REWA : जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए आगे आए युवा एकता परिषद : गांव से शहर तक का भ्रमण कर गरीब बेसहारा को दे रहे हर संभव मदद की कोशिश

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रीवा में इन दिनों जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए युवाओं की एक टोली भ्रमण कर रही है जिसमें तकरीबन आधा सैकड़ा युवाओं का समूह है जिनके द्वारा गांव-गांव नगर और शहर का भ्रमण कर गरीब बेसहारा लोगों तक हर संभव मदद पहुंचाने की कोशिश की जाती है। जरूरतमंद को राशन का पैकेट दिया जाता है तो वही परेशान लोगों को अस्पताल में भर्ती कराने तक की व्यवस्थाए की जाती है। युवाओं की इस टोली ने अपने समूह का नाम रख लिया है युवा एकता परिषद जिनके द्वारा विगत एक माह से लगातार लोगों तक मदद पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के चलते लोगों को जागरूक करने के साथ ही जरूरतमंदों तक मदद पहुंचाने वालों की फेहरिस्त कितनी भी लंबी हो मगर किसी भी दौड़ में जब तक युवाओं का साथ नहीं मिलता कार्य अधूरा सा लगता है क्योंकि यह युवा ही है जो आने वाले समय में देश को नई दिशा दे सकते हैं। 

ऐसे में इस संकट काल में लोगों का मसीहा बन युवाओं की एक टोली जिले के गांव-गांव और नगर-शहर का भ्रमण कर रही है जिसके बाद इन युवाओं के द्वारा जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए अपने हाथ आगे बढ़ाए जा रहे हैं जिसमें गरीब बेसहारा व्यक्ति को इन युवाओं के द्वारा खाद्यान्न सामग्री वितरित की जाती है तथा यह युवा किसी को कच्चे राशन का पैकेट तो कहीं भोजन के पके हुए पैकेट वितरण करके लोगों की मदद कर रहे हैं। इस संकट काल में मदद के लिए लगातार लोगों का साथ मिल रहा है। ऐसे में युवा एकता परिषद के बैनर तले तकरीबन आधा सैकड़ा युवाओं की इस टोली ने मानवता की एक अलग ही मिसाल पेश की है जिसमें  युवाओं द्वारा लगातार लोगों की मदद की जा रही है।

घर जैसे माहौल में मिली उपचार सुविधा से गदगद हैं जयप्रकाश 

प्रयागराज के निवासी जेपी शुक्ला रीवा में फार्मा कंपनी में कार्यरत हैं। उन्हें शुरू में सर्दी, खांसी तथा हल्के बुखार की शिकायत थी। इसके बाद जांच कराने पर कोरोना पॉजिटिव पाये गये। शरीर में ऑक्सीजन सेचुरेशन का स्तर लगातार घटने के कारण श्री शुक्ला को 6 मई को संजय गांधी हास्पिटल के आईसीयू वार्ड में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के लगातार प्रयासों से श्री शुक्ला की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हुआ। श्री शुक्ला 12 मई को पूरी तरह से स्वस्थ हो गये हैं।

उपचार के अपने अनुभव बताते हुए श्री शुक्ला ने बताया कि संजय गांधी हास्पिटल में मैं 6 मई को भर्ती हुआ था। मुझे तत्काल इमर्जेंसी मेडिकल उपचार दिया गया। इसके बाद डॉक्टरों और नर्सों ने सेवाभाव से लगातार मेरा उपचार किया। मुझे ऐसा लगा ही नहीं कि मैं हास्पिटल में भर्ती हूं। मुझे यहां अपने घर के जैसा आत्मीय माहौल मिला। यहां के डॉक्टरों तथा अन्य मेडिकल स्टाफ की जितनी प्रशंसा की जाय वह कम है। उन्होंने संकट में जो हम सबकी सेवा की है उसे भुला पाना संभव नहीं है।

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