PERIODS के बाद या पहले ब्लीडिंग होना नहीं है नॉर्मल, जानें इस समस्या से जुड़े 7 मुख्‍य कारण....

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क्‍या आपको पीर‍ियड्स के बाद या डेट आने से पहले हल्‍की ब्‍लीड‍िंग होती है? अगर हां तो आपको संभल जाना चाह‍िए। ये क‍िसी बीमारी के लक्षण हो सकते हैं। मह‍िलाओं के शरीर में होने वाले कई बदलावों का पहला लक्षण पीर‍ियड्स में अन‍ियम‍ितता या वैजाइनल ब्‍लीड‍िंग होती है। इस लक्षण को नजरअंदाज करने की गलती न करें। आज हम आपको बताएंगे 7 मुख्‍य कारण जो अनयुज्‍वल ब्‍लीड‍िंग होने पर हो सकते हैं। इन बीमार‍ियों को सही समय पर इलाज से ठीक क‍िया जा सकता है इसल‍िए डॉक्‍टर से संपर्क में देरी न करें। इस तरह की ब्‍लीडिंग के कई कारण हो सकते हैं जैसे प्रीमेच्‍योर मेनोपॉज, प्रेगनेंसी, एसटीआई, सर्वाइकल कैंसर, एंडोमेट्रियोस‍िस या पॉल‍िप्‍स आदि। अनयुज्‍वल ब्‍लीड‍िंग होने पर डॉक्‍टर आपको ब्‍लड टेस्‍ट, अल्‍ट्रासाउंड आद‍ि करवाने की सलाह दे सकते हैं। ज्‍यादा जानकारी के ल‍िए हमने लखनऊ के डफर‍िन अस्‍पताल की प्रमुख च‍िक‍ित्‍सा अधीक्ष‍िका और गाइनोकॉलोज‍िस्‍ट डॉ सुधा वर्मा से बात की। 

फर्ज करें क‍ि आपकी पीर‍ियड्स की डेट न हो पर इसके बावजूद आपकी पेंट या अंडरवेयर पर ब्‍लड नजर आए तो ये च‍िंता की बात हो सकती है। पीर‍ियड्स की डेट के आसपास ब्‍लीड‍िंग होने के लक्षण को हल्‍के में न लें। इस दौरान आपको एब्‍डॉम‍िनल पेन, वैजाइनल ड‍िस्‍चार्च आद‍ि की समस्‍या भी हो सकती है। हॉर्मोनल स्‍ट्रेस या क‍िसी बीमारी के दौरान भी ऐसा हो सकता है पर ये परेशानी अगर लंबे समय तक बनी हुई है तो च‍िंता की बात है। चल‍िए जानते हैं 7 मुख्‍य कारण ज‍िस पर आपको ध्‍यान देने की जरूरत है- 

1. पॉलीप्स होने पर माहवारी के बाद या पहले ब्‍लीड‍िंग हो सकती है (Endometrial Polyp)

एंडोमेट्र‍ियल पॉलीप्स को यूट्रिराइन पॉलीप्स भी कहते हैं। गर्भाशय की लाइनिंग में लाल रंग के पॉलीप्स बनने लगते हैं। इसमें पीर‍ियड्स जैसा दर्द भी हो सकता है। इस दौरान हैवी ब्‍लीड‍िंग या एब्‍नॉर्मल ब्‍लीड‍िंग या वैजाइनल ड‍िस्‍चार्ज की समस्‍या भी हो सकती है। ह‍िस्‍ट्रोस्‍कोपी से ये पॉलीप्स डायग्‍नोस कर न‍िकाली जा सकती है। इसल‍िए ब्‍लीड‍िंग होने पर देरी न करें अपने डॉक्‍टर से संपर्क करें। 

2. एसीटीआई होने पर माहवारी के बाद या पहले ब्‍लीड‍िंग हो सकती है (STI)

मह‍िलाओं में पीर‍ियड्स के बाद या पहले एब्‍नॉर्मल ब्‍लीड‍िंग एसटीआई यानी सैक्‍शुअली ट्रांसम‍िटेड ड‍िसीज के कारण भी हो सकती है। ये लक्षण एसटीआई होने पर देखा जाता है। इसके ल‍िए आप घर पर ही टेस्‍ट क‍िट लाकर स्‍वैब की मदद से टेस्‍ट कर सकते हैं और डॉक्‍टर से सलाह लेकर एंटीबॉयोट‍िक्‍स का कोर्स कर सकते हैं। एसीटीआई के संक्रमण का ट्रीटमेंट दवाओं से क‍िया जाता है इसल‍िए बि‍ना देरी क‍िए अपनी बॉडी में हो रहे लक्षणों को पहचानें। 

3. सर्वाइकल कैंसर होने पर अन‍ियम‍ित समय पर ब्‍लीड‍िंग (Cervical cancer)

पीर‍ियड्स के बाद या पहले ब्‍लीड‍िंग होने के कई कारण हो सकते हैं ज‍िसमें से एक है सर्वाइकल कैंसर। सर्वाइकल कैंसर होने पर भी अनयुज्‍वल ब्‍लीड‍िंग हो सकती है। सर्वाइकल कैंसर होने पर पीर‍ियड्स की तारीखों के बीच ब्‍लीड‍िंग, पेट के न‍िचले ह‍िस्‍से में दर्द हो सकता है। सर्वाइकल कैंसर होने पर लोअर बैक पेन, वैजाइनल ड‍िस्‍चार्ज भी हो सकता है। ऐसे लक्षण नजर आने पर आप पेप स्‍म‍ियर टेस्‍ट करवाएं। छोटी उम्र में लड़क‍ियों को इस कैंसर से बचाने के ल‍िए वैक्‍सीन दी जाती है।

