REWA : सरकार की नई गाइडलाइन : फुटपाथ पर रहने वालों को मिलेंगे सस्ते मकान, इडब्ल्यूएस मकानों के लिए ये होंगे पात्र, पात्रता के लिए होगा सर्वे

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रीवा। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के हितग्राही चयन को लेकर सरकार ने नई गाइडलाइन जारी कर दी है। जिसके तहत निर्धारित किए गए मानकों के अनुरूप ही हितग्राहियों का चयन किया जाएगा। इडब्ल्यूएस कैटेगरी के सस्ते मकानों के लिए अब फुटपाथ पर अस्थाई रूप से झोपड़े बनाकर रहने वाले लोग स्लम हितग्राही माने जाएंगे। इस कारण उन्हें केवल दो लाख रुपए में पक्का मकान मुहैया कराया जाएगा। इसी तरह ग्रीन बेल्ट सहित अन्य प्रतिबंधित क्षेत्रों में बसे लोगों को स्लम और गैर स्लम में चिन्हित करने के लिए नए सिरे से सर्वे कराने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। 

नदियों और नालों के किनारे बस्तियों का चयन यदि स्लम बस्ती के रूप में होता है तो वहां पर रहने वाले लोगों को सस्ते पर मकान उपलब्ध कराए जाएंगे। नगर निगम रीवा सहित जिले के नगर परिषदों के पास शासन की गाइडलाइन पहुंची है। जिसमें हितग्राहियों का चयन करने और मकानों का आवंटन करने से जुड़ी तमाम जानकारी दी गई हैं। नगरीय निकायों द्वारा लगातार कुछ बिन्दुओं पर संशय को लेकर पत्र भेजे जाते रहे हैं जिसके चलते शासन ने रीवा सहित प्रदेश भर के लिए नई गाइडलाइन ही जारी कर दी है। अब तक स्लम और नान स्लम बस्ती के हितग्राहियों को लेकर बड़ा संशय रहा है। स्पष्ट दिशा निर्देश नहीं होने की दशा में नगर निगम में शुरुआती दिनों में सभी हितग्राहियों को दो लाख रुपए में मकान देने के आश्वासन दिया गया, इसके लिए पंजीयन भी बड़ी संख्या में कराए गए थे लेकिन बाद में यह कहा गया कि स्लम बस्ती के हितग्राहियों के लिए दो लाख और नॉन स्लम बस्ती के हितग्राहियों के लिए ४.७५ लाख रुपए कीमत होगी।इसको लेकर हितग्राहियों की ओर से विरोध भी किया गया और कई लोगों ने अपनी राशि वापस भी ले लिया था। इसी तरह कई अन्य निर्देश स्पष्ट नहीं थे।

अनटेनेबल बस्ती में राजीव आवास योजना के नियम होंगे लागू

प्रधानमंत्री आवास योजना को भाजपा की सरकार अपना ड्रीम प्रोजेक्ट बता रही है। साथ ही केन्द्र में सरकार आते ही पूर्व संचालित राजीव गांधी आवास योजना को बंद कर दिया गया था। अब राजीव आवास योजना के नियमों को अपनी योजना में शामिल किया है। नई गाइडलाइन में कहा गया है कि अनटेनेबल बस्तियों के हितग्राहियों को भी इडब्ल्यूएस मकान की पात्रता दी जाएगी। इसमें उन बस्तियों को शामिल किया गया है जो पर्यावरण की दृष्टि से खतरनाक स्थलों पर बसी हुई हैं। नदी, तालाब के किनारे, पहाड़ी या अन्य दलदल स्थल की बस्तियों को भी इस श्रेणी में रखा गया है। इसके अलावा परिस्थितिक रूप से संवेदनीश स्थलों को भी शामिल किया गया है, जिसमें नेशनल पार्क, अभयारण्य क्षेत्र शामिल है। इसी तरह से सार्वजनिक उपयोगिता वाले क्षेत्रों में बसे लोग जिसमें सड़क, रेलवे टै्रक, ट्रंक या अन्य किसी तरह के बुनियादी ढांचे के लिए चिन्हित स्थल। इसमें भी स्पष्ट किया गया है कि किस तरह के हितग्राही सस्ते मकाने के लिए पात्र होंगे।

