REWA : रीवा शहर की शादियों में महंगाई की मार : व्यंजन का तड़का महंगाई में भड़का, हलवाई और डीजे, डेकोरेशन के खर्च 30 फीसदी तक बढे

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कोरोना की दूसरी लहर के बाद रीवा शहर की शादियों में महंगाई की मार दिखने वाली है। दो सीजन तक बंद रहने वाले विवाह घर शुरुआत से ही बुकिंग के दाम बढ़ा रखे है। वहीं व्यंजन से लेकर हलवाई और डीजे, डेकोरेशन के खर्च 30 फीसदी तक बढ़ गए है। मैरिज गार्डन के संचालकों ने बताया कि जिन शादियों का बजट पिछले वर्षों तक 5 लाख हुआ करता था। वह चालू वर्ष 2021 में 6 लाख तक पहुंच चुका है।

बता दें कि देवउठनी एकादशी के बाद हिन्दू धर्म में शुभ कार्य शुरू हो जाएंगे। नवंबर माह में विवाह के 7 अच्छे मुहूर्त हैं। वहीं दिसंबर महीने में 6 अच्छे मुहूर्त है। वैवाहिक सीजन को लेकर बाजार में रौनक आ गई है। शादियों के कपड़े, ज्वेलरी, किराना आइटम सहित अन्य सामान खरीदे जा रहे हैं। वहीं लोगों के चेहरे पर चिंता की लकीरें भी दिख रही है। मंहगाई की वजह से बजट बिगड़ने से लोग परेशान हैं।

रीवा में एक सैकड़ा मैरिज गार्डन

नगर निगम की मानें तो रीवा शहर में एक सैकड़ा मैरिज गार्डन है। कोरोना की दूसरी लहर के बाद इस सीजन में सभी को अच्छी बुकिंग की उम्मीद है। जो नई बुकिंग है, उसका किराया बढ़ गया है। पूर्व में जहां 40 हजार से लेकर 2 लाख तक का किराया विवाह घर में लगता था। वहीं इस सीजन में यह खर्च बढ़कर 70 हजार से ढाई लाख तक पहुंच गया है।

पिछले साल की शादियां हो रही इस साल

गौरतलब है कि 15 अप्रैल 2021 से लॉकडाउन लग जाने की वजह से ज्यादातर लोगों के घरों में विवाह नहीं हो पाए थे। ऐसे में उस समय की तय शादियां अब ठंड के सीजन में हो रही है। हालांकि ठंड के मौसम की शादियों में गर्मी की अपेच्छा महंगाई रहती है। खासकर सब्जियों के दाम आसमार पर होते है।


व्यंजन का तड़का महंगाई में भड़का

कल्लू हलवाई ने बताया कि इस साल किराना आइटम के दामों में भारी मात्रा में बढ़ोत्तरी हुई है। रिफाइंड के दाम आसमान पर है। साथ ही टमाटर, प्याज, पत्ता गोभी सहित वैवाहिक सीजन में लगने वाली अन्य सब्जियों का तड़का महंगाई में भडका है। वहीं कैटरिंग से लेकर वेटर मनमाने दाम मांग रहे है।

महंगे आ रहे फूल

फूलों के बाजार में भी महंगाई की मार दिख रही है। इस वर्ष फूल मंहगे होने की वजह से वैवाहिक कार्यक्रमों में सजावट का खर्च बढ़ गया है। दूल्हे की गाड़ियों की सजावट का खर्च लगभग 20 फीसदी तक बढ़ा दिया है। लाइटिंग डेकोरेशन का खर्च भी बढ़ा है। वहीं जयमाल में लगने वाले फूल दिल्ली और कोलकाता से आ रहे है। साथ ही कुछ विशेष फूल विदेशी रहते है। जिनकी काफी डिमांड रहती है।

सोना और कपड़े भी महंगे

कपड़ा व्यापारियों की मानें तो 10 फीसदी रेट बढ़े हैं। डीजल महंगा होने से उत्पादन और परिवहन खर्च बढ़ा। हालांकि अब डीजल का भाव कुछ नीचे आया है। लेकिन कपड़ों के जो रेट बढ़ गए थे, वे नीचे नहीं आए। वहीं शादियों में ज्वेलरी का भी बड़ा खर्च रहता है। इस समय सोना 51 हजार रूपये (10 ग्राम) चल रहा है। कुछ समय पहले सोने के भाव में गिरावट थी। सोना 47 हजार हो गया था। लेकिन धीरे-धीरे फिर भाव बढ़ रहा है।

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