REWA : चोरहटा बाईपास स्थित चंद्रलोक होटल में शार्ट सर्किट से लगी भीषण आग, टैरिस में रखा फर्नीचर जलकर खाक



रीवा। नेशनल हाईवे 30 स्थित चंद्रलोक होटल में मंगलवार की देर शाम शार्ट सर्किट से अचानक आग लग गई। गनीमत थी कि समय से पहले बारिश आ गई वरना पुलिस और प्रशासन हाथ मलता रह जाता। बताया गया कि टैरिस में रखे फर्नीचर के पास शाम को संदिग्ध हालात में आग लग गई थी।

जैसे ही होटल स्टाफ को मामले की जानकारी लगी तो आनन फानन में चोरहटा पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। हालांकि समय पर दमकल वाहन नहीं पहुंचा। इसी बीच तेज बारिश आ गई। जिससे आग अपने आप बुझ गई है। ऐसे में न कोई जन हानि हुई और न ही होटल का ज्यादा नुकसान हुआ है।

मिली जानकारी के मुताबिक चोरहटा थाना अंतर्गत रीवा-जबलपुर मार्ग के बाइपास में चंद्रलोक होटल है। यहां मंगलवार की शाम करीब 6 से 7 बजे के बीच होटल के टैरिस में अचानक शार्ट सर्किट हुई। वहीं आग की लपटें उड़कर नीचे और ऊपर की ओर जाने लगी।

इसी बीच सुरक्षा कर्मियों की नजर ऊपर की ओर पड़ी तो आग सोलों का रूप ले चुका था। तुरंत होटल प्रबंधक और संचालक को मामले की जानकारी दी गई। साथ ही कुछ लोगों ने चोरहटा पुलिस और दमकल वाहन को सूचना दे दी। फिर भी शहर से दूरी ज्यादा होने के कारण समय पर फायर ब्रिगेड नहीं पहुंच पाया।

अचानक से होने लगी मूसलाधार बारिश

होटल स्टाफ ने बताया कि ईश्वर का शुक्र है कि हादसा बड़ा होने से पहले बारिश ने सबको सुरक्षित बचा लिया। क्योंकि जिस तरह हादसे के दो घंटे बाद दमकल वाहन मौके पर पहुंचा था तो उतनी देर में होटल का काम तमाम हो जाता। फिर भी बेमौसम बारिश ने चंद्रलोक होटल को खाक बनने से पहले ही बचा लिया।

शाम से रूक रूक कर बारिश का दौर जारी

बता दें कि यास तूफान को लेकर हालांकि विंध्य क्षेत्र में 27 मई की शाम से 30 मई तक बारिश और तूफान आने का अलर्ट जारी था, लेकिन यहां वर्षा दो दिन बाद 1 जून की शाम से चालू हुई। ये बारिश का दौर विंध्य क्षेत्र के रीवा और सतना क्षेत्र में शाम 5 बजे से लेकर रात 9.30 बजे तक जारी रहा।

खरीदी केन्द्रों में फिर होगा नुकसान

गौरतलब है कि जिला प्रशासन द्वारा तूफान के मददेनजर 26 मई से ही गेहूं की खरीदी का कार्य रोक दिया गया था। क्योंकि भीषण बारिश का अनुमान था। ऐसे में 27 से लेकर 29 मई तक ज्यादातर उपार्जन केन्द्रों में खरीदी नहीं हो पाई। लेकिन 30 और 31 मई को खरीदी का दौर चालू हुआ था। साथ ही जिन किसानों की ट्रालियां उपार्जन केन्द्रों पर पहुंच गई है। उनको टोकन दे दिया गया है। अब सिर्फ उन्हीं किसानों के गेहूं की खरीदी चल रही है। लेकिन तेज बारिश होने के कारण ज्यादातर किसानों के साथ समितियों का भी नुकसान हो सकता है। हालांकि सरकारी रिकार्डों में 31 मई से सभी जगह खरीदी पूर्ण कर ली गई है।

आधे शहर की लाइट गोल

बारिश के कारण रीवा और सतना शहर के कई क्षेत्रों में बिजली गुल होने की जानकारी आ रही है। रहवासियों का आरोप है कि विद्युत अमला समय पर मेंटेनेंस का कार्य नहीं करता है। ऐसे में हल्की सी बारिश में ही लाइट गोल हो जाती है।

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