MP : राज्य साइबर पुलिस को मिली सफलता : 100 से अधिक ठगी के राज खुले, इस तरह ठगी को देता था अंजाम

राज्य साइबर पुलिस के हाथ एक शातिर ठग लगा है। तेलंगाना के इस 12वीं पास युवक ने इंटरनेट में महारथ हासिल कर देश के बड़े-बड़े इंजीनियर, डॉक्टर व पढ़े-लिखे लोगों को ठगा है। इंटरनेट पर फोन-पे, गूगल-पे सहित अन्य ई-वॉलेट कंपनियों के फेक कस्टमर केयर नंबर रजिस्टर्ड करा रखे थे। कोई भी पैमेंट फेल होने पर जब इंटरनेट से कस्टमर केयर का नंबर देखकर मदद मांगता था। इस पर यह ठग ANY DESK एप डाउनलोड कराकर टारगेट के मोबाइल को खुद ऑपरेट करने लगता था और चंद सेकेंड में बैंक अकाउंट खाली कर देता था। एक महिला को ठगने के बाद उसे साइबर एक्सपर्ट की टीम ने ट्रैप किया और पकड़ा है। उसने पूरे देश में ठगी की है। अब तक 100 लोगों से ठगी तो उसने कुबूल कर ली है। पुलिस को आशका है कि उससे और भी वारदातों का खुलासा हो सकता है।ठगी के पैसों को ट्रांसफर कराने के लिए इसने कई बैंक में कई खाते खुलवा रखे थे।

यह है पूरा मामला

राज्य साइबर पुलिस ग्वालियर एसपी सुधीर अग्रवाल ने बताया ग्वालियर की एक 35 वर्षीय सविता (बदला हुआ नाम) ने कुछ समय पहले वह पोन-पे पर एक ट्रांजेक्शन कर रही थीं। तभी किसी कारण उनका ट्रांजेक्शन फेल हो गया और राशि अकाउंट से कट गई। इसी को वापस लेने के लिए उन्होंने इंटरनेट पर सर्च कर कस्टमर केयर का नंबर निकाला था। कस्टमर केयर पर कॉल किया तो कॉल रिसीव करने के वाले ने एक लिंग भेजी और ANY DESK एप डाउनलोड करा दिया और मोबाइल को खुद ऑपरेट करने लगा और कुछ ही देर में अकाउंट खाली कर दिया। महिला के खाते से 2.54 लाख रुपए निकल गए। जिस पर महिला ने मामले की शिकायत राज्य साइबर पुलिस में की थी।

जिस पर राज्य साइबर की टीम ने छानबीन शुरू की। ठग के खाते एवं मोबाइल नंबर अलग- अलग जगह की लोकेशन के मिल रहे थे। साथ ही खातो में UPI और IMPS के माध्यम से पैसे तुरंत अलग वॉलेट एवं खातो में ट्रांसफर किया जा रहा था। जिसकी बजह से पुलिस मुख्य आरोपियों तक नहीं पहुंच पा रही थी। टीम ने टेक्निकल साक्ष्य इकठ्ठा किए तो आरोपी ठग का पता चल गया। मालूम चला कि वह तेलांगना में है। इसके बाद एक टीम वहां गई और उसे पकड़ने में सफलता पाई। पूछताछ में उसने अपना नाम मोहम्मद मुस्तफा पुत्र मोहम्मद जमाल निवासी मेडचल तेलंगाना बताया है।

इस तरह ठगी को अंजाम दिया करता

आरोपी ने करीब एक साल पहले इंटरनेट पर गूगल-पे, फोन-पे व अन्य ई-वॉलेट कंपनियों के कस्टमर केयर के नाम से अपना फर्जी नम्बर रजिस्टर्ड कर दिया था। जो भी व्यक्ति कस्टमर केयर नंबर सर्च करता तो उसको आरोपी का नंबर शो होता था। उसके बाद जो भी व्यक्ति कॉल करता उनकी समस्या सुनकर उनकी समस्या निराकरण के नाम पर उनका ई-वॉलेट अनस्टॉल करा कर दोबारा इनस्टॉल करवा देता था। जिससे उसको उनका MPIN नंबर मिल जाए। उसके बाद वरिष्ठ अधिकारी आप से बात करेंगे बोलकर अलग अलग फर्जी नंबर से दोबारा कॉल कर अपनी आवाज बदल कर उनके फोन में ANY DESK एप डाउनलोड करा देता था। उसके बाद उनके फोन का एक्सिस अपने फोन में लेकर UPI के माध्यम से पैसे अलग अलग जगहों के फर्जी खातो में ट्रांसफर कर देता था। आरोपी से कई फर्जी बैंक खाते भी जप्त किया गए।

गुजरात में सीखा ठगी का तरीका

मोहम्मद मुस्तफा को अमीर बनने की ख्वाहिश थी। इसलिए उसने इस काम को चुना। उसने यह काम गुजरात में रहकर सीखा था। काम सीखने के बाद ANY DESK से ले लेता था फोन का एक्सिस अपने हाथ में लेकर वारदात को अंजाम देता था। गुजरात में किसने उसे सिखाया यह खुलासा उसने किया है। पुलिस पूछताछ कर रही है।

खातों में लाखों का ट्रांजेक्शन

मोहम्मद मुस्तफा का वैसे तो देशभर में नेटवर्क फैला हुआ है, लेकिन सबसे ज्यादा उसने हैदराबाद से गुजरात एवं पश्चिम बंगाल तक अपना जाल फैला रखा था। जब उसके बैक अकांउट चैक किए गए तो लाखो के ट्रांजेक्शन मिला। अब पुलिस इस रकम को बरामद करने के लिए प्रयास कर रही है।

Powered by Blogger.