REWA : भारतीय राजनीति के इतिहास में पहली बार अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज ने की बड़ी मांग : आबादी के हिसाब से ब्राह्मणों को आरक्षण की मांग

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रीवा. MP से बुलंद हुई ये बड़ी आवाज और ये आवाज बुलंद की है ब्राह्मण समाज ने। देश के राजनीतिक इतिहास में पहली बार अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज ने यह मांग उठाई है।

राष्ट्रीय राजनीति में एमपी के रीवा ने बड़ी हलचल पैदा कर दी है। जहां एक तरफ केंद्र सरकार ने हाल ही में नीट के लिए ओबीसी को आरक्षण की घोषणा की है। वहीं अब अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज ने आबादी के हिसाब से ब्राह्मणों को आरक्षण की मांग की है।

अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज के नवनियुक्त राष्ट्रीय महासचिव और यूपी के प्रतापगढ़ क्षेत्र के पूर्व विधायक बृजेश मिश्रा सौरभ ने मीडिया से बातचीत में यह मांग उठाई है। सौरभ का कहना है कि देश की आबादी में ब्राह्मणों की संख्या साढ़े 22 प्रतिशत है। उस हिसाब से सरकार ब्राह्मणो को भी साढ़े 22 प्रतिशत आरक्षण दे।

उन्होने कहा कि आरक्षण के चलते प्रतिभाओं का दमन हो रहा है। इतिहास गवाह है कि जब भी प्रतिभा का दमन किया गया है तो महाभारत और कुरूक्षेत्र बना है। उन्होने कहा कि आरक्षण की इसी तरह से व्यवस्था बनती रही और प्रतिभाओं का दमन होता रहा तो समाज विघटित होगा। उन्होने कहा कि इस संगठन के माध्यम से वे बाम्हण सामाज के लिए हर संभव आवाज उठाने के साथ ही उन्हे संगठित करने का काम करेंगे।

इस दौरान अखिल भारतीय बाम्हण सामाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय त्रिपाठी, प्रदेश अध्यक्ष पुष्पेन्द्र मिश्रा, बृजेश पांडे, अशुल मिश्रा, सुशील तिवारी सहित महिला विंग की पदाधिकारी मौजूद रही।

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