MP LIVE UPDATE : बुझ गए घर के चिराग : तीन भाई-बहन तालाब में डूबे

रायसेन जिले के जैथारी में तीन भाई-बहन तालाब में डूब गए। पिता गांव से बाहर और मां गांव में राशन की दुकान पर राशन लेने गई थी। इसी दौरान बच्चे तालाब में नहाने चले गए। जब मां वापस लौट कर आई तो उसे घर में बच्चे दिखाई नहीं दिए। वह बच्चों को तलाशते हुए तालाब के पास पहुंची। वहां बच्चों के कपड़े और चप्पल दिखाई दी। बच्चों के कपड़े देखते ही मां बिलख पड़ी। उसकी चीख-पुकार सुनकर गांव के लोग वहां आ गए। गांव के कुछ लोगों ने तालाब से बच्चों के शव बाहर निकाल लाए।

जैथारी चौकी प्रभारी संतोष सिंह दांगी ने बताया कि सिलवानी तहसील के कुअरखेड़ी गांव के रहने वाले राधेश्याम बंशकार देवरी में रघुराज रघुवंशी के खेत की रखवाली करता है। यहां वह टपरी बनाकर रहता है। राधेश्याम सुबह काम करने कुंअरखेड़ी गांव गया था। घर पर उसकी पत्नी मनका बाई थी। दोपहर में वो भी राशन लेने गांव की राशन की दुकान चली गई। इस दौरान घर पर विशाखा (8), जानकी (6) और विवेक (4) अकेले थे। दोपहर एक बजे के आसपास जानकी और विवेक खेत के पास तालाब नुमा गडढ़े में छिपकर नहाने चले गए। जब ये दोनों डूबने लगे तो विशाखा उन्हें बचाने के लिए पानी में कूद गई। इसी दौरान एक-दूसरे को बचाने के चक्कर में तीनों बच्चे पानी में डूब गए और उनकी मौत हो गई।

पिता और पुलिस को जानकारी दी

बच्चों की मां ने घर पर देखा कोई नहीं मिला तो वो दौड़ कर घर के आसपास ढूंढने लगी। तभी वो ढूंढते हुए तालाब के पास पहुंची। जहां उसे बच्चों के कपड़े वहीं पास में पड़े दिखाई दिए। ये देखते ही मां पागल हो गई और चिल्लाने लगी। आवाज सुनकर गांव वाले आ गए। उन्होंने तालाब में छलांग लगा दी और बच्चों को तालाब से बाहर निकाला। बच्चे मृत थे। इसी दौरान ग्रामीणों ने फोन कर बच्चों के पिता को इसकी सूचना दी और पुलिस को मामले की जानकारी दी।

पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा

मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। मामले में मार्ग कायम करके उन्होंने बच्चों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। पुलिस फिलहाल मामले की जांच में जुट गई।

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