनी पड़ती है। किसी भी तरीके से डिलीवरी हो, शरीर को वापस पहले की तरह सामान्‍य होने में काफी समय लगता है, ऐसे में डिलीवरी के बाद फिजिकल रिलेशनशिप बनाने में जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। डॉक्टर की राय में दोबारा सेक्‍स करने से पहले कम से कम 4 से 6 सप्ताह तक का गैप रखना जरूरी है। इससे सर्विक्‍स को बंद होने का समय मिल जाता है। शरीर अच्छी तरह से हील कर जाता है। ऐसे में डिलीवरी के बाद अक्सर महिलाएं इस बात को लेकर चिंतित रहती हैं कि पार्टनर के साथ सेक्स कब करें। बच्चे के जन्म के लगभग तीन सप्ताह के बाद महिलाएं सेक्स करने के लिए तैयार होती हैं। ऐसा इसलिए, क्योंकि इस समय तक प्रसव के बाद होने वाले रक्तस्राव की समस्या खत्म हो जाती है। Also Read - Ayurvedic Medicine For Covid: कोरोना मरीजों का अब इन 2 आयुर्वेदिक दवाओं से होगा इलाज, वितरण शुरू

डिलीवरी के बाद सेक्स करने का सही समय

नॉर्मल डिलीवरी

यदि बच्चा नार्मल हुआ हो तो, प्रसव के बाद कब सेक्स करना उचित है। इसके लिए डॉक्टर से सलाह ले लें क्योंकि इस दौरान संक्रमण होने का खतरा बहुत अधिक होता है। दरअसल, प्लेसेंटा के बाहर निकलने से गर्भाशय पूरी तरह से जख्मी हो जाता है और इसके घाव को भरने में थोड़ा समय लगता है।

छह हफ्ते तक करें इंतजार

कुछ लोग बच्चे के जन्म लेने के एक महीने के अंदर ही सेक्स करना शुरू कर देते हैं, यह सही नहीं है। सेक्स करने के लिए कम से कम छह सप्ताह तक इंतजार करें। खासतौर से, जिन महिलाओं का पेरिनियम क्षेत्र प्रसव के दौरान फट जाता या वहां चीरा लगाया जाता है। उन्हें कुछ दिन का इंतजार जरूर करना चाहिए।

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सिजेरियन डिलीवरी

यदि सिजेरियन डिलीवरी हुई है तो कम से कम 6 हफ्तों के बाद यौन संबंध बनाएं लेकिन डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें। इससे यह पता चल सकेगा कि सिजेरियन के बाद जो टांके लगे हैं, वो ठीक से भरे हैं या नहीं। ऑपरेशन के बाद होने वाली ब्लीडिंग रुकी है कि नहीं क्योंकि प्रसव में ब्लीडिंग यूट्रस के अंदर से होती है, जहां पर प्लासेंटा स्थित होता है। हालांकि, यह ब्लीडिंग हर गर्भवती महिला को होती है, चाहे उस की डिलीवरी नॉर्मल हुई हो या सिजेरियन। एक बार डॉक्‍टर सेक्स करने की इजाजत दे देता है, तो सेक्स के दौरान ध्यान रखें कि टांके पर किसी तरह का कोई दबाव न पड़े। ऐसे में सेक्स के दौरान अपने पोजीशन का जरूर ध्यान रखें।

डिलीवरी के बाद जब करें पहली बार सेक्‍स

फोरप्ले करें। यह अद्भुत सेक्स के लिए एक मात्र मंत्र है। अगर आपको सेक्स करने में तकलीफ है, तो कुछ दिनों के लिए फोरप्ले से काम चलाएं। सेक्स की शुरुआत धीमी गति से ही करें।

सेक्स के दौरान कोई दर्द या तकलीफ महसूस हो रही है तो अपने पार्टनर को जरूर बताएं ताकि दोनों मिलकर उसका हल निकल सकें।

स्तनपान और हार्मोनल परिवर्तन से आमतौर पर योनि में सूखापन आता है इसलिए खुद को लुब्रीकेट करें।

कीगेल एक्सरसाइज करें। ये आपकी पेल्विक फ्लोर मांसपेशियों में सुधार लाने का काम करता है। पोस्ट-डिलीवरी के बाद ये बहुत लाभप्रद है।

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