MP में बड़ी राहत : रेलवे ने प्लेटफार्म टिकट की दर घटाई, रीवा, सतना, सागर,कटनी समेत इन जगहों पर लगेंगे 20 रुपए : इंदौर में 30 तो सबसे महंगा भोपाल में 50 रुपए का टिकट

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रेलवे ने जबलपुर सहित मंडल रेल के 11 स्टेशनों पर यात्रियों और उनके साथ स्टेशन तक आने वाले लोगों को बड़ी राहत दी है। अब यात्रियों को 50 की बजाए प्लेटफार्म टिकट के लिए 20 रुपए देने होंगे। स्टेशन पर बेवजह भीड़ पहुंचने से रोकने के लिए रेलवे ने प्लेटफार्म टिकट महंगा कर दिया था, लेकिन भोपाल में अब भी 50 रुपए का ही प्लेटफार्म टिकट खरीदना पड़ रहा है। वहीं जबलपुर से 10 रुपए महंगा प्लेटफार्म टिकट ग्वालियर, इंदौर, बैतूल, छिंदवाड़ा और इटारसी जैसे स्टेशन पर हैं। यहां दो घंटे के लिए 30 रुपए चुकाना पड़ रहा है।

जबलपुर रेल मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक विश्वरंजन ने बताया कि मंडल के 11 प्रमुख स्टेशनों जबलपुर, मदन महल, कटनी, कटनी मुड़वारा, मैहर, सतना, रीवा, सागर, दमोह, नरसिंहपुर और पिपरिया में अब प्लेटफार्म टिकट के लिए 20 रुपए देने पड़ेंगे। इससे पहले जबलपुर और मदनमहल में 50-50 रुपए तो अन्य स्टेशनों पर 30-30 रुपए प्लेटफार्म टिकट थे।

इस कारण बढ़ाए गए थे टिकट

दरअसल कोविड के दूसरी लहर में स्टेशनों पर भीड़ कम करने की मंशा से प्लेटफार्म टिकट की दर 30 ओर 50 रुपए कर दी गई थी। इसका परिणाम ये रहा कि लोग स्टेशनों पर बेवजह प्रवेश से बचने लगे। रेलवे को राजस्व का नुकसान हुआ। वहीं मेमू और पैसेंजर ट्रेनों की शुरूआत के बाद जैसे ही जनरल टिकटों की बिक्री शुरू हुई, लोग इसकी बजाए कम दूरी की यात्रा दिखाकर 20 रुपए की लोकल ट्रेनों में यात्रा का टिकट लेने लगे थे।

प्लेटफार्म टिकट नहीं तो 500 रुपए तक जुर्माना

रेलवे ने स्पष्ट कर दिया है कि बिना प्लेटफार्म टिकट के कोई चैकिंग में मिला तो उसे 500 रुपए तक जुर्माना देना पड़ेगा। स्टेशन प्लेटफार्म में प्रवेश करने वाले प्लेटफार्म टिकट लेकर ही प्रवेश करें। कई बार ऐसा भी हो सकता है कि लंबी दूरी की ट्रेन के आगमन के समय वे पकड़े जाते हैं तो यात्री मानकर उनसे लंबी दूरी की ट्रेन यात्रा और उसके जुर्माने की राशि भी भरनी पड़ सकती है।

2015 रेलवे ने डीआरएम को दे रखा है अधिकार

सीपीआरओ राहुल जयपुरिया के मुताबिक रेलवे ने 2015 से ही स्टेशनों पर भीड़ को नियंत्रित करने का अधिकार डीआरएम को दे रखा है। न्यूनतम 10 रुपए से लेकर अधिकतम 50 रुपए की दर निर्धारित करने का अधिकार दिया गया है। कोविड में स्टेशनों पर बेवजह भीड़ नियंत्रित करने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने के लिए टिकट की कीमतें बढ़ाई गई थी। तब रेलवे ने स्पष्ट किया था कि कोविड के केस कम होने पर प्लेटफार्म टिकटों की कीमत घटाई जाएगी।

5 रुपए से 50 रुपए तक बढ़ गया था प्लेटफार्म टिकट

वर्ष 2014 के पहले तक प्लेटफार्म टिकट की दर 5 रुपए थी। इसे पहले 10 रुपए और कोविड की दूसरी महामारी के दौरान 30 रुपए से लेकर 50 रुपए कर दिया गया था। इस बढ़ी हुई कीमत को लेकर सियासत भी हुई, लेकिन तब रेलवे ने कोविड में भीड़ को नियंत्रित करने का हवाला देकर इसका बचाव किया था। अब जबलपुर रेल मंडल में प्लेटफार्म टिकट घटाकर 20 रुपए कर दिए गए हैं।

प्लेटफार्म टिकट लेकर भी कर सकते हैं इमरजेंसी में यात्रा

प्लेटफार्म टिकट बड़े काम के होते हैं। इमरजेंसी में इस टिकट से ट्रेन यात्रा भी कर सकते है। आकस्मिक जरूरत पर ट्रेन में यात्रा करनी पड़ जाए तो आप रेलवे स्टेशन से प्लेटफॉर्म टिकट खरीदकर भी यात्रा कर सकते हैं। बशर्तें ट्रेन में सवार होने के तुरंत बाद TTE से संपर्क कर यात्रा के लिए टिकट खरीदनी होगी। प्लेटफॉर्म टिकट के साथ यात्रा करने पर 250 रुपये का फाइन और टिकट का किराया श्रेणी के अनुसार देना होगा। वैध टिकट न होने की स्थिति में प्लेटफॉर्म टिकट को सबूत के तौर पर भी माना जाता है कि आपने अमुक स्टेशन से यात्रा शुरू की है। नहीं तो ट्रेन के शुरू होने वाले स्टेशन और गंतव्य तक का टिकट बनवाना पड़ सकता है।

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