REWA : खबर का असर : शिक्षा विभाग का बड़ा मामला : 26 वर्षों से बिना भवन के संचालित हो रही थी प्राथमिक पाठशाला : महज 6 घंटे में आदेश हुआ जारी

                      

                मामला हरिजन बस्ती प्राथमिक मैदानी विद्यालय मर्ज हुई हाईस्कूल मैदानी मे।

( ग्राउंड एमपी 17 ऋतुराज द्विवेदी की रिपोर्ट )  रीवा जिले में शिक्षा विभाग की उदासीनता का बड़ा मामला सामने आया है। यहां शासकीय प्राथमिक पाठशाला हरिजन बस्ती मैदानी 26 वर्षों से बिना भवन के संचालित हो रही थी। फिर जिम्मेदारों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। हालांकि बीते माह रीवा कलेक्टर इलैयाराजा टी ने मर्ज करने के आदेश तो दे दिए। लेकिन अंत में यह आदेश जिला शिक्षा परियोजना कार्यालय में अटक गया है। जिसके चलते स्कूल को मर्ज करने की प्रक्रिया शिथिल हो गई।

रीवा न्यूज़ मीडिया की खबर का असर 

मामले को संज्ञान में आते हैं जिला कलेक्टर इलैया राजा टी ने डीपीसी रीवा को उक्त विद्यालय को समीपवर्ती एक किलोमीटर की परिधि में हाईस्कूल मैदानी में मर्ज करने का निर्देश दिया लेकिन डीपीसी इस मामले को टालने में लगे रहे।

रीवा न्यूज़ मीडिया मे खबर प्रकाशित होते ही मामले को गंभीरता से लेते हुए जिले के तेज तर्रार कलेक्टर इलैयाराजा टी ने तत्काल भवन विहीन प्राथमिक विद्यालय हरिजन बस्ती मैदानी को शासकीय हाई स्कूल मैदानी में मर्ज करने का आदेश जारी कर दिया।

​बता दें कि संकुल केन्द्र शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यायल मार्तंड क्रमांक 3 अंतर्गत शासकीय प्राथमिक पाठशाला हरिजन बस्ती मैदानी पूर्ण रूपेण भवन विहीन है। सूत्रों का दावा है कि कलेक्टर के आदेश का पालन जिला शिक्षा केन्द्र के डीपीसी को करना था। लेकिन तब से लेकर अब तक संबंधित फाइल डीपीसी कार्यालय में कैद है।

सत्र 1994-95 से चल रहा स्कूल

स्कूल की शिक्षिका की मानें तो मैदानी ​हरिजन बस्ती का स्कूल सत्र 1994-95 में संचालन शुरू हुआ था। तब बस्ती के बीच में स्कूल खोलने के आदेश हुए थे। शुरूआती दौर में ईजीएस के रूप में स्कूल संचालित थी। इसके बाद प्राथमिक स्कूल के रूप में तब्दील हो गई। लेकिन स्कूल के लिए भवन उपलब्ध नहीं कराया गया। अब भवन विहीन स्कूल में नाममात्र के बच्चे पढ़ते है। हालांकि दो​ शिक्षकों को वेतन दिया जाता है। इसी बात की जानकारी मिलने पर कलेक्टर ने स्कूल को मर्ज करने के आदेश जारी किए थे।

शासकीय प्राथमिक पाठशाला हरिजन बस्ती में बीते माह तक दर्जनभर बच्चों के बीच में दो शिक्षक पदस्थ थे। लेकिन पिछले दिनों शिक्षक कृपाशंकर चतुर्वेदी द्वारा डिजिलेप ग्रुप में अश्लील वीडियो डालने के आरोप में डीईओ ने निलंबित कर गंगेव विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय अटैच कर दिया था। तो वहीं दूसरी पदस्थ शिक्षक अर्चना साकेत अपने घर में विद्यालय लगाकर मोटी रकम वसूल रही थी । तब से यह स्कूल एक शिक्षिका के भरोसे संचालित हो रही है।


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