MP : फर्जी शादी करवाने वाली गैंग पकड़ाई : पति-पत्नी ठगी करने के लिए बने भाई-बहन : कई जगह गिरोह करवा चूका है शादी : ऐसे हुआ खुलासा


मध्यप्रदेश में बंटी-बबली जैसी गैंग पकड़ में आई है। यह फर्जी शादी करवाने के साथ ही पुलिस से पिटाई भी करा देती है। इसमें ठग दंपती, फर्जी पुलिस और वकील भी शामिल हैं। मामला जबलपुर का है। पति-पत्नी ठगी के लिए भाई-बहन बन गए। उन्होंने शादी कराने के बहाने पन्ना के लड़के को जबलपुर बुलाया। कोर्ट में एक वकील की मिलीभगत से फर्जी शादी करवा दी। फिर शॉपिंग के बहाने 1.18 लाख रुपए ले लिए। इसके बाद युवक अपनी पत्नी के साथ बाजार गया। यहां होती है नकली पुलिसवालों की एंट्री। गिरोह के सदस्य लड़के से गाड़ी के कागज मांगते हैं। उसे पीटते हैं। दुल्हन अपने भाई (असल में पति) के साथ फरार हो जाती है।

लार्डगंज पुलिस ने गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है। ठग पति-पत्नी फरार हैं। गिरोह ने सागर में भी कुछ शादी कराई हैं। ASP रोहित काशवानी ने CSP गोहलपुर अखिलेश गौर और TI प्रफुल्ल श्रीवास्तव की मौजूदगी में ठगी का खुलासा किया। गिरोह से कई लड़के-लड़कियां जुड़े हैं, जो जैसी जरूरत होती है, आपस में वैसे रिश्ते बना लेते हैं। कोई भाभी बन जाता है, कोई मां तो कोई पिता। ठगी की रकम किरदार के हिसाब से बांटते हैं। जिसका जितना अहम किरदार होता है, उसे उतनी बड़ी रकम दी जाती है।

दमोह के दलाल के जरिए हुई बातचीत

पन्ना के सुनवानी खुर्द निवासी जयप्रकाश तिवारी ने बताया कि उसकी शादी नहीं हो रही थी। रिश्तेदारों से बात की तो घाट पिपरिया दमोह निवासी रवि दुबे का नंबर मिला। रवि दुबे से उसे रजनी तिवारी नाम की महिला का नंबर मिला। रजनी के मांगने पर पड़ोसी श्यामकांत प्यासी के मोबाइल से उसने रजनी को खुद का फोटो भेजा। इसके बाद उसे तीन लड़कियों के फोटो भेजे गए। तीनों में से अंजलि तिवारी नाम की लड़की को पसंद कर लिया। फिर कोर्ट में शादी कराने की बात कर रजनी ने 8 जुलाई को उसे जबलपुर बुलाया था। अंजलि असल में सुमन जैन थी।

ठगी वाली अनोखी शादी: पन्ना के युवक की जबलपुर में कराई फर्जी शादी, जेवर-कपड़े खरीदने का झांसा देकर ठग लिए 1.20 लाख रुपए, नकली पुलिस वाले दुल्हन को भगा कर वसूल लिए 9 हजार रुपए

रिश्तेदारों के साथ शादी करने पहुंचा

जयप्रकाश पड़ोसी श्यामकांत पयासी, उसके चाचा रामहित तिवारी, रामकिशोर तिवारी व बुआ के बेटे ओमप्रकाश चनपुरिया के साथ जबलपुर पहुंचा। रजनी के बताए अनुसार वे गोलबाजार पहुंचे। वहां रजनी, अंजलि तिवारी और उसके कथित भाई विकास तिवारी को लेकर पहुंची। विकास असल में भानू उर्फ विवेक जैन था, जो सुमन यानी अंजलि का पति था। चार नंबर गेट के पास रजनी ने एक वकील से मिलवाया। वकील को 8 हजार रुपए दिलवाए। इसके बाद स्टाम्प बिक्री की दुकान पर ले गए। वहां एक रजिस्टर में उसके दस्तखत करवाए। वकील ने बताया कि अब उसकी शादी हो गई।

