REWA : मेडिकल कॉलेज में नर्सों को परेशान करने का मामला : स्टोरकीपर को हटाने की मांग को लेकर नर्सों ने दी आंदोलन की चेतावनी ...

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रीवा शहर के श्याम शाह मेडिकल कॉलेज में क्लर्क का कार्य देख रहे स्टोरकीपर को हटाने की मांग को लेकर दूसरे​ दिन भी नर्सों का प्रदर्शन जारी रहा। नर्सेस एसोसिएशन की जिला अध्यक्ष अंबिका तिवारी ने बताया कि जीतेश रावत का मूल पद स्टोरकीपर है, लेकिन उससे लिपिकीय कार्य कराया जा रहा है।

ऐसे में नर्सों का समयमान वेतन, न्यायालय के आदेशों की अवेलना, नए लोगों को वेतन न देना, आंदोलन के समय का वेतनमान रोकना, आए दिन नर्सों से अभ्रदता करना आदि दिक्कतों से परेशान होकर स्थापना शाखा से हटाए जाने की मांग को लेकर नर्सों ने मंगलवार को धरना प्रदर्शन कर आंदोलन की चेतावनी दी।

48 घंटों का अल्टीमेटम

अपने ज्ञापन में नर्सों ने कहा कि अगर आगामी 48 घंटे के भीतर स्टोरकीपर को नहीं हटाया जाता तो नर्सेस एसोसिएशन की जिला इकाई आंदोलन करने पर विवश होगी। फिलहाल नर्सों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन के आधार पर डीन डॉ. मनोज इंदुलकर ने बुधवार को स्टोरकीपर जीतेश को स्थापना शाखा से हटाए जाने का आश्वासन दिया है। फिलहाल डीन के आश्वासन के बाद नर्सों ने धरना प्रदर्शन समाप्त कर दिया। इस अवसर पर नर्सेस एसोसिएशन की जिला अध्यक्ष अंबिका तिवारी, स्वशासी नर्सेस एसोसिएशन के अध्यक्ष सत्यधर शर्मा, उपेन्द्र त्यागी, पुष्कर, रवि सिकरवार, पुष्पा पटेल सहित अन्य नर्सिंग स्टॉफ उपस्थित रहा।

सोमवार को भी किया था प्रदर्शन

स्टोरकीपर को हटाए जाने की मांग को लेकर नर्सिंग स्टॉफ द्वारा सोमवार को भी डीन कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन किया गया था। इस दौरान स्टोरकीपर पर लापरवाही और कर्मचारियों के साथ अभद्रता किए जाने का आरोप लगाते हुए हटाने की मांग की गई थी। सोमवार को भी डीन द्वारा स्टोरकीपर को हटाने संबंधी कार्रवाई की बात कही गई थी। लेकिन जब मंगलवार को भी उसे हटाने संबंधी आदेश नहीं दिया गया तो नर्सिंग स्टाफ फिर से धरना प्रदर्शन कर स्टोरकीपर को हटाने की मांग करने लगा।

विवादित लिपिक को भी हटाने की मांग

नर्सिंग एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा है कि एक विवादित मामले की जांच में फंसे लिपिक विनोद सेन को डीन कार्यालय से हटा कर स्थापना शाखा में नियुक्त कर दिया गया है। जब से यह ​विवादित लिपिक आया है तब से नर्सों से कोई कार्य नहीं हो रहे है। इसीलिए ज्ञापन में स्टोरकीपर के साथ ही लिपिक को भी हटाए जाने की मांग की गई है। वहीं कुछ लोगों का आरोप है कि यदि श्याम शाह मेडिकल कॉलेज को अच्छे से चलाना है तो विवादित लिपिकों से स्थापना शाखा को मुक्त रखना होगा।

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