REWA : CJM कोर्ट में न्यायाधीश के सामने एक आरोपी ने दूसरी मंजिल से लगाई छलांग, वकीलों ने आरोपी को खदेड़कर पकड़ : जानिए मामला

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जिला न्यायायल परिसर स्थित सीजेएम कोर्ट में न्यायाधीश के सामने एक आरोपी ने दूसरी मंजिल से छलांग लगा दी। हादसे के बाद न्यायालय परिसर में अफरा-तफरी का माहौल निर्मित हो गया। तभी वकीलों ने हिम्मत दिखाते हुए आरोपी को खदेड़कर पकड़ लिया।

हालांकि इस वारदात में आरोपी बाल-बाल सुरक्षित बच गया है। घटना की सूचना के बाद पहुंची सिविल लाइन पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर पुन: सीजेएम कोर्ट में पेश की। जहां से उसे केन्द्रीय जेल रीवा ​भेज दिया गया है।

मिली जानकारी के मुताबिक वर्ष 2009 में सिविल लाइन थाना पुलिस ने मारपीट के एक मामले में आईपीसी की धारा 456 का अपराध जीतेन्द्र सोंधिया उर्फ धीरू पुत्र रामू सोंधिया (30) और राजेश सोंधिया उर्फ राजू के खिलाफ दर्ज हुआ था।

इस मामले में फरियादी शंकर लाल गुप्ता और भीमसेन गुप्ता थे। पुलिस के मुताबिक आरोपी और फरियादी पक्ष सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के पाण्डेय टोला के निवासी थे।

सीजेएम कोर्ट ने सुनाई एक साल की कैद व 5 हजार का जुर्माना

निरीक्षक अवनीश पाण्डेय ने बताया कि शनिवार को 4 बजे के आसपास दोनों को धारा 456 के मामले में एक-एक साल की सजा व 5-5 हजार का जुर्माना हुआ था। जैसे ही बहस पूरी होने के बाद सीजेएम कोर्ट के न्यायाधीश ने फैसला पड़ना शुरू किया। वैसे ही जीतेन्द्र सोंधिया ने न्यायायल की दूसरी मंजिल से छलांग लगा दी।

कूदा तो वकीलों के झोपड़े ​में गिरा

मौके पर मौजूद अधिवक्ताओं ने बताया कि सजा सुनने के बाद जीतेन्द्र सोंधिया सीधे जंप मार दिया। लेकिन नीचे वकीलों का झोपड़ा बना था। ऐसे में वह सुरक्षित तरीके से धीरे धीरे नीचे की ओर गिरा। जिससे उसको कहीं पर चोट नहीं लगी है। वहीं वकीलों के उपर अचानक से गिरे आरोपी से सब चौंक गए। लेकिन जब आरोपी भागने लगा तो सभी वकील पकड़ लिए।

सुरक्षित होने के कारण अस्पताल की जगह पहुंचा जेल

पुलिस सूत्रों का दावा है कि जिस हिसाब से मारपीट का आरोपी दूसरी मंजिल से छलांग लगाया है। उस हिसाब से वह सुरक्षित बच गया है। वरना सिविल लाइन पुलिस अस्पताल लेकर जाती। पर कोई बाहरी चोट न होने के कारण थाने में बयान के बाद कोर्ट में पेशकर जेल भेज दिया।

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