STUDY : एक नई स्टडी के मुताबिक, रोजाना 7000 स्टेप्स चलने से कम उम्र में मौत का खतरा 50 से 70 प्रतिशत तक होता है कम

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लंबी उम्र के लिए हेल्दी लाइफस्टाइल को अपनाना बहुत जरूरी है. खान-पान और अनहेल्दी आदतों का असर सीधा इंसान की जिंदगी पर पड़ता है. एक नई स्टडी के मुताबिक, रोजाना 7000 स्टेप्स चलने से कम उम्र में मौत का खतरा 50 से 70 प्रतिशत तक कम हो जाता है. यह स्टडी JAMA नेटवर्क ओपन जर्नल में प्रकाशित हुई है.

फिजिकल एक्टिविटी एपिडेमायोलॉजिस्ट और स्टडी की प्रमुख लेखक अमांडा पलुच ने बताया कि 10,000 से ज्यादा स्टेप्स चलने या तेज चलने से किसी भी तरह के अतिरिक्त लाभ का प्रमाण नहीं मिला है. उन्होंने 10,000 स्टेप्स चलने को जापानी पेडोमीटर के लिए करीब एक दशक पुराने मार्केटिंग कैंपेन का हिस्सा बताया.

इसके लिए शोधकर्ताओं ने कोरोनरी आर्टरी रिस्क डेवलपमेंट इन यंग एडल्ट (CARDIA) स्टडी से डेटा लिया है, जो वर्ष 1985 में शुरू हुई थी और इस पर शोध अभी भी जारी है. 38 से 50 साल की उम्र के तकरीबन 2,100 वॉलंटियर्स को 2006 में एक्सीलेरोमीटर पहनाया गया था. फिर उनकी हेल्थ को लगभग 11 साल तक मॉनिटर किया गया.

इसके बाद 2020-21 में इसके डेटा का विश्लेषण किया गया और इसमें शामिल वॉलंटियर्स को तीन अलग-अलग ग्रुप्स में बांटा गया. पहला लो स्टेप वॉल्यूम (रोजाना 7,000 से कम स्टेप्स), दूसरा मॉडरेट (7,000-9,000 स्टेप्स) और तीसरा हाई (10,000 से ज्यादा स्टेप्स).

स्टडी के आधार पर एक्सपर्ट ने बताया कि रोजाना 7,000 से 9,000 स्टेप्स चलने वाले वॉलंटियर्स की हेल्थ को बहुत फायदा हुआ है. लेकिन प्रतिदिन 10,000 से ज्यादा कदम चलने वालों की सेहत को कोई अतिरिक्त लाभ नहीं मिला. शोधकर्ताओं ने पाया कि रोजाना औसतन 7,000 कदम चलने वालों में किसी भी कारण से मौत का खतरा 50 से 70 प्रतिशत तक कम होता है.

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