REWA : हर दिन 15 कुत्ते कर रहे अटैक, SGMH की OPD में अब तक पहुंचे 2302 मरीज, लापरवाही ठीक नहीं, समय पर लगवाएं इंजेक्शन

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रीवा जिले में हर दिन 15 कुत्ते रहवासियों को अटैक कर रहे है। आलम है कि एसजीएमएच की ओपीडी में चालू वर्ष 2021 में अब तक 2302 मरीज पहुंच चुके है। जबकि वर्ष 2018 में 5596 मरीज, वर्ष 2019 में 5607 मरीज और वर्ष 2020 में 1959 मरीजों को रेबीज इंजेक्शन लगा है। वहीं चिकित्सकों ने सलाह दी है कि कुत्ते, बिल्ली, शियार और नेवले के काटने पर लापरवाही ठीक नहीं है। ऐसे में समय पर इंजेक्शन लगवाएं।

सीएमएचओ डॉ.बीएल मिश्रा ने बताया कि रेबीज बीमारी की रोकथाम, बचाव व इलाज के लिए वर्ष 2019 से राष्ट्रीय रेबीज नियंत्रण कार्यक्रम चलाया जा रहा है। हर साल 28 सितंबर को विश्व रेबीज दिवस मनाते है। भारत में कुत्ते और जंगली जानवरों के काटने से रेबीज नामक बीमारी होती है। जिसकी मृत्यू दर शत प्रतिशत है। लेकिन समय में यदि उचित उपचार व प्रबंधन होने से इससे बचाव किया जा सकता है।

क्या है डॉग बाइट के लक्षण

एसजीएमएच के सीएमओ डॉ. अतुल सिंह ने बताया कि यदि दर्द एवं थकावट होना, सिरदर्द, बुखार, मांस पेशियों में जकड़न, चि​ड़चिड़ा होना, उग्र स्वभाव, व्याकुल होना, अजीबों गरीब बिचार आना, कमजोरी होना, लार व आंशुओं का ज्यादा बनना, तेज रोशनी व आवाज से चिढन होना, बोलने में तकलीफ होना, पानी से डर लगना आदि लक्षण होते है।

कैसे करें बचाव

श्याम शाह मेडिकल कॉलेज के एपिडेमियोलाजिस्ट विभाग के डॉ. अम्बरीश मिश्रा का कहना है कि कुत्ते काटने के बाद घाव को साबुन एवं बहते पानी से तुरंत धोना चाहिए। उपलब्ध कीटाणुनाशक लगाएं। समय पर अपने डॉक्टर से संपर्क करें। जबकि जानवरों द्वारा चाटने, खरोच व घाव को अनदेखा न करें। कटे घाव में मिर्च, सरसो का तेल जैसे ज्वलन पदार्थ न लगाएं। धाव को न ढंके और न टांका लगाएं। बच्चों को आवारा जानवरों से दूर रखें।

वर्ष बार रेबीज इंजेक्शन के आंकड़े

- डॉग बाइट - ओपीडी

- 2018 - 5596

- 2019 - 5607

- 2020 - 1959

- 2021 - 2302

( चालू वर्ष के आंकड़े 1 जनवरी से 28 सितंबर तक के है)

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