REWA : 7 PCC सड़कों के फर्जीवाड़े का मामला : पूर्व सरपंच एवं फर्म संचालक गिरफ्तार, चार आरोपियों को पहले ही पकड़ा जा चूका है


रीवा जिले के सिरमौर जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत बरौं में 7 PCC सड़कों के फर्जीवाड़े में शामिल पूर्व सरपंच एवं फर्म संचालक को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के मुताबिक तत्कालीन सचिव, रोजगार सहायक सहित दो फर्मों के संचालकों समेत चार आरोपियों को पहले ही पकड़ा जा चुका था।

इस मामले में तत्कालीन सरपंच विनीता पटेल और श्री हनुमान ट्रेडर्स के संचालक एवं पूर्व सरपंच विजय सिंह फरार थे। जिसमे विजय सिंह को बीते दिन गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया है। सूत्रों की मानें तो बरौं ग्राम पंचायत के भ्रष्टाचार में शामिल और भी आरोपी पुलिस के रडार में है।

ये है मामला
सेमरिया थाना प्रभारी अशोक गर्ग ने बताया कि तत्कालीन सचिव शैलेंद्र सिंह, सरपंच विनीता पटेल, रोजगार सहायक गजेंद्र पाण्डेय सहित अन्य के द्वारा 7 पीसीसी सड़कों के निर्माण के नाम पर 40 लाख रुपए का गबन किया गया था। जिससे शासन को क्षति पहुंची थी। तब वरिष्ठ कार्यालय के निर्देश पर सेमरिया थाने में आरोपीगण के विरूद्ध धारा 420, 409 आईपीसी व भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत केस पंजीबद्ध किया था।

जांच में मिला था बड़ा भ्रष्टाचार
जांच के दौरान पाया कि बरौं के विभिन्न टोलों में 7 PCC सड़कों का निर्माण करना था। तब आरोपीगण द्वारा 40 लाख रुपए विभिन्न फर्म के संचालकों में (श्री हनुमान ट्रेडर्स के संचालक विजय सिंह) सहित अन्य के खाते में रुपए भेजकर राशि का बंदरबाट कर लिया। वहीं गांव में कोई भी निर्माण कार्य नहीं कराया गया। क्योंकि वास्तव में फर्म संचालकों द्वारा कोई मटेरियल सप्लाई ही नहीं की गई। बल्कि शासकीय राशि का गबन कर लिया गया।

ये आरोपी पहले हो चुके है गिरफ्तार
अधिकारियों का दावा है कि ग्राम पंचायत बरौं का सचिव आरोपी शैलेन्द्र सिंह, रोजगार सहायक गजेंद्र पाण्डेय, साईं ट्रेडर्स संचालक ओंकार सिंह निवासी बैकुंठपुर, एमएस राधाकृष्णन फर्म के संचालक बृजेन्द्र तिवारी निवासी बरौं को पूर्व में ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। पुलिस का दावा है कि फरार चल रहे तत्कालीन सरपंच की भी जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।

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