REWA : नर्सिंग परीक्षा के प्रशिक्षण के लिए 31 दिसंबर तक लिये जायेंगे आवेदन फॉर्म


अनुसूचित जाति कल्याण विभाग द्वारा संचालित परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केन्द्र में नर्सिंग प्रवेश परीक्षा हेतु नि:शुल्क प्रशिक्षण के लिये आवेदन 31 दिसंबर तक प्राप्त किये जायेंगे।

प्राचार्य परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण ने बताया कि पूर्व में आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 15 दिसंबर थी। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के अभ्यर्थी अपना आवेदन पत्र कार्य दिवसों में कार्यालयीन समय में उपस्थित होकर कार्यालय में जमा कर सकते हैं। 

राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल पर आनलाइन आवेदन आज तक किये जा सकेंगे

राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल पर शैक्षणिक सत्र 2021-22 के लिये दिव्यांग विद्यार्थियों के लिये प्री-मैट्रिक, पोस्ट मैट्रिक व टाप क्लास छात्रवृत्ति हेतु आनलाइन आवेदन 15 दिसंबर तक किये जा सकेंगे। संयुक्त संचालक सामाजिक न्याय अनिल दुबे ने बताया कि प्राप्त आवेदनों का 31 दिसंबर तक संस्था द्वारा आनलाइन सत्यापन किया जायेगा। उन्होंने संस्था प्रमुख से आग्रह किया है कि पात्र अधिक से अधिक दिव्यांग विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति योजनाओं का लाभ नियत समय सीमा में आवेदन कराकर दिलाया जाना सुनिश्चित करें ताकि कोई भी पात्र दिव्यांग छात्रवृत्ति से वंचित न रहे।

रोज़गार के अवसर सृजित करती जल प्रदाय परियोजना

नगरीय विकास एवं आवास विभाग के उपक्रम मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कम्पनी द्वारा हर घर नल से जल के साथ स्किल इण्डिया की संकल्पना को भी साकार करने के प्रयास किए जा रहे हैं। यदि कोई जल प्रदाय परियोजना पानी के साथ रोजी-रोटी की व्यवस्था भी कर दे तो "इसे सोने पे सुहागा" ही कहा जायेगा। मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कम्पनी द्वारा एशियन डेवलपमेंट बैंक के सहयोग से पहले चरण में 64 और दूसरे चरण में 66 जल प्रदाय परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है।

पहले चरण के 64 निकायों में परियोजनाओं से महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने एवं आत्म-निर्भर बनाने के लिए कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में महिलाओं को नल कनेक्शन की प्रक्रिया, नल सुधारने का कार्य, बिल जेनरेशन एवं वितरण और डाटा संग्रहण जैसे कार्य तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा सिखाए जा रहे हैं। निकाय में जल प्रदाय की व्यवस्था प्रारंभ होने पर प्रशिक्षित महिलाओं के हाथ में ही सप्लाई व्यवस्था रहेगी। इसके अलावा नल सुधारने और उससे जुड़े कार्य कर महिलाएँ धन अर्जित कर सकती हैं। कंपनी द्वारा संविदाकारों को निर्देशित भी किया जा रहा है कि वॉटर सप्लाई प्रारंभ होने पर प्राथमिकता के आधार पर प्रशिक्षित महिलाओं को रोज़गार दें।

मध्यप्रदेश अर्बन डेवलमपेंट कम्पनी के संभागीय स्तर पर मौजूद परियोजना क्रियान्वयन इकाइयों के सामुदायिक विकास अधिकारियों द्वारा कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम का नियोजन और समन्वय किया जाता है। एक प्रशिक्षण कार्यक्रम में लगभग 25 से 30 महिलाएँ हिस्सा लेती हैं। तकनीकी विशेषज्ञ प्रयोगिक तरीके से महिलाओं को उपयोगी उपकरणों का डिमास्ट्रेशन देते हैं। स्थानीय नगर परिषद के अधिकारियों द्वारा भी महिलाओं को समुदाय से संवाद स्थापित करने के गुण सिखाए जाते हैं। अभी तक कम्पनी की 13 इकाइयों में 500 से अधिक महिलाओं को रोजगार मूलक प्रशिक्षण दिया जा चुका है। कम्पनी के माध्यम से क्रियान्वित जल-प्रदाय परियोजनाओं से निकायों में स्वच्छ जल तो उपलब्ध होगा ही साथ ही रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।

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