MP : खुले आम घूम रहे कोरोना संक्रमित लोग ,स्वस्थ लोग भी आ रहे संक्रमण की चपेट में

इंदौर। जिन मरीजों में कोरोना के लक्षण नहीं हैं वे खुले आम बाजार में घूम रहे हैं। कई लोग भीड़ में खड़े होकर सब्जी, दूध और किराना भी खरीदने पहुंच रहे हैं। पाज‍िटिव मरीजों की पहचान को लेकर किसी तरह की कोई गाइडलाइन ही नहीं है। कोरोना की दूसरी लहर में प्रशासन ने सुविधा के लिहाज से मोबाइल पर ही कोरोना की रिपोर्ट उपलब्ध करा दी है, लेकिन ये सुविधा स्वस्थ लोगों को खतरे में डाल रही है।

अब न तो कोई डाक्टर मरीज के घर पहुंच रहा है और न ही कोरोना पाज‍िटिव मरीजों के घर को चिन्हित किया जा रहा है। हालत बिगड़ने और अस्पताल पहुंचने की नौबत आने पर लोगों को पता चलता है कि व्यक्ति बीमार है। सोमवार को सुुबह 6 से 12 बजे तक मिलने वाली छूट के दौरान दूध, किराना व सब्जी दुकानों पर लोग शारीरिक दूरी का पालन किए बिना ही खरीददारी करते दिखे।

शहर में बिगड़ रहे हालातों को नियंत्रत करने और कोरोना के मरीजों की संख्या को कम करने के लिए प्रशासन कई प्रयास कर रहा है। इसके बावजूद भी मरीजों की संख्या 1800 तक पहुंच रही है। बीते दिनों कलेक्टर ने भी कहा था कि यदि कोरोना पाज‍िटिव मरीज (घर में आइसोलेट) सड़क पर घूमता हुआ मिलता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हालाकि अब तक ऐसे एक भी व्यक्ति पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

पहचान का पता ही नहीं चल रहा

कोरोना पाज‍िटिव में यदि लक्षण नहीं हैं और वे खुले में घूमते हैं तो उनके बारे में पता ही नहीं चल पाता। पुलिस भी इस ओर ध्यान नहीं देती कि जिस व्यक्ति को पकड़ा है वह कोरोना का मरीज तो नहीं है। या उसकी रिपोर्ट पाज‍िटिव तो नहीं आई। पकड़े जाने पर वह डाक्टर पर्चा दिखाकर बच निकलता है। ऐसे में पुलिस भी संक्रमण के डर से पाज‍िटिव मरीज पर कार्रवाई नहीं करती।

दूध डेयरी पर पता चला दोस्त पाजिटिव

राजेन्द्र कुशवाहा ने बताया कि भमोरी स्थित कृष्णा दूध डेयरी पर वे शाम करीब 5 बजे दूध लेने गए थे। अचानक उनका मित्र आ गया। कुछ देर बातें हुईं, उसके बाद उसने बताया कि उसकी रिपोर्ट शनिवार को पाज‍िटिवआई है। इस पर राजेन्द्र ने उसे घर पर रुकने के ए कहा तो उसने कहा कि लक्षण नहीं है, इसलिए वह मास्क लगाकर घूम रहा है। इस दौरान कई लोगों को छुआ, जिससे उनमें भी संक्रमण का खतरा बढ़ गया।

किराना दुकान पर भी...

सुबह 6 बजे से 12 बजे तक किराना दुकान संचालकों को छूट है। इस दौरान दुकानों पर भीड़ जमा हो रही है। दुकान से तो दूरी बना लेते हैं, लेकिन दूर जाकर भीड़ में खड़े हो जाते हैं। ऐसे में पता ही नहीं चल रहा है कि किस व्यक्ति में कोरोना के लक्षण हैं। इसी तरह सब्जी की दुकानों पर भी सुबह पाटनीपुरा चौराहे से लेकर मालवा मिल व परदेशीपुरा चौराहे पर भीड़ लगी रहती है। इस कारण लोगों के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं।

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