हितग्राहियों के नामों पर दावा-आपत्तियां भी ली जाएंगी

प्रधानमंत्री आवास योजना के एएचपी घटक के इडब्ल्यूएस मकानों का आवंटन करने से पहले स्लम और नान स्लम बस्तियों के हितग्राहियों के नामों के चयन को लेकर भी दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। शासकीय भूमि पर स्थापित बस्तियों में रहने वाले लोग चाहे वह पट्टाधारक हों या अतिक्रामक के रूप में कच्चे मकान या झोपड़े में रहते हों। ऐसे अविकसित क्षेत्रों को मलिन बस्ती के रूप में चिन्हित किया जाएगा। इन बस्तियों के लोगों को आवास योजना के हितग्राही के रूप में चिन्हित कर नाम सार्वजनिक किए जाएंगे और दावा-आपत्तियां ली जाएंगी। अंतिम निर्णय नगरीय निकायों की प्रशासकीय परिषद द्वारा किया जाएगा। स्लम बस्ती के हितग्राहियों को दो लाख में ही मकान मिलेंगे। नान स्लम में राज्यांश के डेढ़ लाख रुपए कम करने का निर्णय प्रदेश सरकार ने कुछ समय पहले ही लिया था। यह राशि हितग्राही को बाद में लौटाई जाएगी, पहले भुगतान करना होगा। रीवा में 4.75 लाख रुपए नान स्लम के मकानों की कीमत बताई गई है।

इडब्ल्यूएस मकानों के लिए ये होंगे पात्र

- हितग्राही की वार्षिक आय तीन लाख से कम और मध्यप्रदेश का मूलनिवासी हो।

- शासन द्वारा निर्धारित इडब्ल्यूएस श्रेणी की पात्रता हो।

- आवेदक या उसके परिवार के नाम पर देश में कहीं भी पक्का मकान नहीं बना हो।

- स्लम बस्तियों में झुग्गी या कच्चे मकान में रहता हो अथवा इस क्षेत्र में किराए पर हो।

- अनटेनेबल बस्ती का निवासी हो।

- नॉन स्लम एरिया में कच्चे मकान या फिर किराए के मकान पर हो।

मकान के लिए इन दस्तावेजों की जरूरत

इडब्ल्यूएस मकान के लिए अनिवार्य दस्तावेजों में आधार कार्ड, आवासहीन होने का स्वप्रमाण पत्र, वैवाहिक होने की स्थिति में पति-पत्नी की फोटो, अकेले की दशा में स्वयं का फोटो, बैंक खाते की कापी, स्लम बस्ती के हैं तो वहां पर आवेदक की मौजूदगी का फोटो, आय प्रमाण पत्र आदि। छूट के लिए हितग्राही को अतिरिक्त दस्तावेज देने होंगे जिसमें विकलांग की दशा में मेडिकल बोर्ड का प्रमाण पत्र, कच्चे आवास का पट्टा है तो प्रति, इसके अलावा अन्य स्वप्रमाणित प्रमाण पत्र भी मांगे जा सकते हैं।

आवास योजना के हितग्राहियों की नई गाइडलाइन आई है। जिसमें हितग्राहियों की पात्रता के साथ ही स्लम एवं नान स्लम के चयन के बिन्दु दिए गए हैं। पूरी गाइडलाइन का बिन्दुवार अध्ययन कर आगे की कार्ययोजना तैयार की जा रही है।

एपी शुक्ला, नोडल अधिकारी प्रधानमंत्री आवास योजना

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