REWA : केस वापस लेने की उठाई मांग/ भाजपा नेताओं के धरने पर कार्रवाई नहीं, छोटे व्यापारी और मौ​लवियों पर उल्लंघन का केस

रीवा। कोरोना आपदा में गाइडलाइन का पालन करा रही रीवा पुलिस पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगा है। महिला कांग्रेस की कार्यवाहक प्रदेशाध्यक्ष कविता पांडेय ने कहा है कि एक तरफ भाजपा नेता धरना देते हैं, तो कार्रवाई नहीं होती। वहीं, आम जनता व छोटे व्यापारी रोजी रोटी के लिए निकलते हैं, तो जुर्माना कर दिया जाता है।

यहां तक कि ईद के मौके पर मौ​लवियों और नमाजियों के ​खिलाफ गाइडलाइन के उल्लंघन की एफआईआर तक दर्ज कर ली गई। यह द्वेषपूर्ण कार्रवाई है। ऐसे में एसपी राकेश सिंह को महिला कांग्रेस की कार्यवाहक प्रदेशाध्यक्ष कविता पांडेय और जिला अल्पसंख्यक विभाग के अध्यक्ष रफीक अंसारी ने ज्ञापन सौंपकर केस वापस लेने की मांग उठाई है।

क्या लिखा ज्ञापन में

ज्ञापन में बताया, कोरोना आपदा में धारा 144 लागू कर जिले को लॉकडाउन किया गया था। शादी, धरना प्रदर्शन, राजनीतिक कार्यक्रम आदि प्रतिबंधित थे। ऐसे में पुलिस और प्रशासन के अधिकारी सड़कों पर डटे रहे। वहीं, कांग्रेस पार्टी नियमों का पालन करने के लिए घरों में कैद रही। कई जगह विसंगति पूर्ण कार्रवाई के बाद भी चुप रहे, जबकि 

जिले में दो प्रकार के कानून चलते रहे। एक तरह भाजपा वाले नियम तोड़ते रहे, तो कुछ ​नहीं हुआ। वहीं, दूसरी तरफ किसानों, आमजनों व व्यापरियों पर लगातार डंडे बरसते रहे।

प्रभारी मंत्री व सांसद पर दर्ज हो मामला

इसी तरह, 14 मई को ईद के पर्व पर कानून का उल्लंघन करने वाले शहर की 5 मस्जिदों के मौलवियों व अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। यदि कानून सबके लिए एक है, तो कानून का पालन करते हुए नियम विरुद्ध करहिया सब्जी मंडी में हुई रीवा विधायक की उपस्थिति में बैठक पर भी संज्ञान लेकर उपस्थित सभी लोगों पर मामला दर्ज किया जाय। वहीं, 5 मई को प्रभारी मंत्री व सांसद की उपस्थित में दिए गए धरने पर मामला दर्ज नहीं किया गया। यदि कानून सबके लिए एक है तो धरना देने वाले सभी जनप्रतिनिधियों के विरुद्ध केस दर्ज किया जाए। अगर इनके ऊपर केस दर्ज नहीं हो रहा है, तो जिन पर दर्ज है, उनके भी केस वापस लिए जाएं।

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