REWA : बारिश के आते ही रीवा में बनी बाढ़ की आशंका : कलेक्टर ने कहा- शहर के 20 वार्ड एवं त्योंथर में 129 ग्रामों में बचाव एवं राहत शिविरों की करें तैयारी

रीवा। कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी ने जिला बाढ़ नियंत्रण समिति की अध्यक्षता करते हुये कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बचाव एवं राहत शिविरों के पुख्ता इंतजाम किये जायें। उन्होंने कहा कि रीवा के बाढ़ प्रभावित 20 वार्ड एवं त्योंथर में चिन्हांकित 129 ग्रामों में बचाव एवं राहत शिविरों की पूर्व तैयारी करें। कलेक्टर ने कहा कि बांधों एवं नहरों का सुदृढ़ीकरण करें। सड़कों, पुल-पुलियों की मरम्मत करा ली जाय। नदी, नालों, तालाब के किनारे के अतिक्रमण को हटाया जाये।

कलेक्टर ने कहा कि अतिवृष्टि के समय निगरानी रखी जाय कि बांध का कटाव न होने पाये। नदियों में पानी के स्तर का सामान्य और बाढ़ आने की स्थिति का आकलन कर जल भराव की स्थिति देखकर जिला बाढ़ नियंत्रण कक्ष को सूचित करें। बाढ़ संभावित क्षेत्रों में नागरिकों को सूचित करने के इंतजाम किये जायें। त्योंथर एवं रीवा नगर में बचाव एवं राहत कार्य के लिये उपकरण की तत्काल व्यवस्था की जाये। पर्याप्त संख्या में नाव, सर्च लाइट, लाइफगार्ड, रस्सा, कुशल तैराक की व्यवस्था पूर्व से रखी जाये। कलेक्टर ने कहा कि नदियों के किनारे एवं बाढ़ की स्थिति में प्रभावित लोगों को राहत शिविरों में रखने के लिये स्कूल चिन्हांकित किये जायें। जिले के समस्त स्कूलों की साफ-सफाई करा ली जाये। बारिश के दौरान पहुंच विहीन ग्रामों में स्थित उचित मूल्य की दुकानों में तीन माह के लिये अग्रिम खाद्यान्न का भण्डारण किया जाय। नदी एवं नहरों के किनारे चेतावनी सूचना बोर्ड लगाये जायें।

कलेक्टर ने कहा कि जिले के समस्त वार्डों के नालों एवं नालियों की 15 जून के पूर्व सफाई कराई जाये ताकि उसमें बिना अवरोध के जल प्रवाह हो सके, बाढ़ का पानी निकल जाये। मुख्य सड़कों में नालों का निर्माण कर पानी की निकासी लायक बनाया जाय। उन्होंने कहा कि मुख्य चिकित्सक एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिले के समस्त सामुदायिक, प्राथमिक एवं स्वास्थ्य केन्द्रों में पर्याप्त मात्रा में दवाई का भण्डारण करायें, पर्याप्त संख्या में चिकित्सा उपकरण भेजें। हर स्वास्थ्य केन्द्र में क्लोरीन की टेबलेट, ओआरएस का पैकेट, ब्लीचिंग पाउडर का भण्डारण करायें। बाढ़ की स्थिति में महामारी रोकने के इंतजाम किये जायें। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग बाढ़ की स्थिति में पेयजल के इंतजाम करें। हैण्डपंपों के प्लेटफार्म की मरम्मत करें। आपातकालीन पेयजल पहुंचाने की व्यवस्था करें। कलेक्टर ने कहा कि जिले में वाटर की टेÏस्टग का अभियान चलायें। होमगार्ड विभाग पर्याप्त संख्या में कुशल तैराक एवं गोताखोर की व्यवस्था सुनिश्चित करें। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री एवं अन्य सामग्री तत्काल पहुंचाने के लिये वालेंटियर्स, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों की सूची तैयार कर ली जाये।

कलेक्ट्रेट में जिला आपदा नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। इसका नंबर 07662-255142 तथा मोबाइल नंबर 7587979232 है। आपदा नियंत्रण कक्ष 24 घंटे खुला रहेगा। बैठक में नगर निगम आयुक्त मृणाल मीणा, जिला पंचायत के सीईओ स्वप्निल वानखेड़े, अपर कलेक्टर इला तिवारी सहित समस्त एसडीएम एवं जिला अधिकारी उपस्थित थे।

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