REWA : रीवा कलेक्टर ने दिया दिवाली का तोहफा : फुटपाथ पर मिट्टी के बर्तन बेचने वालों से नहीं लिया जाएगा कोई भी शुल्क

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रीवा । मिट्टी के दीये और बर्तन बनाकर अपने परिवार का जीविको पार्जन करने वाले कुम्हारों का दर्द रीवा कलेक्टर इलैयाराजा टी ने समझा है। कलेक्टर ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि दीवाली पर्व को लेकर गांव से शहर आने वाले किसी भी कुम्हार भाई से कोई बैठकी अथवा वसूली नहीं की जाएगी।

ये आदेश शहर के अलावा कस्बाई क्षेत्रों के लिए भी माना जाएगा। खासकर नगर निगम व नगरीय अमला के साथ पुलिस किसी को भी नहीं परेशान करेगी। हमें परंपरागत व प्राकृतिक चीजों को बढ़ावा देना है। साथ ही सभी को मिलकर कुम्हार बिरादरी को व्यापार में सहयोग व प्रोत्साहित करना है। जिससे देश व प्रदेश में कुम्हारों की परंपरा बनी रहे।




कलेक्टर के आदेश में वसूली फ्री कुम्हारों की वस्तुएं
कलेक्टर ने आदेश में कहा है कि दीपावली के पावन पर्व पर शहर के समीप गांवों के कुम्हार व जिले के दूरस्थ अंचल से आने वाले हुनरमंद लोग मिट्टी के दीये, मटके, गमले कुल्लहड़, मिट्टी के बर्तन आदि विक्रय के लिए नगरीय व कस्बाई क्षेत्रों में लेकर आते हैं। यह कार्य व्यवसाय एवं क्षेत्रीय परंपरा से जुड़ा होने के साथ-साथ व्यापक पर्यावरण हित में भी है। दीपावली इन लोगों के वर्षभर का सबसे बड़ा उत्सव आय-अर्जन व घर-परिवार की आर्थिक दशा सुधारने का माध्यम है।

इस तरह की मिलती थी शिकायतें
आदेश में कहा गया कि अक्सर जिले यह शिकायत आती है कि प्रशासन, नगर निगम, नगरीय निकाय का अमला, पुलिस आदि के द्वारा कर (टैक्स) शुल्क, बैठकी, आदि के लिए इन्हें काफी परेशानी होती है। जिससे कुम्हारों को तरह तरह की असुविधा का सामना करना पड़ता है। ऐसे में 24 अक्टूबर के बाद से कुम्हारों से किसी भी प्रकार की टैक्स आदि की वसूली न की जाए। इस संबंध में एसपी, निगमायुक्त, एडीएम, एएसपी, जिले के समस्त एसडीएम, एसडीओपी, तहसीलदार, थाना प्रभारी, मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को आदेश भेजा है।

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