MP : प्रदेश के पांच मेडिकल कॉलेजों में रीवा का नाम शामिल : जीनोम सिक्वेंसिंग मशीन से एक दिन में मिलेगी कोरोना की हर जांच रिपोर्ट

देश-प्रदेश के बड़े अस्पतालों की तर्ज पर अब रीवा श्याम शाह मेडिकल कॉलेज में कोरोना के हर वैरिएंट की जांच होगी। मेडिकल कॉलेज में पदस्थ मायक्रोबायलॉजी विभाग एवं वायरोलॉजी लैब के प्रमुख डॉ. अमरेश निगुड़गी ने कहा कि रीवा में जीनोम सिक्वेंसिंग मशीन लगने से काफी फायदा होगा।

दावा किया कि नए वैरिएंट की जांच के लिए हमें अब दिल्ली सैंपल नहीं भेजना पड़ेगा। यहां मशीन लगने से हम जल्दी जांच कर रिपोर्ट दे सकेंगे। उन्होंने कहा कि हम बेहतर सेवाएं देने के लिए पूरी तरह तत्पर हैं।

बता दें कि प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने बीते दिनों केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया से मुलाकात की थी। तब सारंग ने मध्यप्रदेश को कोरोना के हर वेरिएंट से लड़ने के लिए 5 जीनोम सिक्वेंसिंग मशीनें मांगी थी। जिसमें एक मशीन रीवा श्याम शाह मेडिकल कॉलेज को भी मिल रही है। इसके अलावा भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में भी ये सुविधा मिल सकेगी।

कोरोना कंट्रोल में मिलेगी मदद

​दुनियाभर में कोरोना के नए-नए वैरिएंट सामने आ रहे हैं। ऐसे में रीवा में ही जीनोम सिक्वेसिंग मशीन लगने से रिपोर्ट जल्दी प्राप्त होगी। जाहिर है कि जब रिपोर्ट जल्दी आएगी तो आवश्यक व्यवस्थाएं उस हिसाब से जल्दी की जाएगी। जिससे कारण कोरोना कंट्रोल करने में मदद मिलेगी। रीवा में यह मशीन लगने से संभाग के चारों जिलों रीवा, सतना, सीधी और सिंगरौली पॉजिटिव केस की वैरिएंट जांच आसान हो जाएगी। अभी तक दिल्ली से जांच रिपोर्ट आने में दस दिन से ज्यादा का समय लगता था। लेकिन यह मशीन लगने के बाद एक दिन में ही रिपोर्ट हाथ में होगी।

6 सैंपल रीवा से भेजे गए

कोरोना के नए वैरिएंट की जांच के लिए रीवा जिले से 6 सेंपल जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए भेजे गए हैं। हालांकि इधर कोरोना के नए केस एक भी सामने नहीं आए हैं। सतना में बीते माह जो एक केस आया था, उसे वायरोलॉजी लैब के माध्यम से जीनोम सिक्वेसिंग के लिए दिल्ली भेजा गया। कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन को लेकर फिलहाल इस क्षेत्र में राहत है।

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