MP LIVE : आज से नवरात्रि पर्व की शुरुआत : मैहर की शारदा भवानी समेत इन जगहों पर भक्तों का हुजूम, अलसुबह पट खुलते ही माता के जयकारे से गूंज उठे मंदिर परिसर

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नवरात्रि पर्व की शुरुआत गुरुवार को होने के साथ ही भक्त माता की भक्ति में रम गए। माता के दर्शन को रात से ही भक्त मंदिर के बाहर पहुंच गए थे। अलसुबह पट खुलते ही माता के जयकारे से मंदिर परिसर गूंज उठा। मध्यप्रदेश के सभी माता मंदिर में कोरोना गाइडलाइन के साथ भक्त दर्शन कर रहे हैं।

मैहर की शारदा भवानी हो या फिर सलकनपुर की मां बीजासन, यहां भक्तों की तादात हजारों में है। इसके अलावा मां बगलामुखी मंदिर नलखेड़ा, देवास वाली माता, रतनगढ़ माता मंदिर और पीतांबरा पीठ मंदिर में भी भक्तों का हुजूम है। देवास वाली माता जहां 9 दिनों तक 24 घंटे दर्शन देंगी। वहीं, सलकनपुर माता मंदिर 21 घंटे खुला रहेगा।

मां शारदा भवानी के दर्शन को हजारों लोग पहुंचे

मैहर में मां शारदा भवानी के दर्शन को भी बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे। अलसुबह पट खुलते ही देवी के दर्शन को भक्त उमड़ पड़े। नवरात्रि मेले के लिए देवी शारदा माता की नगरी मैहर को दुल्हन की तरह सजा दिया गया। मां के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं के मैहर पहुंचने का सिलसिला एक दिन पहले से ही जारी हो गया था। रात में ही बड़ी संख्या में भक्तों ने मातारानी के दर्शन के लिए लाइन लगा ली थी। कई श्रद्धालु पदयात्रा करते हुए मैहर पहुंचे। दर्शन के लिए तड़के में 3:45 बजे मंदिर के पट खुले। मातारानी की आरती के बाद दर्शन का सिलसिला शुरू हुआ।

मां बगलामुखी में अनुष्ठान शुरू

आगर मालवा के नलखेड़ा में स्थित प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर में नवरात्रि के अवसर पर मध्य रात्रि को माता का स्वर्ण चोला चढ़ाकर आकर्षक चुनरी से श्रृंगार किया गया। सुबह 5 बजे से श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए मंदिर के पट खोल दिए गए। सुबह से ही हजारों श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन किए। सुबह 6 बजे से 6:30 बजे तक माता की आरती की गई। सुबह 6:30 बजे बाद मुख्य पुजारी गोपाल दास और उनके परिवार द्वारा शुभ मुहूर्त में घटस्थापना की गई। प्रशाशन द्वारा सुबह से ही दर्शनार्थियों के लिए व्यवस्थाएं चाक-चौबंद कर रखी थी। श्रद्धालुओं को दर्शन में किसी तरह की परेशानी न हो इसके लिए कतार लगवाई गई और गर्भगृह के बाहर से ही भक्तों को दर्शन करने दिया गया। मातारानी को 56 भोग का प्रसाद भी चढ़ाया गया।

पीतांबरा मंदिर में भक्तों का हुजूम

मध्यप्रदेश के दतिया में स्थित विश्व प्रसिद्ध देवी तांत्रिक शक्ति पीठ मां पीतांबरा मंदिर में नवरात्रि के पहले ही दिन भक्तों का तांता लग गया है। अलसुबह से ही मंदिर माता के जयकारों ने गूंज रहा है। मंदिर में देवी भक्तों को कड़ी सुरक्षा के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। पहले दिन से ही पीठ में अनुष्ठान शुरू हो गया है, जो 9 दिनों तक चलेगा। स्थानीय साधकों के साथ ही देश-विदेश से आने वाले साधक भी साधना में लीन हैं। मंदिर को रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया है।

सलकनपुर में बिजासन माता के जयकारे से गूंजा मंदिर परिसर

सीहोर में भी मां बीजासन देवी की आराधना में भक्त रम गए हैं। मंदिर में विशेष सजावट देखने को मिल रही है। नवरात्र पर्व के पहले दिन मां दुर्गा का विशेष श्रृंगार किया गया। भक्तों को मंदिर में कोरोना गाइड लाइन का पालन करने के लिए भी जागरूक किया जा रहा है। यहां पर जगह-जगह लगी सुरक्षा व्यवस्था से गुजरकर भक्तों को प्रवेश दिया जा रहा है। माता के दर्शन को रात 12 बजे से ही भक्तों का आना शुरू हो गया था। सुबह जैसे ही मंदिर के पट खुले, कतार में लगे भक्तों ने माता के जयकार लगाए। प्रदेश ही नहीं दूसरे प्रदेशों से भी भक्त माता के दर्शन को पहुंचे हैं। सुबह से ही यहां हजारों की संख्या में पहुंचे भक्तों ने माता के दर्शन किए।

देवास: माता टेकरी

पहले दिन मां के दरबार में आए हजारों श्रद्धालुओं ने मां तुलजा भवानी चामुंडा रानी की पूजा की। माता के दरबार को फूलों से सजाया गया। बंगला से मां तुलजा भवानी चामुंडा रानी की सुबह की आरती 6:30 बजे हुई। चामुंडा माता शासकीय पुजारी के अनुसार तुलजा भवानी एवं चामुंडा माता मंदिर पर घट स्थापना 12:00 से 1:30 के बीच में होगी। शाम की आरती 6:05 पर होगी।

रतनगढ़ माता मंदिर में भी दिखी भीड़

दतिया में ऊंची चोटी पर विराजी देवी रतनगढ़ माता के मंदिर में नवरात्रि शुरू होने से पहले ही देवी भक्तों की भीड़ नजर आने लगी है। लोग देवी माता के सबसे पहले दर्शन कर सकें, इसके लिए रात से ही कतार में लग गए थे। दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान के अलावा उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कई जिलों से देवी के भक्त माता के दर्शन करने के लिए यहां पहुंचे। देवी मंदिर में भक्तों को आसानी से दर्शन हो सके, इसके लिए टीम यहां तैनात रही। कोरोना नियमों के पालन में इस मर्तबा देवी भक्तों को दर्शन कराए जा रहे हैं। सामाजिक संस्थाओं के कार्यकर्ता भी मंदिर में व्यवस्था के लिए लगाए गए हैं।

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