MP : कोरोना संकट में शिक्षकों को कोरोना योद्धा घोषित करने की मांग, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को लिखा पत्र


भोपाल। कोरोना संक्रमण की इस विकट घड़ी में शिक्षकों से अध्यापन के अलावा भी अनेक कार्य करवाए जा रहे हैं। विपरीत परिस्थितियों में भी शिक्षक संक्रमण के खतरे के बीच विश्रामघाट तक में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे में सरकार को उन्हें कोरोना योद्धा का दर्जा देना चाहिए।

अशासकीय स्कूल संगठन संत हिरदाराम नगर ने यह मांग उठाई है। संगठन के अध्यक्ष डॉ. मैनिस मैथ्यूज ने कहा है कि समय समय पर शिक्षकों की ड्यूटी चुनाव, पल्स पोलियो एवं जनगणना आदि कार्यों में लगाई जाती है। संकट के इस समय में शिक्षक अपनी जान पर खेलकर यहां तक कि विश्राम घाट तक में सेवाएं दे रहे हैं। मैथ्यूज ने कहा है कि शिक्षकों को कोरोना योद्धा का दर्जा दिया जाना चाहिए।

इस संबंध में संगठन ने प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखा है। शिक्षाविद् किरण वाधवानी एवं संस्कार विद्यालय के बसंत चेलानी ने कहा है कि शिक्षकों की सेवाएं हमेशा सराहनीय रही हैं। शिक्षकों की सेवाओं को देखते हुए उन्हें कोरोना योद्धा घोषित किया जाता है तो उनका उत्साह बढ़ेगा।

फीस नहीं मिलने से भी चिंतित संगठन

संत हिरदाराम नगर अशासकीय स्कूल संगठन कोरोना काल में स्कूल बंद होने के कारण फीस नहीं मिलने को लेकर भी अपनी बात मुख्यमंत्री, मंत्री एवं प्रशासन तक पहुंचा चुका है। लेकिन अब तक उनकी सुनवाई नहीं हुई है! लंबे समय से स्कूल बंद होने के कारण कई स्कूलों को छात्रों की फीस नहीं मिल रही है, दूसरी ओर शिक्षकों को वेतन का भुगतान लगातार किया जा रहा है। संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि शासन को हमारी मांग पर सहानुभूतिपूर्वक ध्यान देना चाहिए। यही हाल रहा तो कई स्कूल बंद होने की कगार पर पहुंच जाएंगे। कुछ स्कूल तो इसकी तैयारी भी कर रहे हैं।

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