MP : प्रदेश के 250 से अधिक गांव बाढ़ में घिरे, शिवराज सरकार ने मांगी वायुसेना की मदद : अब तक 60 से अधिक लोगों को निकाला

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भोपाल। मध्यप्रदेश में लगातार बारिश के बाद सोमवार को प्रदेश के 250 से अधिक गांव बाढ़ में घिर गए हैं। गुना, शिवपुरी, श्योपुर और भिंड जिलों में सबसे ज्यादा हालत खराब है। शिवपुरी और श्योपुर में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम भेजी गई है। बाढ़ में फंसे लोगों को बचाने के लिए वायुसेना की मदद मांगी गई है। जल्द ही वायुसेना हेलीकॉप्टरों पहुंचने वाले हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लोगों को बचाने के लिए वायुसेना के हेलीकाप्टर भेज दिए गए हैं। अब तक 60 से अधिक लोगों को निकाला जा चुका है। इधर, सीएम शिवराज सिंह चौहान ने शिवपुरी कलेक्टर से चर्चा कर बाढ़ की स्थिति के बारे में जानकारी ली।

शिवपुरी, श्योपुर और गुना जिले में बाढ़ से हालात खराब है। शिवपुरी और श्योपुर जिले में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम तैनात कर दी गई है। वायुसेना के तीन हेलीकाप्टर शिवपुरी में बचाव कार्य में जुट गए हैं। अब तक 30 लोगों को बाढ़ में से सुरक्षित निकाला जा चुका है। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने शिवपुरी के हालात को लेकर कलेक्टर से चर्चा की है। प्रभावित इलाकों के बारे में स्थिति के बारे में पूछा है।

श्योपुर में भी आफत

इधर, श्योपुर जिले से खबर है कि कई क्षेत्रों में बाढ़ के हालात हैं। यहां पार्वती, कूनो,क्वारी और सीप नदी उफान पर होने के बाद स्थिति खराब है। क्वारी नदी के कई इलाके जलमग्न हो गए हैं। विजयपुर-टेंटरा मार्ग को जोड़ने वाला पुल पूरी तरह डूब गया है। विजयपुर बस स्टैंड की दुकानों में पानी भर गया है। खबर है कि नदी की बाढ़ में 50 लोग फंस गए हैं, जिन्होंने एक मैरिज गार्डन में शरण ले रखी है। उन्हें बचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रशासन मोटर बोट और टायर ट्यूब के जरिए लोगों को निकालने का काम कर रहा है।

तालाब से खतरा बढ़ा

बताया जा रहा है कि श्योपुर जिले के वीरपुर के बड़े तालाब में दरार आने से यह कभी भी बड़ा खतरा बन सकता है। लोग चिंतित हैं, यदि तालाब फूट गया तो आधा वीरपुर बह जाएगा। यहां की पांच कॉलोनियों समेत अन्य गांवों में भी बारिश से भारी नुकसान का अनुमान है।

एक नजर

कराल क्षेत्र में कूनो नदी 16-17 फीट पर बह रही है।

कूनो नदी की बाढ़ के कारण छीपरी हाईवे बंद हो गया।

बड़ोदा में पानी भरने से पूरी तहसील टापू बन गई।

श्योपुर-कोटा मार्ग और श्योपुर बारां बंद हो गया।

विजयपुर क्षेत्र में क्वारी नदी में भी बाढ़ से कई गांव घिरे।

भिंड में कच्चा मकान ढहा

भिंड जिले में लगातार बारिश से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। भिंड के दबोह क्षेत्र में एक कच्चा माकन गिर गया, उसके मलबे में 6 लोग दब गए थे। इनमें से पांच घायलों को निकालकर लहार के सिविल अस्पताल पहुंचा दिया गया, जबकि इनमें एक 18 साल की लड़की की मौत हो गई।

दतिया में पानी ही पानी

दतिया जिले में रविवार से जारी लगातार बारिश के बाद सोमवार को कई क्षेत्रों मे पानी ही पानी हो गया। कई लोग अपने घरों में कैद हो गई। आवागमन ठप हो गया। कई गांवों का संपर्क भी नदी-नाले उफान पर होने के कारण टूट गया है।

जबलपुरः बरगी डैम का जल स्तर बढ़ा

जबलपुर और आसपास के जिलों में हो रही भारी बारिश के बाद से बरगी डैम का जल स्तर बढ़ गया है। नर्मदा नदी की सायक नदियां और बरसाती नालों के कारण जल स्तर लगातार बढ़ रहा है। जबलपुर के तिलवारा घाट, ग्वारीघाट, लम्हेटाघाट और भेड़ाघाट में जल स्तर बढ़ रहा है। निचली बस्तियों में रहने वालों को अलर्ट कर दिया गया है। जिले कंट्रोल रूम लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

रीवाः 300 लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया

इधर, रीवा में भी निचली बस्तियों में पानी भर जाने के बाद 300 से अधिक लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया गया, जबकि सतना जिले के पतोड़ा गांव में नाला पार करते हुए ट्रैक्टर बह गया। उसके चालक की तलाश की जा रही है। रीवा के एसपी राकेश सिंह ने मीडिया को बताया कि यहां से 100 किमी दूर त्योंथर में लगातार बारिश से नचले इलाकों में पानी भर गया, इस कारण 300 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है।

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