REWA : 98 वर्षीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी जनार्दन शुक्ला का निधन : राजकीय सम्मान के साथ पार्थिव शरीर को तिरंगा झंडा में सौंपा

रीवा जिले के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी जनार्दन शुक्ला का निधन हो गया है। उन्होंने अंतिम सांस रविवार को सिहोर स्थित बेटे के आवास पर ली। निधन की सूचना के बाद जिला प्रशासन ने पार्थिव शरीर बैकुंठपुर थाना अंतर्गत गृह ग्राम बड़ी हर्दी बुलाया गया था। जहां स्थानीय प्रशासन द्वारा राजकीय सम्मान के साथ उनके पार्थिव शरीर को तिरंगा झंडा सौंपा गया।

इसके बाद गार्ड ऑफ आनर देकर अंतिम विदाई दी गई। फ्रीडम फाइटर को मुखाग्नि उनके बेटे ने दी है। जनार्दन शुक्ला के निधन की खबर मिलते ही सिरमौर अंचल में शोक की लहर दौड़ गई है। उनके अंतिम दर्शन के लिए क्षेत्र के सैकड़ों लोग पहुंचे है।

बैकुंठपुर थाना प्रभारी निरीक्षक राजकुमार मिश्रा ने बताया कि सोमवार को शाम 4 बजे बड़ी हर्दी में फ्रीडम फाइटर जनार्दन शुक्ला का गार्ड ऑफ आनर देकर अंतिम संस्कार कराया गया है। सिरमौर तहसीलदार जितेन्द्र तिवारी ने पार्थिव शरीर को तिरंगा झंडा से लिपटाया गया।

साथ ही, परिजनों को सहयोग राशि और ताम्रपत्र दिया गया। इसके बाद मध्यप्रदेश पुलिस के जवानों ने फायर कर अंतिम​ विदाई दी। अग्नि प्रज्वलित करने से पहले आसपास के समाजवादी नेताओं व जनप्रतिनिधि सहित गणमान्य नागरिक पुलिस और प्रशासन के लोगों ने उनको श्रद्धांजलि दी।

गोवा आंदोलन में लिया था भाग

बता दें कि 98 वर्षीय जनार्दन शुक्ला रीवा जिले के सबसे कम उम्र के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी में से एक थे। जिन्होंने 1942 में गोवा आंदोलन में यमुना प्रसाद शास्त्री के साथ आंदोलन का नेतृत्व किया था। अंग्रेजी हुकुमत ने तब उनको गिरफ्तार कर लिया था। उस दौरान कई दिनों तक वे जेल में बंद थे।

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