REWA : मौसम में बदलाव से सीजनल बीमारियां बढ़ी : अस्पताल में बेड के लिए भटक रहें मरीज : संजय गाँधी सहित सुपर स्पेशलिटी में एक भी बेड खाली नहीं

रीवा. एसएस मेडिकल कालेज परिसर में संजय गांधी, गांधी मेमोरियल हॉस्पिटल और सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में निर्धारित बेड से अधिक मरीज भर्ती हो गए हैं। मौसम में बदलाव के चलते अस्पताल के वार्ड फुल हो गए हैं। अस्पतालों में मरीज बेड के लिए जद्दो-जहद कर रहे हैं। कई बार अफसर और नेताओं के हस्तक्षेप पर वार्ड के बाद जमीन पर या फिर गैलरी में बेड लगाए जा रहे हैं। एसजीएमएच और जीएमएच के मेडिसिन, सर्जरी, गायनी और शिशु एवं बाल्यरोग विभाग में सबसे अधिक मरीज आ रहे हैं।


140 बेड पर 182 बच्चों को इलाज

जीएमएच के शिशु एवं बाल्य रोग विभाग में निर्धारित 140 बेड पर 182 बच्चों को इलाज के लिए भर्ती किया गया है। बच्चों के इलाज के लिए चिकित्सक अतिरिक्त बेड गैलरी में लगा दिए हैं। कोरोना काल के बाद बच्चों में तरह-तरह की बीमारियों सामने आ रही हैं। वायर फीवर के साथ ही निमोनिया, जुकाम, पीलिया आदि जैसे बीमारियों बढ़ गई हैं। विभागाध्यक्ष डॉ नरेश बजाज ने बताया कि मौसम में परिवतज़्न के कारण सीजन बीमारियों बढ़ गई हैं।


मेडिसिन, सर्जरी और गायनी में भी बढ़ी मरीजों की संख्या

एसजीएमएच के मेडिसिन और सजज़्री विभाग में भी मरीजों की संख्या डेढ़ से दो गुना हो गई है। मेडिसिन व सजज़्री में जुलाई माह की अपेक्षा अगस्त में मरीजों की संख्या दो गुना हो गई है। बीते माह मेडिसिन वाडज़् में 115 मरीज भतीज़् रहे। इस वार्ड में 17 अगस्त की स्थित में 240 मरीज भर्ती  हैं। कइयो को बेड तक नहीं मिलने से दूसरे वार्ड  में शिफ्ट किया गया है। इसी तरह सर्जरी में 168 मरीज भर्ती हैं। जबकि गायनी में 140 की जगह 160 मरीजों को भर्ती किया गया है।


मौसम में बदलाव के कारण मरीजों की संख्या बढ़ी

कुल मिलाकर करीब एक हजार मरीज भर्ती  हैं। जबकि पिछले माह संख्या 540 रही। अस्पताल में 24 घंटे के भीतर 2519 मरीज ओपीडी में पहुंचे। जिसमें 330 को भर्ती किया गया। जिसमें 31 कोविद की ओपीडी में पहुंचे मरीजों की संख्या शामिल है। चिकित्सकों ने बताया कि मौसम में बदलाव के कारण मरीजों की संख्या बढ़ी है। गंभीर मरीजों के साथ सर्दी, जुकाम से तरह-तरह की बीमारियों के चपेट में आने लगे हैं।


कोरोना काल में नहीं बढ़े पीजी चिकित्सक, दिक्कत

कोरोना काल के दौरान पीजी चिकित्सकों की संख्या नहीं बढ़ी। अस्पताल में वर्तमान समय में पीजी के 170 चिकित्सक है। जबकि 190 चिकित्सकों का एडमिशन हुआ है। अभी नए पीजी चिकित्सकों को अनुमति नहीं मिली है। जिससे गायनी, शिशु एवं बाल्य रोग विभाग, मेडिसिन और सर्जरी वार्ड के आइसीयू में मरीजों को दिक्कत बढ़ गई है। बताया गया कि जीएमएच और एसजीएम में 10 से अधिक आइसीयू हैं।

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