MP : महिलाओं ने सज-धज कर बदहाल सड़क पर किया रैंप वॉक : ऐ भाई जरा देख के चलो'... गाने पर एक घंटे तक गड्‌ढों में रैम्प वॉक का चला सिलसिला

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भोपाल में शनिवार को बदहाल सड़कों को लोकर लोगों का अनोखा प्रदर्शन देखने को मिला। शहर के होशंगाबाद रोड स्थित दानिश नगर में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग बारिश के बीच सड़क पर विरोध करने उतर गए। महिलाओं ने सज-धज कर बदहाल सड़क पर रैंप वॉक किया। यहां 'ऐ भाई जरा देख के चलो'... गाने पर एक घंटे तक गड्‌ढों में रैम्प वॉक का सिलसिला चलता रहा। जर्जर सड़कों को लेकर बच्चों और बुजुर्गों में भी गुस्सा देखने को मिला।

राजधानी भोपाल सफाई के मामले में देश में 7वें नंबर पर है। कुछ साल बाद मेट्रो ट्रेन दौड़ने भी लगेगी, लेकिन शहर की सड़कें गांवों की सड़कों से भी बदतर हैं। आम रास्तों से लेकर पॉश कॉलोनियों तक की सड़कों पर सिर्फ गड्‌ढे ही नजर आते हैं। CM शिवराज सिंह चौहान हाल ही में बदहाल सड़कों को लेकर जिम्मेदार अफसरों को फटकार लगा चुके हैं। 61 साल पुराने CPA (राजधानी परियोजना प्रशासन) भी जर्जर सड़कों की भेंट चढ़ चुका है। बावजूद भोपाल की खूबसूरती पर खराब सड़कें न सिर्फ दाग लगा रही हैं, बल्कि लाखों लोग परेशान भी हो रहे हैं।

‘टैक्स वसूल रहे तो सुविधाएं भी दें’

दानिश नगर में रहने वाली अंशु गुप्ता ने कहा कि कॉलोनी में 450 से ज्यादा घर हैं। सैकड़ों प्लाट भी हैं। बावजूद यहां की सड़कें जर्जर हैं। बारिश के दौरान तो पैदल गुजरना भी मुश्किल हो गया है। कई बार लोग गड्‌ढों में गिर जाते हैं। नगर निगम टैक्स वसूल रहा है, तो फिर सुविधाएं क्यों नहीं दी जा रही हैं। जनप्रतिनिधि भी सिर्फ वोट बैंक की तरह लोगों का इस्तेमाल कर रहे हैं। कॉलोनाइजर भी कोई सुविधाएं नहीं दे रहे, इसलिए अब गड्‌ढों में रैम्प वॉक करना पड़ा, ताकि जिम्मेदार जाग सकें।

                                                            गड्‌ढों में रैम्प करती महिलाएं।

दानिश नगर में ही रहने वाली उमा शर्मा ने बताया कि 30 साल से रहे हैं, लेकिन सड़क नहीं बनी है। जगह-जगह गड्‌ढे हो गए हैं और गुजरने में परेशानी होती है। कल्पना नगरकर ने बताया कि बारिश के दिनों में चलना मुश्किल हो जाता है। कॉलोनी की सड़कें सही ढंग से नहीं बनी है। न चल पाते हैं और न गाड़ी चला पाते हैं। बहुत परेशानी हैं। स्ट्रीट लाइटें बंद रहती हैं और सीवेज सिस्टम भी नहीं है। लता श्रीवास्तव ने कहा कि बारिश में घर से बाहर नहीं निकल सकते।

रतलाम में गड्ढा कूद प्रतियोगिता हो चुकी

मध्य प्रदेश में सड़कों का खस्ताहाल किसी से छुपा नहीं है। प्रदेश की जिन सड़कों की तुलना मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान वॉशिंगटन की सड़कों से करते रहे हैं, वे जर्जर अवस्था में है। भोपाल में ही नहीं इंदौर, उज्जैन, होशंगाबाद, सागर, जबलपुर, ग्वालियर समेत कई जिलों के लोग सड़क की बदहाली से परेशान हैं।

इंदौर में जर्जर हो गई सड़कें

इंदौर के खंडवा रोड की हालत बारिश में काफी बिगड़ चुकी है। लगातार तेज बारिश के बाद सड़कों की हालत जर्जर है। इससे हर कोई परेशान हैं। खंडवा रोड पर DAVV विश्वविद्यालय व स्कूल-कॉलेज भी है, लेकिन सरकारी विभागों का ध्यान इस ओर नहीं गया है।

नर्मदा नदी का पुल खस्ताहाल

होशंगाबाद में नर्मदा पुल की हालत खस्ताहाल है। पुल की सड़क गड्ढों में तब्दील हो गई है। मंडीदीप-बैतूल नेशनल हाईवे 69 पर यह नर्मदा नदी का पुल है। जिसके ऊपर से हर दिन हजारों वाहन गुजरते हैं।

सागर में कीचड़ में नहाकर विरोध प्रदर्शन

सागर की खस्ताहाल सड़कों, कीचड़, धूल और गड्ढों के विरोध में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने अनोखा विरोध किया था। कुछ दिन पहले सड़कों की मरम्मत की मांग को लेकर कार्यकर्ताओं ने संजय ड्राइव ट्रैफिक पार्क के पास कीचड़ स्नान किया था। कार्यकर्ताओं ने कीचड़ से नहाने के साथ ही जनप्रतिनिधियों को जमकर कोसा था। उन्होंने कहा था कि एयर कंडिशनर गाड़ियों में घूमने वाले मंत्री-विधायक सागर की सड़कों पर बाइक पर बैठकर 50 मीटर चलकर बताएं, तब पता चलेगा कि सागर की जनता को कितनी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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