REWA : किसके मार्गदर्शन से बिक रही शराब ? शहरी इलाकों से लेकर ग्रामीण इलाकों तक में गली गली बिक रही अंग्रेजी व देशी शराब

रीवा। कोरोना महामारी के चलते मध्यप्रदेश सरकार द्वारा 14 अप्रैल रात से सम्पूर्ण लॉकडाउन की घोषणा की गई है,जिस आदेश के तहत आवश्यक वस्तु जैसे दवा,दूध,फल एवं सब्जी विक्रेताओं को निर्धारित समय के लिए दुकाने खोलने की इजाजत दी गई वहीं किराना व्यवसायियों को दुकान न खोलकर होम डिलवरी की इजाजत दी गई किंतु थोक एवं फुटकर व्यवसायियों के लिए कोई अलग से गाइडलाइन नहीं जारी की गई।जिसके चलते पुलिस का कहर थोक एवं फुटकर किराना व्यवसायियों के ऊपर तो जमकर टूटा,छोटे छोटे दुकानदारों के खिलाफ पुलिस द्वारा आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कार्यवाही की गई और आर्थिक दंड भी लगाया गया सबसे मजेदार बात यह रही कि रीवा जिले के पुलिस कप्तान द्वारा पदभार ग्रहण करने के बाद ही नशे के कारोबारियों के खिलाफ कार्यवाही करने का जो अभियान चलाया गया था वह अभियान लॉकडाउन के दौरान पूरी तरह फैल साबित हुआ।

कुछ जगह जरूर नशीली कफ शिरप के कारोबारियों के खिलाफ कार्यवाही हुई किंतु लॉकडाउन के दौरान किसी भी बड़े शराब कारोबारी के खिलाफ कोई भी कार्यवाही नहीं हुई न ही कोई इस तरह की खबरें किसी मीडिया प्लेटफार्म से सामने आई।जबकि इन 46 दिनों में शहर के साथ साथ पूरे जिले में शायद ही ऐसा कोई इलाका रहा हो जहां खुलेआम शराब बिक्री का मामला प्रकाश में न आया हो।अगर शहर की बात की जाय तो सिटीकोतवाली थानांतर्गत तरहटी मोहल्ला एवं पचमठा, निपनिया,घोघर, सहित अन्य इलाकों के साथ साथ चाहे बिछिया थाना हो या अमहिया या सिविल लाइन हो या फिर चोरहटा सहित पूरे जिले में शराब के शौकीनों को बहुत ही आसानी से देसी से लेकर अंग्रेजी शराब की हर ब्रांड बहुत ही आसानी से उपलब्ध हो रही है।

पुलिस के संरक्षण के बिना सम्भव नहीं है अवैध शराब का कारोबार

जिस तरह पूरे जिले में इस लॉकडाउन के दौरान शराब का कारोबार फल-फूल रहा है उसे देखते हुए यह कहना अतिश्योक्ति नहीं होगी कि बिना पुलिस के संरक्षण के इस तरह का कारोबार संभव है।इन अवैध कारोबार से जुड़े सूत्रों की मानें तो पुलिस के आला अधिकारियों तक शराब ठेकेदार द्वारा हर माह एक मोटी रकम पहुंचाई जा रही है,जिसके एवज में शहर के साथ साथ पूरे जिले में शराब के कारोबारी बेखौफ होकर अपना कारोबार संचालित कर रहे हैं।

आखिर कहां से आ रही शराब

जिले में 45 दिन से लॉकडाउन चल रहा है,गली मोहल्लों में अवैध शराब बिक रही है,बड़ा सवाल यह है कि आखिर यह शराब कहां से आ रही है।शराब दुकानें बंद है,शराब कारखाना समेत वेयर हाउस भी बंद है।सूत्रों की माने तो पुलिस के संरक्षण में ही रात 2 बजे से 5 बजे तक वेयरहाउस से ही शराब का जिले भर में परिवहन होता है और पैकारों तक शराब दुकान से शराब पहुंचाई जा रही है।यदि यह बात गलत है तो जिले के आला अफसर मीडिया के समक्ष इस लॉकडाउन में किसी भी शराब दुकान एवम वेयर हाउस के स्टॉक पंजी एवं वितरण पंजी का निरीक्षण कर लें।हकीकत सामने आ जायेगी की लॉकडाउन से पहले दुकान में रखी शराब कहाँ गायब हो गई।

पुलिस अधीक्षक पर सोशल मीडिया में फूट रहा लोगों का गुस्सा

इस समय सोशल मीडिया में नागरिकों का गुस्सा जिला पुलिस के कप्तान पर फूट रहा है,लोग सोशल मीडिया में लिख रहे हैं कि छोटे दुकानदारों के ऊपर चालानी कार्यवाही एवं मुकदमे दर्ज किए जा रहें लेकिन जिले में बिक रही अवैध शराब पर पुलिस मौन क्यों हैं?

आबकारी विभाग कर रहा कार्यवाही

इस लॉकडाउन में आबकारी विभाग निरंतर अभियान चलाकर कार्यवाही कर रहा है,प्रतिदिन सैकड़ो किवंटल महुआ लहान नष्ट किये जा रहे हैं साथ ही आबकारी अधिनियम के तहत कार्यवाही की जा रही है,लेकिन आबकारी विभाग भी देशी व अंग्रेजी शराब के अवैध कारोबार करने वालों से पहुंच से दूर है।

इन दामों में मिल रही अवैध शराब

ब्रांड का नाम     कीमत (180ml)

देशी प्लेन              140-160

देशी मसाला         170-190

अंग्रेजी गोवा          200-225

बैकपाइपर            250-275

मैकडावल             300-325

रॉयल स्टेज            350-400

ब्लैंडर                     500

ये सभी कीमते 180 मिली लीटर शराब की हैं। इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि इस अवैध शराब करोबार से जुड़े लोग कितनी मोटी रकम कमा रहे हैं किंतु गली मोहल्लों में छोटी छोटी किराना की दुकान संचालित करने वाले व्यापारियों के खिलाफ पुलिस द्वारा हजार से लेकर 5 हजार तक आर्थिक जुर्माना ठोंका जा रहा है साथ ही आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कार्यवाही की जा रही है।

निरंतर जिला पुलिस के साथ मिलकर आबकारी विभाग के अधिकारी संयुक्त कार्यवाही कर रहे हैं,यदि जिले एवं संभाग में अवैध शराब बिक्री हो रही है तो चिन्हित स्थानों में भी कार्यवाही की जाएगी। 

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