MP : अजब गजब; पन्ना जिले के ये पुलिस अफसर साइकिल में बिठाकर लाये नई नवेली दुल्हन : जमकर बटोर रहे सुर्खियां

निवाड़ी. नई नवेली दुल्हन को हवाई जहाज और लक्जरी गाड़ियों में बारात के साथ लाने के नजारे तो आपने बहुत देखे और सुने होंगे। लेकिन एक पुलिस अफसर का अपनी नवेली दुल्हन को साइकिल पर बिठाकर विदाई करवाने का वीडियो जमकर सुर्खियां बटोर रहा है। ये पुलिस अधिकारी और कोई नहीं मप्र के निवाड़ी एसडीओपी संतोष पटेल हैं। वे पन्ना जिले के अजयगढ़ के देवगांव के रहने वाले हैं। पटेल ने बैतूल में अपनी परिवीक्षा अवधि पूरी की थी। इसलिए यह वीडियो निवाड़ी, पन्ना के साथ बैतूल में भी जमकर चर्चा में बना हुआ है।

पटेल की शादी 29 नवंबर को चंदला के गहरावन गांव की रहने वाली रोशनी से हुआ है। उन्होंने शादी की हर रस्म ग्रामीण परिवेश और रीति रिवाजों से निभाई है। उनकी यह शादी तब सुर्खियाें में आई जब वे साइकिल में बिठाकर दुल्हन को लेकर जाते नजर आए। शादी के दौरान पटेल में बुंदेली दूल्हे की झलक देखने को मिली। दूल्हा आलीशान सेहरा नहीं, बल्कि खजूर का मुकुट लगाए हुए था।

पटेल ने बताया कि आज पारिवारिक रस्मों पर भी आधुनिकता हावी हो गई है। यही वजह है कि हम अपनी परंपराओं से दूर होते जा रहे हैं। ऐसे में हमारी संस्कृति पीछे छूटती जा रही है। यही सब विचार कर अपनी शादी में सामाजिक वैवाहिक परंपराओं का पालन किया, जो पुरातन से चली आ रही है। यह सब करके मैंने कोई बड़ा काम नहीं किया है। बताते हैं कि लोग आज भी ऐसे परिधान शादी में पहनते हैं और पहनते भी रहेंगे।

ऐसे थे दूल्हे के ठाठ, दुल्हन भी ऐसे सजी

दूल्हा बने एसडीओपी पटेल खजूर के पेड़ के पत्तों का मौर और भारतीय परिधान पहने हुए थे। जबकि दुल्हन ने भी ठेट भारतीय सीधे पल्ले की चुनरी पहन रखी थी। दूल्हा-दुल्हन को लाने, ले जाने में भी मोटर गाड़ी का नहीं पालकी का ही प्रयोग किया गया। इस अनूठी शादी में लोगों ने पुरानी संस्कृति के नजारे का खूब लुत्फ उठाया। बुंदेली परंपरा के साथ हुए इस विवाह के बाद जब पटेल अपनी दुल्हनिया को विदा कराकर लाए और हाथे लगवाने के लिए गांव के मंदिर जाने निकले तो उन्होंने साइकिल का इस्तेमाल किया। सपरिवार मंदिर जाने के लिए निकले एसडीओपी साहब अपनी दुल्हनिया को साइकिल पर बिठाकर चले।

पिता भी थे हतप्रभ

अधिकारी बेटे की ऐसी शादी ने पिता जानकी प्रसाद पटेल को भी हैरान कर दिया। शादी के पहले जब तैयारियों के लिए संतोष पटेल झोपड़ी से लेकर अग्निकुंड तक बनवा रहे थे, तब उनके पिता को यह सब कुछ अजीब लग रहा था, उन्हें लग रहा था कि ऐसा करने से लोग कहीं उनका मजाक नहीं बनाने लगे, लेकिन जब उन्होंने बेटे की पुरातन परंपराओं के प्रति जुड़ाव देखा तो उन्हें बेहद खुशी हुई। पटेल की शादी में शामिल हुए डॉक्टर गजेंद्र निरंजन बताते हैं कि शादी में सबकुछ भारतीय परंपराओं और संस्कृति के लिहाज से तैयारियों को देखकर वह अचंभे में पड़ गए थे, लेकिन उन्हें संतोष की इस सादगी को देखकर बेहद प्रसन्नता हुई।

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