REWA : फेफड़ों में निमोनिया के साथ हार्ट पर सीधे कर रहा वार : जानिए वजह


रीवा. कोविड-19 वायरस न केवल फेफड़ों पर वार कर रहा है। बल्कि, शरीर में हार्ट को सीधे नुकसान पहुंचा रहा है। कोरोना की दूसरी लहर में पीडि़त मरीजों की रक्त वाहिकाओं की आंतरिक सतह में सूजन और उसमें ब्लॉकेज भी बढ़ रहा है। कोविड-19 होने के बाद कुछ हृदय संबंधी लक्षण देखे जा रहे हैं।

दिल की धड़कन बढऩा

सुपर स्पेशलिटी के ह्दयविशेषज्ञों के मुताबिक कोविड-19 से रिकवर हो चुके कई मरीजों में दिल की धड़कन बड़ी हुई देखी गई है। मरीजों में खून की कमी होना, डिहाइड्रेशन होना, बुखार का होना, इन सब के न होने पर यदि फिर भी दिल में धड़कन महसूस होती है। पल्स ऑक्सीमीटर में दिल की धड़कन 100 से ज्यादा लगातार बनी आती है तो इसे पोस्ट कोविड इनएप्रोप्रियेट साइनस टेकीकार्डिया कहा जाएगा।

अत्याधिक थकान

रिकवर हो चुके मरीजों में अत्याधिक थकान एवं बैठ के खड़े होने में चक्कर आने की प्रवृत्ति देखी गई है। लंबे समय तक रेस्ट में होने के कारण या फिर पोस्ट कोविड के कारण हो सकता है। मरीज धीरे-धीरे रिकवर हो रहे हैं।

हार्ट अटैक

गंभीर कोविड-19 मरीजों में उस दौरान एवं उसके बाद हार्ड अटैक की प्रवृत्ति सामान्य व्यक्तियों की तुलना में थोड़ी ज्यादा है। लेकिन, एक बार पूर्ण रूप से रिकवर करने के बाद ऐसा नहीं रह जाता है।

सांस का फूलना एवं हार्ट फेल

कोविड-19 होने के बाद सांस फूलने के लक्षण काफी सामान्य हैं। इसके कई कारण हो सकते हैं जैसे कि फेफड़ों का बहुत बहुत बड़ा हिस्सा असर होना। लंबे समय तक बेड रेस्ट होने के कारण शरीर की फंक्शन कैपेसिटी कम होना, ब्लड की पंपिंग कम होना। यदि सैचुरेशन 95 के ऊपर है तो घबराने वाली कोई बात नहीं। धीरे-धीरे यह लक्षण समय के साथ ठीक हो जाता है। कोविड-19 के बाद हार्ट फेल की संभावना बहुत कम है इसका कारण वायरस का हार्ट की मसल में डायरेक्ट अटैक है।

सीने में दर्द

कोविड-19 के बाद सीने में दर्द सामान्य बात है यह हल्का दर्द है तो ज्यादा घबराने की बात नहीं है। पर अगर यह अचानक शुरू हुआ है और बहुत तेज तब फिर यह गंभीर बीमारी का लक्षण हो सकता है। उस दशा में उचित रहेगा डॉक्टर को दिखाया जाए।

खून के थक्के बनने

कोविड-19 के बाद शरीर की धमनी एवं शिरा में खून के थक्केे बनने की प्रवृत्ति देखी जा रही है। इस तरह के केस में जब कोई व्यक्ति रिकवर हो रहा होता है उसे कुछ समय तक खून पतला करने की दवाइयां दी जा रही है। जिससे थक्का से नुकसान ना हो इस थक्के के कारण पलमोनरी एंबॉलिज्म, हार्ट अटैक, लकवा, हाथ और पैर की नसों में खून की सप्लाई रुक जाना देखा जा रहा है

अचानक ह्दयगति बंद होना

गंभीर मरीजों में इलाज दौरान या उसके बाद सडन कार्डियक अरेस्ट यानी अचानक ह्दयगति बंद हो जाने जैसे केस देखे गए। कोविड-19 से होने वाला हार्ट में नुकसान लंबे समय तक रहेगा। ऐसा प्रतीत नहीं होता है। धीरे-धीरे रिकवरी रेट बढ़ती जा रही है। बहुत कम लोगों को ही इस नुकसान के अंश देखने पड़ेंगे

वर्जन..

कोविड-19 से रिकवर हो चुके मरीजों में हार्ट के कॉम्प्लिकेशन देखे जा रहे हैं। हालांकि यह बहुत रेयर है और ज्यादातर केस में मरीजों को घबराने की जरूरत नहीं है।

डॉ वीडी त्रिपाठी, विभाग अध्यक्ष, हृदय रोग विभाग, सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल रीवाा.

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