REWA : रीवा SP का अल्टीमेटम : लोकायुक्त की कार्यवाही से प्रदेश भर में पुलिस की बदनामी : अब कोई भी पुलिसकर्मी ट्रैपिंग में फंसता है तो नपेंगे थाना प्रभारी

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एक सप्ताह पहले गोविंदगढ़ निरीक्षक व एएसआई के खिलाफ हुई लोकायुक्त की कार्रवाई से रीवा पुलिस की प्रदेशभर में बदनामी हुई है। ऐसे में रीवा पुलिस कप्तान नवनीत भसीन ने पुलिस मुख्यालय भोपाल के पुराने आदेश का हवाला देकर नया आदेश जारी किया है।

16 नवंबर के जारी आदेश में एसपी ने कहा ​है कि यदि कोई भी पुलिसकर्मी लोकायुक्त की ट्रैपिंग में फंसता है तो वहां के संबंधित थाना प्रभारी नपेंगे। साथ ही पुलिस विभाग द्वारा उनके भूमिकाओं की जांच कराई जाएगी। यदि दोषी पाए गए तो निपटना तय है।

13 हजार की रिश्वत लेते ट्रैप हुए थे

बता दें कि 10 नवंबर को रीवा लोकायुक्त की टीम ने गोविन्दगढ़ थाना प्रभारी निरीक्षक एसएस बघेल व एएसआई देशराज सिंह परिहार को 13 हजार रुपए की रिश्वत लेते ट्रेप किया था। इन दोनों के ट्रेप होने से रीवा पुलिस की छवि प्रदेशभर में खराब हुई। ट्रैपिंग कार्रवाई के महज कुछ ही घंटे बाद एसपी नवनीत भसीन ने दोनों पुलिस अधिकारियों का निलंबन कर दिया था। ट्रैपिंग कार्रवाई के बाद गोविंदगढ़ के लिए कोई नया थाना प्रभारी नहीं मिल रहा था। ऐसे में नौबस्ता चौकी प्रभारी वीरेन्द्र सिंह को थाने का प्रभार सौंपा गया।

क्या है पीएचक्यू की गाइडलाइन

प्रदेशभर में लगातार पुलिसकर्मियों के खिलाफ हो रही लोकायुक्त ट्रैपिंग की कार्रवाई को देखते हुए 18 अगस्त 2015 को पीएचक्यू ने एक गाइडलाइन जारी की थी। इस गाइडलाइन में ट्रेप होने पर इकाई के प्रभारियों की भूमिका की जांच करने के निर्देश दिये थे। जिसके बाद मध्यप्रदेश में कई सालों तक हो-हल्ला रहा। पर समय गुजरने के साथ पुलिस अधिकारी संबंधित आदेश को भूल गए थे। लेकिन एक सप्ताह पहले हुई रीवा की कार्रवाई से एमपी में हड़कंप मच गया।

किसी भी हाल में न आए रिश्वत की शिकायत

जारी आदेश में एसपी ने अब साफ कर दिया है कि रिश्वत की शिकायत रीवा जिले के किसी भी थानें में नहीं आनी चाहिए। थानों में सभी प्रकरणों पर गंभीरता से कार्रवाई की जाए। साथ ही छोटी कार्रवाई से लेकर बड़ी कार्रवाई और थाना क्षेत्र के हर एक अपराध में प्रभारी बराबर नजर रखें। ध्यान रहे कि यदि इसके बाद भी पुलिसकर्मी ट्रेप होते हैं तो संबंधित थाना प्रभारियों की भूमिका अलग से जांची जाएगी। पत्र की काफी एएसपी, डीएसपी, सीएसपी और एसडीओपी को भेजी गई है।

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