4. एंडोमेट्रियोस‍िस में पीर‍ियड्स के बाद या पहले ब्‍लीड‍िंग हो सकती है (Endometriosis)

एंडोमेट्रियोस‍िस एक ऐसी बीमारी है जिसमें गर्भाशय की लाइन‍िंग जैसा बनने वाला ट‍िशू गर्भाशय के बाहर बनने लगता है। गर्भाशय की लाइन‍िंग को हम एंडोमेट्र‍ियम कहते हैं। जब ओवरी, पेल्‍व‍िस की लाइन‍िंग के ट‍िशू पर एंडोमेट्र‍ियल ट‍िशू बनने लगते हैं तब एंडोमेट्र‍िसोस‍िस की समस्‍या होती है। अगर इसका इलाज नहीं होगा तो मह‍िला को आगे चलकर प्रेगनेंसी में समस्‍या आ सकती है और इससे अंदरूनी अंग खराब हो सकते हैं। इस बीमारी के होने से सामान्‍य काम करने में भी द‍िक्‍कत हो सकती है। इस बीमारी के लक्षण पहचानना वैसे तो मुश्‍क‍िल है पर अगर पीर‍ियड्स से पहले या बाद में हल्‍की ब्‍लीड‍िंग है तो उसका एक कारण एंडोमेट्र‍ियोस‍िस भी हो सकता है। 

5. प्रेगनेंसी होने पर भी पीर‍ियड्स के बाद या पहले ब्‍लीड‍िंग हो सकती है (Pregnancy)

पीर‍ियड्स के बाद या पहले ब्‍लीड‍िंग होना या पीर‍ियड्स म‍िस होना प्रेगनेंसी का एक लक्षण होता है। हालांक‍ि ऐसा जरूरी नहीं है क‍ि हर मह‍िला को प्रेगनेंसी होने पर इस तरह की ब्‍लीडिंग हो पर पहले तीन महीनों में हल्‍की ब्‍लीड‍िंग हो सकती है। अगर आपको ऐसा कुछ महसूस होता है तो प्रेगनेंसी क‍िट से चेक करें क‍ि आप प्रेगनेंट हैं या नहीं। कंफ्यूजन होने पर आप डॉक्‍टर से भी सलाह लें तो बेहतर होगा। कई बार अनवॉनटेड प्रेगनेंसी से बचने के ल‍िए मह‍िलाएं प‍िल्‍स खा लेती हैं उससे भी इस तरह की ब्‍लीड‍िंग हो सकती है इसल‍िए डॉक्‍टर से सलाह ल‍िए बिना क‍िसी भी तरह की कोई प‍िल न खाएं। 

6. प्रीमेच्‍योर मेनोपॉज के दौरान ब्‍लीड‍िंग हो सकती है (Premature Menopause)

प्रीमेच्‍योर मेनोपॉज का एक लक्षण ये भी है क‍ि आपको पीर‍ियड्स से पहले या बाद में हल्‍की ब्‍लीड‍िंग हो। कुछ मह‍िलाओं को समय से पहले ही मेनोपॉज होता है ज‍िसे प्रीमेच्‍योर मेनोपॉज कहते हैं। ब्‍लीड‍िंग होना इसका मुख्‍य लक्षण माना जाता है। हॉर्मोन्‍स में बदलाव के कारण ऐसा होता है ज‍िसके चलते अन‍ियम‍ित पीर‍ियड्स या पीर‍ियड्स के आगे-पीछे हल्‍की ब्‍लीड‍िंग की समस्‍या हो सकती है। ऐसा होने पर आपको ब्‍लड टेस्‍ट करवाना चाह‍िए। ब्‍लड टेस्‍ट के जरिए बॉडी में फॉल‍िक्‍ल का स्‍तर पता चल सकेगा ज‍िससे हॉर्मोन में बदलाव आ रहा है। 

7. म‍िसकैरेज होने पर ब्‍लीड‍िंग होती है (Miscarriage)

बहुत सी मह‍िलाओं को प्रेगनेंसी के पहले टर्म में ब्‍लीड‍िंग होने लगती है, ये म‍िसकैरेज के लक्षण भी हो सकते हैं। अगर प्रेगनेंसी के क‍िसी भी चरण में मह‍िला को वैजाइनल ब्‍लीडिंग होती है तो उसे तुरंत डॉक्‍टर से संपर्क करना चाह‍िए। डॉक्‍टर अल्‍ट्रासाउंड के जर‍िए ये पता लगा लेंगे क‍ि गर्भस्‍थ श‍िशु सुरक्ष‍ित है या नहीं। अगर म‍िसकैरेज होता है तो डॉक्‍टर सफाई कर देते हैं ताक‍ि शरीर के अंदर संक्रमण का कोई कण मौजूद न रहे नहीं तो इससे बीमार‍ियां हो सकती है इसल‍िए ऐसा लक्षण नजर आने पर तुरंत डॉक्‍टर के पास जाएं। 

पीर‍ियड्स अन‍ियम‍ित होना या उनके बीच में ब्‍लीड‍िंग होना कोई आम लक्षण नहीं है, अगर आपको ऐसा एक बार हुआ है तो ऐसा स्‍ट्रेस के चलते भी हो सकता है पर बार-बार ऐसे लक्षण नजर आने पर देरी न करें और तुरंत डॉक्‍टर से सलाह लें। 

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