REWA : प्राणवायु की अवैध तस्करी करने वाले सौदागरों पर शिकंजा कसने पुलिस ने गठित की स्पेशल टीम

रीवा। कोरोना आपदा में रेमडेसिविर सहित अन्य जीवन रक्षक दवाओं की कालाबाजारी को रोकने के लिए पीएचक्यू के ​निर्देश पर स्पेशल टीम बनाई गई है। साथ ही ये टीम प्राणवायु की अवैध तस्करी करने वाले सौदागरों पर शिकंजा कसेगी। पुलिस मुख्यालय का निर्देश है कि सभी जिलों में गठित टीमें सख्त कार्रवाई करते अवैध कार्यों में लिप्त लोगों की धर पकड़ करेगी। इस टीम का नेतृत्व एडिशनल एसपी को दिया गया है। जो मुख्य पर्यवेक्षण अधिकारी के तौर पर अपनी टीम से समन्वय बनाकर कालाबाजारी पर नजर रखते हुए कार्रवाई करेगी।

टीम में होंगे ये सात अधिकारी

पुलिस अधीक्षक रीवा राकेश कुमार सिंह ने विशेष टीम का गठन कर एएसपी मउगंज विजय डाबर को मुख्य पर्यवेक्षण अधिकारी बनाया गया है। जिनके मोबाइल नंबर 9425460607 पर सूचना दी जा सकती है। वहीं सहायक पर्यवेक्षण अधिकारी सीएसपी रीवा सच्चिदानंद प्रसाद व सहायक अधिकारी के तौर पर थाना प्रभारी सिटी कोतवाली निरीक्षक एपी​ सिंह, अंगुल चिन्ह शाखा के निरीक्षक वीरेन्द्र पटेल, थाना प्रभारी अमहिया उप निरीक्षक शिवा अग्रवाल, थाना प्रभारी बिछिया उप निरीक्षक जगदीश सिंह ठाकुर सहित जिला विशेष शाखा से उप निरीक्षक अशोक पाण्डेय को टीम में शामिल किया गया।

गुजरात पुलिस ने पकड़ा था रीवा के तस्कर को

रेमडेसिविर इजेक्शन की देश प्रदेश में बड़े स्तर पर तस्करी करने वाले मामले में रीवा के तस्कर सुनील मिश्रा का नाम आ चुका है। जो गुजरात के सूरत शहर में एक फार्म हाउस में नकली इजेक्शन बनाकर मजबूर लोगों को 20 से 30 हजार रुपए में बेंचते थे। इन्होंने टीम बनाकर पूरे देश में नेटवर्क फैला रखा था। जिसको एक सप्ताह पहले रीवा के आरोपी को गुजरात पुलिस बेनकाब कर चुकी है। वहीं तराई क्षेत्र के डभौरा में भी एक आरोपी हरियाणा के पीड़ित से रेमडेसिविर इजेक्शन के नाम पर ठगी कर चुका था। ऐसे में रीवा जिला जीवन रक्षक दवाओं की कालाबाजारी का गढ़ बनता जा रहा था। इसीलिए स्पेशल टीम का गठन कर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए है।

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