MP : हाय महंगाई : बढ़ती महंगाई पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने स्टॉक लिमिट तय किया : तेल के दाम दोगुने

ख़बरों के बेहतर एक्सपीरिएंस के लिए डाउनलोड करें Rewa News Media ऐप, क्लिक करें

मंडला. बढ़ती महंगाई पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने स्टॉक लिमिट तय की है। जिसका व्यापारियों ने विरोध जताया है। जानकारी के अनुसार केंद्र सरकार ने हाल ही में मूंग को छोड़कर अन्य सभी दालों की स्टॉक सीमा तय कर दी। यह सीमा थोक, खुदरा विक्रेताओं, मिल मालिकों सभी के लिए अक्टूबर 2021 तक लागू की गई है। जिसका असर जिले में भी देखने को मिल रहा है। इससे दाल व्यापारियों में रोष भी है। व्यापारियों व नागरिकों में रोष है। नागरिकों का कहना है कि खाद्य तेलों के दोगुने हो चुके दामों के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया, लेकिन कुछ दिन पहले ही कम हो चुके दालों के दाम बढऩे से रोकने के लिए दलहन एवं दालों पर स्टॉक लिमिट तय कर दी गई।

दाल व्यापारी चन्द्रेश साहू ने बताया कि मंूग को छोड़कर सभी दलहनों में स्टॉक लिमिट लगाने से जाहिर है कि पहले एमएसपी या अधिक दरों पर दलहनों की खरीदी कर ली जाए। इसके बाद लिमिट तय करते ही व्यापारी औने-पौने दामों में दलहनों को बेचना शुुरू कर दें। जबकि खाद्य तेलों के दाम दालों की अपेक्षा दोगुने से अधिक हो चुके हैं। सरकार ने इस पर नियंत्रण के लिए अभी तक कुछ नहीं किया। गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने दालों की महंगाई रोकने के लिए स्टॉक लिमिट तय कर दी है। जो 31 अक्टूबर तक लागू रहेगी।

यह निश्चित की गई स्टॉक लिमिट

सरकार ने रिटेल कारोबारियों के लिए 5 टन स्टॉक की लिमिट तय की है। जबकि थोक कारोबारियों और आयातकों के लिए 200 टन की लीमिट तय की गई है। जिसमें किसी एक वैरायटी का स्टॉक 100 टन से ज्यादा नहीं हो सकता है। दाल मिल भी अपनी कुल वार्षिक क्षमता का 25 फीसदी से ज्यादा का स्टॉक नहीं रख पाएंगी। अगर स्टॉक निर्धारित सीमा से ज्यादा है तो उन्हें उपभोक्ता मामलों के विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर घोषित करना होगा। आदेश की अधिसूचना के 30 दिनों के अंदर स्टॉक को तय सीमा में लाना होगा।

इनका कहना

केन्द्र सरकार ने दाल पर स्टॉक लिमिट तय किया है। वह उचित नहीं है। इससे लॉकडाउन के बाद उबरने का प्रयास कर रहे व्यापारी अपने आप को ठगा महसूस कर रहा है। दालों के रेट कई महीनों से स्थिर हैं।

प्रकाश जयसवाल, मंडी व्यापारी संघ अध्यक्ष

कोरोना काल में जब मंडी बंद थी तब दाल के दोमों में बढ़ोतरी हुई थी। अब अनलॉक के साथ दाल के दाम समान्य हो गए हैं। स्टॉक लिमिट तय करने से महंगाई पर कोई असर नहीं पड़ेगा। बल्कि व्यापारी परेशान हो जाएंगे।

चमन साहू, दाल व्यापारी

15 किलो खाद्य तेल का पीपा 2000 रुपए किलो से कम नहीं हुआ है। यह कीमतें 15 दिन पहले 2400 रुपए तक पहुंच चुकी थी। जो कि वर्तमान में 2000-2100 रुपए बिक रही है। बाकी सामानों में भी कोई बड़ी राहत नहीं है।

योगेश यादव, किराना व्यापारी

Powered by Blogger.