MP : पंप संचालकों को झटका : पेट्रोल व डीजल की कीमतों में गिरावट आते ही परिवा के दूसरे दिन सस्ता तेल भराने वालों की उमड़ी भीड़

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जबलपुर। केंद्र सरकार और प्रदेश शासन के द्वारा करों में कटौती किए जाने से पेट्रोल व डीजल की कीमतों में गिरावट आई है। शहर में पेट्रोल की कीमत लगभग 11 रुपए 60 पैसे की कमी आई तो डीजल में भी 17 रुपए 04 पैसे प्रति लीटर की बड़ी राहत मिली है। शुक्रवार को परिवा के चलते शहर के अधिकतर पेट्रोल पम्प बंद थे। लेकिन, जो खुले थे, वहां पेट्रोल-डीजल भराने वाले टूट पड़े।

जिले में रोजाना 30 से 35 पैसे प्रतिलीटर दाम बढ़ रहे थे। 3 नवंबर तक कीमत आसमान पर थी। लोगों को पेट्रोल 118.81 रुपए और डीजल 107.92 रुपए प्रतिलीटर मिल रहा था। ऐसे में लोगों का बजट बिगड़ गया था। वहीं गरीब तबका और किसानों के लिए और बड़ी मुसीबत खड़ी हो गई थी। इसका असर महंगाई पर हो रहा था। वस्तुओं की कीमतें बढ़ रही थीं।

केंद्र की तरह राज्य ने की कटौती- पेट्रोल और डीजल पर जो टैक्स लगता है, उसे केंद्रीय सरकार और राज्य शासन ने घटाए हैं। इसका सीधा असर कीमतों पर हुआ है। केंद्र सरकार ने पेट्रोल में 5 तो डीजल पर 10 रुपए वैट घटाया है। वहीं राज्य सरकार ने डीजल और पेट्रोल पर अतिरिक्त कर में कटौती की है। ऐसे में प्रदेशभर में ईधन की कीमतें घट गई हैं। शहर में भी इसका असर हुआ है। लोगों को शुक्रवार के दिन 107 रुपए 21 पैसे पेट्रोल तो डीजल 90 रुपए 88 पैसे प्रति लीटर मिल रहा है।

पंप संचालकों को झटका - इस बीच कीमतें कम होने से पेट्रोल पंप संचालकों को बड़ा झटका लगा है। तेल कंपनियों में दीपावली और दूसरे दिन कामकाज नहीं होने की वजह से अपना स्टॉक दो दिनों के लिए कर लिया था। अमूमन सभी पंप संचालकों ने दो दिनों का स्टॉक किया था। एकाएक कीमतें घट गईं ऐसे में उन्होंने जिस दाम में पेट्रोल और डीजल डिपो से खरीदा था, उसे कम करके बेचना पड़ रहा है। औसतन एक पंप डीलर्स को 5 से 6 लाख रुपए का नुकसान उठाना पड़ा। जिले में करीब 120 पंप हैं। ऐसे में यह घाटा करोड़ों रुपए तक पहुंच गया। पेट्रोल-डीजल डीलर्स वेलफेयर एसोसिएशन के सचिव असगर अली ने बताया कि पंप कारोबारियों ने बड़ा स्टॉक रखा था। दामों में आई कटौती से उन्हें नुकसान हुआ है।

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