सरकारें अलर्ट फिर आया कोरोना : नए वैरिएंट से कई देशों में हड़कंप, सबसे खतरनाक वैरिएंट है ‘ओमिक्रॉन’

रायपुर। बीते 2 साल तक लाखों लोगों की जिंदगी छीनने वाला कोरोना वायरस नए अवतार में सामने आया है.. कोरोना के नए वैरिएंट से कई देशों में हड़कंप मच गया है..WHO ने नए वैरिएंट का नाम ओमिक्रान रखा है…एक्सपर्ट का मानना है कि ओमिक्रॉन अब तक सबसे खतरनाक वैरिएंट है..बड़ी बात ये है कि दक्षिण अफ्रिका में नए वैरिएंट के सामने आने के बाद 210 फीसद मामले बढे हैं..आखिर कितना खतरनाक है ओमिक्रॉन..क्या इस वैरिएंट से देश में नई लहर आएगी..और इस नए अवतार से निपटने हम कितने तैयार हैं…

पिछले 2 साल से जिस कोरोना महामारी ने दुनिया को तबाह कर रखा है.. अब उसका 32वां वैरिएंट सामने आया है..जिसे नाम दिया गया है ओमिक्रान..जाहिर तौर पर कोरोना ने पिछले दो साल में लोगों को भावनात्मक और आर्थिक रूप से झकझोर दिया है..हिंदुस्तान ने दो साल में कोरोना की बड़ी दो लहर का सामना किया..जिसने न जाने कितने लोगों की जिंदगी छिन ली…मानव इतिहास में शायद पहली बार ऑक्सीजन, बैड और अस्पताल की किल्लत हुई..इस वायरस के वार ने अपनो को भी पराया बना दिया..

कोरोना ने कई परिवारों को इतना नुकसान पहुंचाया कि..जिससे ऊबर पाना शायद ही मुमकिन हो…कोरोना के नए वैरियंट ने एक बार फिर दुनिया के सामने नया संकट खड़ा कर दिया है…सरकारें अलर्ट पर हैं…वैज्ञानिक रिसर्च में जुट गए हैं…WHO जैसे संगठनों में बैठकों का दौर जारी है…और इस नए वैरिएंट ओमिक्रान को समझने की कोशिश हो रही है..

नए वैरिएंट को लेकर चिंता वाजिब है.. दावा किया जा रहा है कि ओमिक्रॉन अब तक का सबसे खतरनाक वैरियंट है..जो काफी संक्रामक है..और इसके खिलाफ वैक्सीन कितनी प्रभावी साबित होगी..ये बता पाने की स्थिति में कोई नहीं है.. यही वजह है कि… नए वैरिएंट की दस्तक के साथ कई सवाल भी खड़े हो रहे है.. क्या क्या दुनिया में एक बार फिर लॉकडाउन का खतरा मंडरा रहा है ? क्या कोरोना की तीसरी लहर का कारण बनेगा ओमिक्रॉन..? कोरोना के नए वैरिएंट पर क्या मौजूदा वैक्सीन काम करेगी ?

कोरोना के नए वेरिएंट के खतरे को देखते हुए केंद्र सरकार ने अलर्ट जारी कर दिया है.. और जिन 12 देशों में नए वैरिएंट के मामले सामने आए है…वहां से आने वाले यात्रियों के लिए स्क्रीनिंग अनिवार्य कर दिया गया है..केंद्र के निर्देश के बाद छत्तीसगढ़ का स्वास्थ्य विभाग एक्शन मोड में है..इसके अलावा टेस्टिंग, ट्रेसिंग और ट्रीटमेंट के फॉर्मूले पर भी कड़ाई से अमल करने की जिलों को सलाह दी गई है..नए वैरिएंट से प्रभावित इलाकों से आ रहे लोग यदि पॉजिटिव आते हैं तो उनके सैंपल एडवांस जांच के लिए भी भेजे जाएंगे..

बहरहाल साउथ अफ्रीका में मिले कोरोना के नए वैरिएन्ट को लेकर घबराहट का कारण सिर्फ इतना है कि अभी इसके व्यवहार को लेकर ज्यादा जानकारी नहीं है..इसे लेकर वैज्ञानिकों में अलग-अलग राय है..अभी इस नए वायरस के ऊपर रिसर्च होना बाकी है इसलिए डर का माहौल है…मौजूदा वैक्सीन इस पर काम करेगी ऐसी उम्मीद भी है…रिसर्च में कुछ हफ्तों का समय लग सकता है तब तक हम सभी को ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है..क्यों हमारी जरा सी चूक और लापरवाही फिर से कोरोना को हावी होने का मौका मिल जाएगा..

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