MP : 13 साल की बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के बाद अब 80 साल की बुजुर्ग से रेप, न्यायालय ने सुनाई उम्र कैद की सजा : DNA रिपोर्ट व साक्ष्य बने सजा में आधार

ख़बरों के बेहतर एक्सपीरिएंस के लिए डाउनलोड करें Rewa News Media ऐप, क्लिक करें

सागर में 13 साल की बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के मामले में सुनाई गई फांसी की सजा के 3 माह बाद सीरियल किलर को 80 साल वृद्धा से दरिंदगी और हत्या के केस में न्यायालय ने उम्र कैद सुनाई है। सजा में DNA जांच रिपोर्ट आधार बनी। इसी रिपोर्ट से आरोपी की पहचान हुई थी।

तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश की कोर्ट ने प्रकरण में सुनवाई करते हुए आरोपी वीरेन्द्र (24) पुत्र घसीटे आदिवासी निवासी आबचंद थाना सानौधा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसी आरोपी को 3 महीने पहले 13 साल की बच्ची से दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या करने के मामले में कोर्ट मौत की सजा सुना चुका है। सीरियल किलर वीरेंद्र आदिवासी काफी शातिर है। बच्ची और वृद्धा के अंधेकत्ल के बाद फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) रिपोर्ट में दोनों के साथ दुष्कर्म की पुष्टि हुई थी। बच्ची के मामले में कुछ दिन बाद आरोपी पकड़ा गया था।

वारदात एक जैसी होने पर पुलिस ने उसकी डीएनए जांच कराई। इससे वृद्धा से दुष्कर्म व हत्या की गुत्थी भी सुलझ गई। इस मामले में DNA मैच हुआ था। इन्हीं आधार पर न्यायालय ने आरोपी वीरेंद्र को आजीवन कारावास और 11 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। शासन की ओर से उप-संचालक (अभियोजन) अनिल कटारे ने मामले की पैरवी की।

खेत के टपरे में मिला था वृद्धा का शव

लोक अभियोजन के मीडिया प्रभारी एडीपीओ सौरभ डिम्हा ने बताया कि 11 जनवरी 2019 को आबचंद गांव में खेत पर बने टपरे में 80 वर्षीय वृद्धा का शव मिला था। उसके मुंह से खून निकल रहा था। पास में ही किसी व्यक्ति के जूते मिले थे। बेटे की रिपोर्ट पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच कराई। FSL जांच से पता चला था कि वृद्धा से दुष्कर्म भी हुआ है। अज्ञात आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म व हत्या का प्रकरण दर्ज किया गया था।

इसी दौरान सानौधा थाना में नाबालिग से दुष्कर्म व हत्या के मामले में आरोपी वीरेन्द्र आदिवासी के खिलाफ प्रकरण दर्ज हुआ। मामले में वृद्धा से दुष्कर्म के मामले में इसी आरोपी की DNA रिपोर्ट का मिलान हुआ था। केन्द्रीय जेल सागर में बंद आरोपी वीरेन्द्र आदिवासी को पुलिस ने रिमांड पर लेकर पूछताछ की तो उसने वृद्धा से दुष्कर्म व हत्या का जुर्म कबूल कर लिया। जांच में आरोपी के खिलाफ अपराध सिद्ध पाए जाने पर प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

DNA रिपोर्ट व साक्ष्य बने सजा में आधार

मामले में FSL परीक्षण रिपोर्ट, डॉक्टर की क्योरी रिपोर्ट, जब्ती रिपोर्ट, धारा 164 के कथन तथा अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य संकलित किए गए। विवेचना पूर्ण कर अभियोग पत्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। उप-संचालक (अभियोजन) कटारे द्वारा प्रकरण में अभियोजन साक्षियों को परीक्षित कराया व अन्य साक्ष्य को पेश किया। इस तरह के अपराधी और अपराध को लेकर उन्होंने महत्वपूर्ण तर्क प्रस्तुत किए। न्यायालय द्वारा प्रकरण के तथ्य परिस्थितियों व अपराध की गंभीरता को देखते हुए आरोपी वीरेन्द्र आदिवासी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

Powered by Blogger.