SATNA : मैहर में बोली उमा : शराबबंदी पर शिव को दी दो टूक, कहा ; बिहार और गुजरात से सीख लेनी चाहिए : 14 जनवरी से छतरपुर में शराब बंदी का ऐलान

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मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने शराबबंदी के अपने अभियान को गति देने का ऐलान करते हुए कहा है कि MP को इस मामले में बिहार और गुजरात से सीख लेनी चाहिए। नवरात्रि पर माता शारदा के दर्शन करने मैहर पहुंचीं उमा भारती ने कहा, बिहार में मध्यप्रदेश से ज्यादा आबादी, ज्यादा BPL वाला राज्य है फिर भी वहां शराबबंदी लागू की गई। हमें यह समझना होगा कि नीतीश सरकार ने वहां कैसे राजस्व क्षति की भरपाई की होगी। उन्होंने नीतीश की तारीफ करते हुए कहा कि उन्हें इस फैसले का लाभ भी हुआ है, महिलाओं ने नीतीश की सरकार को समर्थन दिया है। इसके पहले सोमवार शाम छतरपुर पहुंची भारती ने वहां पर भी शराबबंदी को लेकर अपनी राय दी।

भारती ने कहा- गुजरात में भी आदिवासियों की स्थिति में सुधार के लिए शराबबंदी की गई। वहां भी राजस्व की रिकवरी के लिए दूसरे माध्यम खड़े किए गए। इन दोनों राज्यों के मॉडल से हमें सीख और मदद मिल सकती है। पूर्व मुख्यमंत्री ने MP के CM शिवराज सिंह चौहान और प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा की भी तारीफ करते हुए कहा, मुझे दोनों का पूरा समर्थन मिल रहा है। शिवराज तो कहते हैं कि सिर्फ शराबबंदी ही नहीं पूर्ण नशाबंदी पर बात की जाए। फैसला लेने के पहले इसके लिए जन जागरूकता के प्रयास किए जाएं। बिहार में भी ऐसा ही किया गया था। उन्होंने कहा कि 15 जनवरी तक हमारा नशाबंदी के लिए जागरूकता अभियान चलेगा। यह आप सब के संकल्प से ही संभव हो सकता है।

सीएम योगी आदित्यनाथ की भी तारीफ की

महंगाई और उपचुनावों के मुद्दे पर पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा- कोरोनाकाल और वैश्विक संकट के दौर में पीएम मोदी ने जिस सामर्थ्य से मुकाबला किया है। वह प्रशंसनीय है। उन्होंने इस मामले में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ की भी तारीफ की। कहा, मीडिया ही कहता है कि यूपी में भाजपा सरकार की वापसी होगी। जनता जानती है कि संकट का दौर है, इसलिए महंगाई का चुनाव पर कोई प्रभाव नही पड़ेगा।

छतरपुर में उमा ने कहा- 14 जनवरी से करूंगी शुरुआत

सोमवार शाम को छतरपुर में उमा भारती ने कहा था कि शराबबंदी सरकार विरोधी नहीं, शराब विरोधी है। मां गंगा से मेरा बहुत गहरा लगाव है। ये लगाव अपने-आप हुआ, मैंने खुद से बनाया नहीं है। मैं पिछले डेढ़ सालों से गंगा के लिए कुछ कर ही नहीं सकी और ये स्वेच्छा से हुआ है। लॉकडाउन और विपरीत परिस्थियों के कारण में कुछ नहीं कर पाई। इन्हीं कारणों से शराबबंदी पर भी मैं कुछ नहीं कर सकी। गंगा का एक फेज का काम जो बचा हुआ है, वह 14 जनवरी को पूरा होगा और इसके पूरे होते ही मैं खुद शराबबंदी के अभियान में शामिल होंगी। शराबबंदी अभियान से जो लोग जुड़े हुए हैं, मैंने उनसे कहा है कि पहले आप ये देखिए कि कितने लोग ऐसे हैं जो खुद से शराब छोड़ सकते हैं और उसके बाद धार्मिक स्थलों पर कहां-कहां शराब की दुकानें हैं, इसकी एक सूची बना लीजिए। इसके बाद 14 जनवरी से शराब अभियान में मैं पूरी तरह से जुड़ जाऊंगी।

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