कंगना बनेंगी सीता : फिल्म में नहीं दिखाई देंगे राम, ना बनवास ना सीताहरण ना होगा राम युद्ध, कई अस्त्र-शस्त्र चलाते दिखेंगी सीता : ऐसे ख़त्म होगी फिल्म ....

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बड़े पर्दे पर सीता के एक नए रूप की कहानी आ रही है। कंगना रनौत की ‘सीता-दी इंकार्नेशन’ में सीता को एक धर्नुधर योद्धा के रूप में पेश किया जाएगा। सीता तीरंदाजी समेत कई अस्त्र-शस्त्र चलाते दिखेंगी। यह फिल्म पूरी सीता के किरदार पर ही आधारित है और इसमें सीता के स्वयंवर तक की ही कहानी है। मतलब की कंगना की इस ‘सीता’ में राम की भूमिका नहीं के बराबर ही होगी।

रामानंद सागर की टीवी सीरियल ‘रामायण’ में दीपिका चिखलिया सीता के एक पारंपरिक रूप में दिखाई दी थी। लेकिन, ‘सीता-दी इंकार्नेशन’ में सीता की पूरी छवि अलग ही प्रस्तुत की जाएगी। बचपन से लेकर स्वयंवर तक की कहानी ही होगी। फिल्म में ना वनवास होगा, ना सीता हरण और ना ही राम-रावण का युद्ध।

सिर्फ स्वयंवर तक की कहानी

‘सीता’ के प्रोड्यूसर प्रेम जोशी ने बताते हैं कि यह शायद पहली फिल्म है जिसमें पूरा फोकस सिर्फ सीता पर है। इसमें सीता के बचपन, युवावस्था, गुरुकुल और स्वयंवर तक की कहानी होगी। यहां सीता की पहचान मिथिला की राजकुमारी के रूप में होगी। फिल्म में दिखाया जाएगा की सीता को गुरुकुल में पढ़ने के लिए भेजा गया था। वहां उन्होंने सारे शास्त्र और अस्त्र-शस्त्र विद्या सीखे थे। इस फिल्म का स्क्रीनप्ले ‘बाहुबली’, ‘बजरंगी भाईजान‘ और ‘मणिकर्णिका’ के राइटर वी. विजेन्द्र प्रसाद लिख रहे हैं। डायलॉग मनोज मुंतशिर के होंगे। फिल्म का बजट करीब 150 करोड़ है।

आलिया थी पहली पसंद, लेकिन वह ज्यादा स्क्रीन टाइम चाहती थी

प्रेम जोशी ने बताया कि ‘सीता’ के मुख्य किरदार के लिए सबसे पहली पसंद आलिया भट्ट ही थीं। आलिया के साथ दो बार नरेशन हुआ। लेकिन, उन्होंने डिमांड रख दी कि फिल्म में सीता के बचपन के सीन काटे जाएं और युवावस्था के सीन बढ़ाए जाएं। मेकर्स स्क्रिप्ट में किसी परिवर्तन के लिए तैयार नहीं थे। आखिर वह बात वहीं पर खत्म हो गई।

दीपिका थी दूसरी चॉइस

दीपिका पादुकोण इस किरदार के लिए दूसरी पसंद थीं। हालांकि, उनके साथ कोई नरेशन नहीं हुआ था। लेकिन, इतने में ही ड्रग्स केस कंट्रोवर्सी हो गई। ऐसे माहौल में दीपिका को सीता के लिए कास्ट करना मुश्किल हो गया था। इसलिए, उनका नाम ड्रॉप कर दिया गया।

करीना से बात ही नहीं हुई

प्रेम जोशी ने बताया कि इस फिल्म के लिए करीना कपूर के बारे में कभी सोचा ही नहीं गया। करीना ने 12 करोड़ फीस नहीं मिलने से फिल्म छोड़ दी, वो कंट्रोवर्सी ही पूरी तरह गलत है। इसी मेकर्स ने एक और ऐतिहासिक बायोपिक के लिए करीना का संपर्क किया था। लेकिन, करीना उस हिस्टोरिकल किरदार के लिए तैयार नहीं थीं, इसलिए बात नहीं बनी।

सीता वीरांगना थी, आसानी से धनुष उठाया करती थी

इतिहासकार और लेखक डॉ. उषा किरण खान बताती हैं, हमारे ग्रंथो में ब्रह्मवादिनी गार्गी और मैत्रेयी आश्रम चलाती थीं और सीता समेत लड़कियां गुरुकुल जाती थीं, ऐसे कई प्रमाण हैं। वह वीरांगना थीं। किसी भी मुश्किल का साहस से मुकाबला करती थीं।

सीता अपने एक हाथ से ही ऐसे धनुष उठा लेती थीं, जो बड़े योद्धाओं के लिए भी संभव नहीं था। वह शारीरिक तौर पर इतनी ताकतवर थीं, या धनुष उठाने का गुर उन्हें पता था।

धनुष पर डोरी चढ़ाने का मुश्किल काम भी सीता आसानी से कर लेती थीं। इसे देखकर ही पिता जनक ने सोचा था कि सीता का विवाह किसी महापराक्रमी योद्धा से ही होना चाहिए।

मिथिला वैसे ही कला कौशल का गढ़ था। सीता युद्ध के अलावा और सारी कलाओं में भी माहिर थीं। सीता पाक कला में भी निपुण थीं। जहां-जहां पर भी राम गए, उस हर जगह पर सीता रसोई पाई जाती है।

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