MP : सड़क हादसे में घायल को अस्पताल पहुंचा कर जान बचाने वाले को अब 5 हजार का इनाम, पुलिस बेवजह पूछताछ भी नहीं करेगी

कहीं भी अगर एक्सीडेंट में घायल कोई सड़क पर तड़पता दिखे तो उसे अस्पताल जरूर पहुंचाए। इस झंझट से उसे अनदेखा न करे कि पुलिस उससे ही पूछताछ करेगी व बेवजह कानूनी प्रक्रिया में शामिल कर लेगी। अब ऐसा कुछ नहीं होगा, घायल की मदद करने वाले से पुलिस अब कोई सवाल नहीं करेगी, उसे गवाही देना है तो दे उसकी स्वेच्छा पर यह निर्भर रहेगा। साथ ही किसी कि जान बचाने पर पांच हजार का इनाम भी मिलेगा।

रविवार को पुलिस कंट्रोल रूम पर रोड एक्सीडेंट में मरने वालों की याद में मनाए गए वर्ल्ड ट्रैफिक डे के मौके पर पुलिस अधिकारियों ने यह बात कहीं। हर साल देशभर में डेढ़ लाख के करीब एक्सीडेंट होते है। इनमें पचास प्रतिशत घायलों की मौत सिर्फ समय पर उपचार नहीं मिलने की वजह से हो जाती है। उज्जैन जिले में इस साल 850 एक्सीडेंट हुए है इनमें सवा सौ लोगों की मौत हुई व करीब डेढ़ सौ गंभीर घायल हुए।

एडिशनल एसपी डॉक्टर रवींद्र वर्मा ने बताया कोई भी घायल व्यक्ति की जान बचाने की दिशा में अगर किसी के माध्यम से प्रयास किया जाता है तो ऐसे व्यक्ति को न सिर्फ अब केंद्र सरकार की योजना के तहत पांच हजार रुपए का इनाम दिया जाएगा बल्कि वह गवाही अथवा पूछताछ से भी फ्री रहेगा।

जान बचाने वाले व्यक्ति अगर अपना नाम न चाहे तो उसे गोपनीय रखा जाएगा। बस लोगों से यहीं अपील है कि कोई भी सड़क पर घायल है तो उसकी जान बचाने के लिए जो मदद कर सकते है वह जरूर करे, आपकी यह मदद किसी कि जिदंगी बचा सकती है।

लोगों की मौजूदगी में हेलमेट बांटकर जागरूकता का संदेश, रैली भी निकाली

पुलिस कंट्रोल रूम पर वर्ल्ड ट्रैफिक डे के मौके पर एसपी सत्येंद्र कुमार शुक्ल ने एंबुलेंस का शुभारंभ किया। डीएसपी एचएन बाथम ने बताया इस मौके पर यातायात के नियमों को लेकर पूरे साल जागरूकता का परिचय देने वाले 21 लोगों को पुलिस अधीक्षक के हाथों हेलमेट वितरित कराए गए व एनसीसी छात्रों के माध्यम से शहर में जागरूकता रैली निकाली गई।

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