MP में कोरोना की दोगुनी रफ्तार : 40 दिनों में 24 जिलों में संक्रमित मिले, दिसंबर में आंकड़ा 152 पार

पड़ोसी राज्यों में ओमिक्रॉन की दस्तक के साथ ही मध्य प्रदेश में कोरोना की रफ्तार भी बढ़ गई है। एक महीने में कोरोना संक्रमितों की संख्या दोगुनी हो गई है। प्रदेश में 1 से 10 नवंबर के बीच 12 जिलों में 70 कोरोना पॉजिटिव मिले हैं, जबकि दिसंबर के शुरुआती 10 दिन में 152 केस रिकॉर्ड किए गए हैं। पिछले 40 दिन में 24 जिलों में संक्रमित मिले हैं। चार महीने में एक्टिव मरीजों की संख्या बढ़कर 156 पहुंच गई है।

40 दिन से लगातार मिल रहे केस

प्रदेश में भोपाल और इंदौर में लगातार कोरोना पॉजिटिव मिल रहे हैं। पिछले 40 दिन में एक भी बार ऐसा दिन नहीं आया, जब कोई संक्रमित नहीं मिला हो। इंदौर में एक दिन 8 नवंबर को कोई केस नहीं मिला था। बाकी यहां भी लगातार संक्रमित मिल रहे हैं।

एक ही दिन नए केस से ठीक होने की संख्या ज्यादा

प्रदेश में पिछले 10 दिन में मात्र एक दिन ऐसा आया, जब नए केस मिलने से ठीक हुए लोगों की संख्या ज्यादा थी। 1 से 10 दिसंबर के बीच 4 दिसंबर को 10 नए कोरोना संक्रमित मिले, जबकि ठीक होने वालों की संख्या 18 थी। इसके अलावा सभी दिन नए संक्रमितों की संख्या ज्यादा रही। ठीक होने वालों की कम।

छोटे जिलों में भी संक्रमण

भोपाल-इंदौर के अलावा अब प्रदेश के छोटे जिलों में संक्रमितों की संख्या मिल रही है। इसमें अधिकतर ट्रैवल हिस्ट्री वाले हैं। पिछले 40 दिन में 24 जिलों में संक्रमित मिले हैं। इनमें भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, अशोकनगर, शहडोल, अनूपपुर, छिंदवाड़ा, बैतूल, उज्जैन, होशंगाबाद, सिंगरौली, अलीराजपुर, रायसेन, दमोह, नरसिंगपुर, बालाघाट, धार, श्योपुर, सीहोर, नीमच, सागर, धार, राजगढ़।

इंदौर और भोपाल में कई छात्र भी चपेट में आए

इंदौर में 10 दिन में 9 बच्चे पॉजिटिव मिले हैं। सभी एसिम्प्टोमैटिक हैं। 3 को अस्पताल से डिस्चार्ज भी कर दिया गया। इनमें हाईरिस्क अफ्रीकी देश नाइजीरिया से लौटे 8 और 14 साल के भाई-बहन भी मिले हैं। इनके सैंपल जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए दिल्ली भेज दिए गए हैं। भोपाल में भी बच्चे पॉजिटिव मिले हैं। दो बच्चे अस्पताल में भर्ती हैं।

टेस्टिंग तो दूर, ट्रैकिंग ही नहीं

प्रदेश में 24 नवंबर से 6 दिसंबर तक विदेश में 1668 यात्री आए। इनमें से 785 यात्री ही ट्रैस हुए हैं। 883 यात्री लापता हैं। हाई रिस्क कंट्रीज से प्रदेश में 697 यात्री आए। इनमें से 523 के ही RTPCR के सैंपल लिए गए। यानी 174 की RTPCR जांच भी नहीं हुई। यानी विदेश से लौटे लोगों की टेस्टिंग तो दूर ट्रैकिंग भी नहीं हो पा रही है।

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