गोलबाजार में नकली पुलिसवालों की हुई एंट्री

शादी होने के बाद सभी गोलाबाजार आए। यहां से रजनी 1.10 लाख रुपए जेवर और कपड़े खरीदने का बोलकर ले गई। अंजलि और पति विकास वहीं पर खड़े रहे। इसी बीच दो बाइक से चार युवक आए। खुद को पुलिसवाला बता कर गाड़ी के कागज मांगे। धमकी देने लगे कि तुम लोग लड़की भगाकर ले जा रहे हो। थाने ले जाने का डर दिखाकर 8500 रुपए ले लिए। आरोपियों ने मारपीट भी की थी। इसी दौरान अंजलि और विकास भाग गए। रजनी का भी मोबाइल बंद हो गया। रवि ने भी फोन नहीं उठाया। लार्डगंज थाने पहुंचकर केस दर्ज कराया।

साइबर सेल की मदद से आराेपियों तक पहुंची पुलिस

ASP काशवानी के मुताबिक, साइबर सेल की मदद से लार्डगंज पुलिस ने सोमवार 12 जुलाई को केवलानी पनागर निवासी ज्योति कुशवाहा (29), मोची कुआं नट बाबा मंदिर के पास गढ़ा फाटक निवासी आशीष तिवारी (51), गढ़ा फाटक निवासी विपिन जैन (30) और अमखेरा नर्मदा नगर गोहलपुर निवासी सुनील ठाकुर (32) को दबोच लिया। पूछताछ में पता चला कि ज्योति ही रजनी तिवारी बनी थी। अंजलि बनी सुमन जैन और विकास बना उसका पति विवेक जैन नारायणपुर गुलौआ चौक में रहते हैं।

किरदार के तौर पर बंटे थे पैसे

चार आरोपियों से पुलिस ने 58 हजार 500 रुपए जब्त किए। बाकी रकम आरोपी दंपती के पास हैं। रजनी बनी ज्योति को 20 हजार रुपए मिले थे। भानू, उसकी पत्नी ने 60 हजार रुपए लिए। 10 हजार रुपए विपिन जैन को दिए। शेष रकम पुलिस बने आरोपियों में बंटी। पुलिस इस मामले में रवि तिवारी, शादी कराने वाले वकील अजय शुक्ला, मेडिकल पावर हाउस के पास रहने वाली रेखा सोंधिया की तलाश कर रही है।

सागर में भी गिरोह करा चुका है एक शादी

पूछताछ में सामने आया कि यह एक बड़ा रैकेट है। इसमें कई और लड़कियां और दलाल शामिल हैं। जरूरत के अनुसार गिरोह के सदस्य आपस में रिश्ता बदल देते थे। कोई पिता, कोई भाई, कोई भाभी तो कोई मां बन जाता था। इस गिरोह ने जून 2021 में ही गढ़ाकोटा सागर में फर्जी शादी कराई है। आरोपियों ने छीनामानी की रहने वाली लक्ष्मी नाम की युवती की फर्जी शादी कराकर पैसे ऐंठे हैं। इस शादी में रेखा अपने साथ ज्योति कुशवाहा को लक्ष्मी की भाभी बनाकर ले गई थी। लक्ष्मी रेखा के ही घर में रह रही थी। अभी वह कहां है, ये पता नहीं चल पाया है। इस शादी में भाभी का रोल करने पर ज्योति को तीन हजार रुपए मिले थे।

अभी और होंगे खुलासे

मामले में कुछ फरार नामजद आरोपी और पूछताछ में सामने आए कुछ और लोगों की गिरफ्तारी होनी है। गिरोह ने कई लोगों को शिकार बनाया है। जैसे-जैसे पीड़ित सामने आएंगे। प्रकरण में जुड़ता जाएगा।

रोहित काशवानी, एएसपी, जबलपुर

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