MP : आदिवासी वोटर्स को साधने BJP -कांग्रेस आमने-सामने : 24 को भोपाल में ST विधायकों की बैठक तो शिवराज 22 को मंडला में करेंगे बड़ा आयोजन

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मध्य प्रदेश में आदिवासी वोटर्स को साधने के लिए बीजेपी-कांग्रेस आमने-सामने आ गए हैं। जनजातीय गौरव दिवस का समापन समारोह 22 नवंबर को मंडला में आयोजित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान यहां विभिन्न योजनाओं से आदिवासी हितग्राहियों को लाभान्वित करेंगे। इतना ही नहीं, शिवराज ने ऐलान कर दिया है कि आदिवासी क्रांतिकारी टंट्या भील के बलिदान दिवस पर 4 दिसंबर को पाताल पानी में (महू) बड़ा आयोजन किया जाएगा। पातालपानी टंट्या भील की कर्मस्थली है। यहां हर साल कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

इधर, कमलनाथ 24 नंवबर को आदिवासी विधायकों और 89 ट्राइबल ब्लॉक के पदाधिकारियों की बैठक भोपाल में करने जा रहे हैं। उपचुनाव के पहले कमलनाथ ने आदिवासी अधिकार यात्रा मालवांचल में निकाली थी, जबकि बीजेपी ने 18 सिंतबर को जबलपुर में सम्मेलन किया था। इसमें केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह शामिल हुए थे।

खास बात है कि दोनों ही दलों ने आदिवासियों को साधने की कवायद इसलिए भी तेज कर दी है, क्योंकि मप्र में जल्दी ही पंचायत चुनाव होने वाले हैं। इसकी अधिसूचना इसी माह लागू होने की संभावना है। इस चुनाव का परिणाम तय करेगा कि आगामी विधानसभा चुनाव में आदिवासी किसके साथ हैं?

महाकौशल के आदिवासियों को न्यौता

शिवराज सरकार ने 15 नवंबर को भोपाल में जनजातीय गौरव दिवस पर बड़ा आयोजन किया था। इसमें प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी शामिल हुए थे। इसके साथ ही पूरे सप्ताह आदिवासी बाहुल जिलों में एक सप्ताह तक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। जिसका समापन समारोह मंडला में हो रहा है। इसके लिए महकौशल के कई जिलों के आदिवासियों को न्यौता दिया जाएगा। इस दौरान मुख्यमंत्री राशन आपके द्वार योजना के तहत राशन वितरण के लिए कुछ वाहनों की चाबी हितग्राहियों को सौंपेंगे।

प्रदेश कार्यसमिति का मुख्य एजेंडा रहेगा पंचायत चुनाव व ट्राइबल

इस बीच, बीजेपी ने 26 नवंबर को प्रदेश कार्यसमिति की बैठक बुला ली है। माना जा रहा है कि बैठक का मुख्य एजेंडा पंचायत चुनाव की तैयारी और ट्राइबल वोट बैंक होगा। इससे पहले 25 नंवबर को प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक भी होगी। दरअसल, जनजातीय सम्मेलन में हर पंचायत से 4-4 हजार आदिवासियों को भोपाल लाने का टारगेट तय किया था। इस बैठक में इसकी समीक्षा भी की जाएगी।

बैठक में कार्यसमिति की बैठक भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा, राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री शिव प्रकाश, प्रदेश प्रभारी पी मुरलीधर राव सहित मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर,ज्योतिरादित्य सिंधिया, प्रहलाद पटेल, डाॅ वीरेंद्र कुमार, फग्गन सिंह कुलस्ते, राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति मोर्चा के अध्यक्ष लाल सिंह आर्य, ओमप्रकाश धुर्वे, सहित मध्यप्रदेश के राष्ट्रीय और प्रदेश पदाधिकारी शामिल होंगे ।

बता दें कि लगभग दो साल बाद सभी की मौजूदगी में प्रत्यक्ष तौर पर यह बैठक होगी। इससे पहले राजगढ़ और उज्जैन में भाजपा के प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक हुई थी। इस एक दिवसीय बैठक में चार सत्र होंगे। लंबे समय से कोरोना महामारी के कारण प्रदेश कार्यसमिति की बैठक वर्चुअल हो रही थी।

कमलनाथ ने श्वेत पत्र की मांग की तो गृह मंत्री ने दिया जवाब

कमलनाथ ने जनजातीय सम्मेलन आयोजित करने को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा कि शिवराज सिंह चौहान को 18 साल बाद आदिवासी याद आ रहे हैं। पहले इन्हें कभी आदिवासी याद नहीं आए। कमलनाथ ने कहा कि सीएम शिवराज को अपने 17 सालों का आदिवासियों के लिए किए गए कामकाज का हिसाब देना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री से श्वेत पत्र जारी करने की मांग की थी।

इसके जवाब में गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि पहले कमलनाथ खेद पत्र जारी करें कि उन्होंने 15 महीने की सरकार में कुछ नहीं किया। आजादी के बाद से कांग्रेस हमेशा इस समुदाय को धोखा देती आई है। हमारा श्वेत पत्र तो जोबट की जनता ने जारी कर दिया है।

इसलिए हो रही सियासत

आदिवासी बहुल इस इलाके में 84 विधानसभा क्षेत्र आते हैं। 2018 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 84 में से 34 सीट पर जीत हासिल की थी। वहीं, 2013 में इस इलाके में 59 सीटों पर बीजेपी को जीत मिली थी। 2018 में पार्टी को 25 सीटों पर नुकसान हुआ है। वहीं, जिन सीटों पर आदिवासी उम्मीदवारों की जीत और हार तय करते हैं, वहां सिर्फ बीजेपी को 16 सीटों पर ही जीत मिली है। 2013 की तुलना में 18 सीट कम है। अब सरकार आदिवासी जनाधार को वापस बीजेपी के पाले में लाने की कोशिश में जुटी है।

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