REWA : रीवा में चोरी का खुलासा : जिसको मेहमान नवाजी के लिए बुलाया उसी ने ही घर में डाला डाका, ऐसे पकड़ में आया आरोपी

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रीवा शहर के सिटी कोतवाली थाना अंतर्गत न्यू कालोनी पचमठा घोघर में हुई चोरी का खुलासा हो गया है। पुलिस के मुताबिक रिश्तेदार का बेटा ही चोर निकला है। जिसने शातिर दिमाग दौड़ाते हुए दावत में आए रिश्तेदार से स्कूटी मांगी। क्योंकि उस गुच्छे में घर के सभी कमरों की चाभी लगी थी। ऐसे में घूमने के बहाने अपने रिश्तेदार के सूने घर में जाकर ताला खोला। जहां पूरे घर की तलाश करते हुए आभूषण व नकदी पार कर दिए। जब पीड़ित परिवार सहित घर पहुंचा तो ताला बंद था।

लेकिन अंदर समान अस्त-व्यस्त था। ऐसे में तुरंत पुलिस को सूचना दी। जानकारी के बाद पहुंची पुलिस भी चोरी की कहानी सुनकर चौंक गई। लेकिन शक की सुई रिश्तेदार पर ही जा रही थी। जब आरोपी रिश्तेदार के बेटे को गिरफ्तार कर कड़ाई से पूछताछ की तो वह टूट गया। जिसके कब्जे से पुलिस ने चोरी गए 27500 रुपए, दो अंगूठी, दो कान का झाला, पायल जब्त कर लिया है। साथ ही आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।

जानकारी के मुताबिक 17 नवंबर को दोपहर 2 बजे न्यू कॉलोनी पचमठा घोघर निवासी कैश मनिहार पुत्र मुश्ताक (28) परिवार सहित बाणसागर समान निवासी रिश्तेदार बाबू खान के घर निमंत्रण में गया था। दावत के बाद सभी लोग शाम 7 बजे वापस घर लौटे। लेकिन देखा कि ताला सब बन्द था।

पर घर में अन्दर रखे नगदी 27500 रुपए और सोने की 2 अंगूठी, 1 जोड़ कान का झाला, 1 अन्य कान का झाला, चांदी की 1 जोड़ पायल कुल कीमती 95500 रुपए की सामग्री अज्ञात चोर चुरा ले गए। ऐसे में 18 नवंबर को सिटी कोतवाली थाने में पहुंचकर अपराध क्रमांक 825/2021 धारा 454,380 IPC का कायम कराया। जहां पुलिस ने तुरंत विवेचना शुरू की।

ऐसे पकड़ में आया आरोपी

पुलिस ने बताया कि मकान का ताला टूटा नहीं था, लेकिन चोरी की घटना हुई थी। ऐसी परिस्थिति में पुलिस का शक हुआ कि किसी परिचित ने ही मकान में चोरी की है। जांच में पता चला कि घटना दिनांक को जब फरियादी अपने रिश्तेदार के यहां गया था तो रिश्तेदार के पुत्र मो. शकील ने स्कूटी की चाभी मांगी थी। स्कूटी की चाभी में ही मकान में लगे ताले की चाभियां भी थी। तकरीबन 2 घंटे बाद शकील ने घर आकर फरियादी को स्कूटी की चाभी दे दी। पुलिस को जैसे ही इस बात का पता चला उन्होने संदेह के आधार पर आरोपी को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने मनोवैज्ञानिक तरीका अपननाते हुए पूछताछ की तो आरोपी ने चोरी स्वीकार कर ली। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने चोरी का माल भी बरामद कर लिया।

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