REWA : बाल विवाह रुका : 16 साल की दुल्हन को लेने घोड़ी चढ़कर पहुंचा था 45 साल का दूल्हा, मंडप में सपने हो गए चूर-चूर

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रीवा जिले के रायपुर कर्चुलियान थाना अंतर्गत सिरखिनी गांव में बीते दिन जिला प्रशासन ने सक्रियता दिखाते हुए एक बाल विवाह रोकवा दिया था। पुलिस के मुताबिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने सूझबूझ का परिचय देते हुए तुरंत आला अधिकारियों को सूचना दी थी।

जानकारी के बाद रायपुर कर्चुलियान के नायब तहसीलदार, महिला बाल विकास विभाग के अधिकारी और पुलिस टीम पहुंच गई। जहां किशोरी की अंकसूची देखी तो 18 साल से उम्र कम मिली। ऐसे में दोनों पक्षों को समझाया गया और बाल-विवाह होते-होते बच गया।

दावा है कि सिरखिनी गांव में बाल विवाह होने की जानकारी रविवार की शाम 6.45 बजे आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सविता सिंह द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई। सूचना मिलते ही परियोजना अधिकारी अंजना सिंह, सुपरवाइजर प्रीति उपाध्याय मौके पर पहुंच गई। जिन्होंने नायब तहसीलदार ममता पटेल और थाने से सब इंस्पेक्टर दिव्या उपाध्याय को मौके पर बुलाया।

इसके बाद वर और वधू पक्ष से बातचीत की। फिर किशोरी की कम उम्र का हवाला ​दिया। अधिकारियों ने कहा ​कि सरकार द्वारा तय गाइड लाइन के मुताबिक 18 वर्ष से कम उम्र की बच्चियों का कतई विवाह नहीं हो सकता है। ऐसे में बारात को गांव से लौटते हुए विवाह रोकवा दिया।

लड़की से तीन गुना उम्र का निकला दुल्हा

पूछताछ में गांव वालों ने बताया कि लड़की से तीन गुना उम्र का दुल्हा है। ऐसे में महिला बाल विकास ​के जिम्मेदारों ने बच्ची के परिजनों से अंकसूची मांगी। मार्कशीट के भौतिक सत्यापन में पता चला कि लड़की की उम्र अभी 16 साल 4 माह है। वहीं जिसके साथ शादी हो रही थी। उस दुल्हे की उम्र 45 से ज्यादा दी। ऐसे में अंकसूची को प्रमाण मानते हुए बाल विवाह रोकने की कार्रवाई पूर्ण की गई।

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